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दो टूक फरमान: छात्र नेता पहले पंजाब यूनिवर्सिटी को करें शिकायत, फिर उच्चाधिकारियों को भेजें
Tue, 21 Apr 2020 02:58 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 21 Apr 2020 02:58 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस
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इधर लॉकडाउन और कर्फ्यू के दौर चल रहा है, उधर पंजाब यूनिवर्सिटी के कुछ छात्र नेता कैंपस अधिकारियों के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं। वह पीयू के अफसरों को शिकायत बताने से पहले सीधे उप राष्ट्रपति व पीएमओ कार्यालय को चिट्ठी भेज रहे हैं। वहां से जवाब मांगा जा रहा है तो यहां के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पीयू की ओर से सभी छात्र नेताओं से कहा गया है कि वह पहले शिकायतें पीयू को बताएं और यहां समाधान न होने पर ही दूसरी जगह दरवाजा खटखटाएं।
हाल ही में पीयू की ओर से एक बैठक की गई थी और उसके बाद उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये यह बताया गया कि पीयू की ओर से ऑनलाइन कक्षाओं का बेहतर संचालन चल रहा है और यह कोर्स नौ मई तक पूरा कर लिया जाएगा। उसके 15 दिन के अंदर सभी परीक्षाएं समाप्त कर ली जाएंगी और रिजल्ट भी समय रहते जारी हो जाएगा। इसका विरोध छात्रसंघ अध्यक्ष चेतन चौधरी ने किया और उन्होंने उपराष्ट्रपति को शिकायत भेजी। वहां से पीयू के पास मेल आया और जवाब मांगा गया।
उसके बाद एनएसयूआई अध्यक्ष निखिल नरमेटा ने चांसलर समेत कई जगह मेल भेजा। उन्होंने कहा कि नए शैक्षिक सत्र में पहले सेमेस्टर में गरीब विद्यार्थियों की फीस माफ की जाए। क्योंकि लॉकडाउन के कारण उनके पास फीस जमा करने की रकम नहीं है। इनके अलावा कुछ अन्य मेल भी उच्चाधिकारियों तक पहुंचे। पीयू से ऊपर से जवाब पर जवाब मांगे गए। सूत्रों का कहना है कि पीयू ने इसी को ध्यान में रखते हुए छात्रों व छात्र नेताओं को फोन व मेल करके अवगत कराया कि वह शिकायतें सीधे पहले उच्चाधिकारियों के पास न भेजें। पीयू को अवगत कराएं। समस्या का समाधान कराने के हरसंभव प्रयास होंगे।
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हाल ही में पीयू की ओर से एक बैठक की गई थी और उसके बाद उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये यह बताया गया कि पीयू की ओर से ऑनलाइन कक्षाओं का बेहतर संचालन चल रहा है और यह कोर्स नौ मई तक पूरा कर लिया जाएगा। उसके 15 दिन के अंदर सभी परीक्षाएं समाप्त कर ली जाएंगी और रिजल्ट भी समय रहते जारी हो जाएगा। इसका विरोध छात्रसंघ अध्यक्ष चेतन चौधरी ने किया और उन्होंने उपराष्ट्रपति को शिकायत भेजी। वहां से पीयू के पास मेल आया और जवाब मांगा गया।
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उसके बाद एनएसयूआई अध्यक्ष निखिल नरमेटा ने चांसलर समेत कई जगह मेल भेजा। उन्होंने कहा कि नए शैक्षिक सत्र में पहले सेमेस्टर में गरीब विद्यार्थियों की फीस माफ की जाए। क्योंकि लॉकडाउन के कारण उनके पास फीस जमा करने की रकम नहीं है। इनके अलावा कुछ अन्य मेल भी उच्चाधिकारियों तक पहुंचे। पीयू से ऊपर से जवाब पर जवाब मांगे गए। सूत्रों का कहना है कि पीयू ने इसी को ध्यान में रखते हुए छात्रों व छात्र नेताओं को फोन व मेल करके अवगत कराया कि वह शिकायतें सीधे पहले उच्चाधिकारियों के पास न भेजें। पीयू को अवगत कराएं। समस्या का समाधान कराने के हरसंभव प्रयास होंगे।
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