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कोरोनाः पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव हो सकते हैं लेट, मतदाता पंजीकरण की तारीख आगे बढ़ी
Tue, 07 Apr 2020 01:52 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 07 Apr 2020 01:52 PM IST
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कोरोना महामारी के चलते पूरा देश लॉकडाउन है। ऐसे में तमाम काम प्रभावित हो रहे हैं। उसी में से एक पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेट चुनाव का कार्यक्रम भी है। माना जा रहा है कि चुनाव की तिथि आगे बढ़ाई जा सकती है। इस पर मंथन चल रहा है। इसके अलावा वोट बनाने की तिथि 30 अप्रैल तक है, लेकिन आधा समय तो लॉकडाउन में गुजर गया। ऐसे में वोट बनवाने के लिए भी एक माह का अतिरिक्त समय दिया जा सकता है। इस पर विचार चल रहा है।
वोट बनाने की तिथि बढ़ाकर 30 अप्रैल की, लेकिन बनवाना आसान नहीं
पीयू के संचालन की सबसे बड़ी बॉडी सीनेट है। हर चार साल बाद इसके चुनाव होते हैं। इसी साल के आखिरी माह तक चुनाव संपन्न कराने की योजना बनाई गई थी। कार्यक्रम भी लगभग जारी हो गया था। इससे पहले वोट बनाए जाते हैं। यह वोटर वह होते हैं जो पंजाब यूनिवर्सिटी से स्नातक कर चुके होते हैं। यही सीनेट चुनाव में वोट डालते हैं। 30 मार्च तक का समय वोट बनवाने के लिए रखा गया था, लेकिन उसी बीच लॉकडाउन लग गया।
तमाम युवाओं के वोट नहीं बन पाए। उसी समय इस तिथि को बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया गया। 14 अप्रैल तक भी लॉक डाउन है। यानी आधा माह गुजर गया। साथ ही लॉकडाउन की स्थिति आगे भी बने रहने के आसार हैं। ऐसे में चुनाव के लिए वोट बनवाना कठिन होगा। इसके लिए समय बढ़ाने की आवश्यकता होगी। इस पर विचार किया जा रहा है।
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वोट बनाने की तिथि बढ़ाकर 30 अप्रैल की, लेकिन बनवाना आसान नहीं
पीयू के संचालन की सबसे बड़ी बॉडी सीनेट है। हर चार साल बाद इसके चुनाव होते हैं। इसी साल के आखिरी माह तक चुनाव संपन्न कराने की योजना बनाई गई थी। कार्यक्रम भी लगभग जारी हो गया था। इससे पहले वोट बनाए जाते हैं। यह वोटर वह होते हैं जो पंजाब यूनिवर्सिटी से स्नातक कर चुके होते हैं। यही सीनेट चुनाव में वोट डालते हैं। 30 मार्च तक का समय वोट बनवाने के लिए रखा गया था, लेकिन उसी बीच लॉकडाउन लग गया।
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तमाम युवाओं के वोट नहीं बन पाए। उसी समय इस तिथि को बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया गया। 14 अप्रैल तक भी लॉक डाउन है। यानी आधा माह गुजर गया। साथ ही लॉकडाउन की स्थिति आगे भी बने रहने के आसार हैं। ऐसे में चुनाव के लिए वोट बनवाना कठिन होगा। इसके लिए समय बढ़ाने की आवश्यकता होगी। इस पर विचार किया जा रहा है।
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मार्च 2021 तक इसी सीनेट को मिल सकती है कार्य करने की अनुमति
सूत्रों का कहना है कि अप्रैल के आखिरी सप्ताह तक विश्वविद्यालय बंद रहते हैं तो मई माह वोट बनवाने के लिए दिया जा सकता है। वोट बनने के बाद उम्मीदवारों को भी प्रचार-प्रसार के लिए समय की आवश्यकता होगी। ऐसे में समय और चाहिए। वोट बनवाने का समय बढ़ेगा तो सीनेट चुनाव का कार्यक्रम भी आगे बढ़ेगा। माना जा रहा है कि मार्च 2021 तक इसी सीनेट को कार्य करने की अनुमति मिल सकती है। कुछ सीनेटरों ने तो यह बात उठाई भी है।
सीनेट में हैं 90 सीटें
सीनेट का संचालन 90 उम्मीदवार करते हैं। इनमें से 35 सदस्यों का चुनाव चांसलर की ओर से किए जाते हैं। इसके अलावा 10 सीटें पदेन होती हैं। 15 सीटों का चुनाव स्नातक वोटर्स करते हैं। चार सीटें कैंपस फैकल्टी की होती हैं। बाकी कॉलेजों को भी सीटें दी जाती हैं। उसके लिए भी चुनाव होते हैं। सीनेट का चुनाव प्रतिष्ठा से जुड़ा होता है। ऐसे में सभी गुट अपने-अपने चेहरे उतारते हैं और पूरी ताकत से चुनाव लड़वाते हैं। इस बार कोविड-19 के चलते पूरा कार्यक्रम ही प्रभावित हो रहा है। चुनाव को लेकर निर्णय भी ठोस नहीं हो पा रहे हैं।
सीनेट में हैं 90 सीटें
सीनेट का संचालन 90 उम्मीदवार करते हैं। इनमें से 35 सदस्यों का चुनाव चांसलर की ओर से किए जाते हैं। इसके अलावा 10 सीटें पदेन होती हैं। 15 सीटों का चुनाव स्नातक वोटर्स करते हैं। चार सीटें कैंपस फैकल्टी की होती हैं। बाकी कॉलेजों को भी सीटें दी जाती हैं। उसके लिए भी चुनाव होते हैं। सीनेट का चुनाव प्रतिष्ठा से जुड़ा होता है। ऐसे में सभी गुट अपने-अपने चेहरे उतारते हैं और पूरी ताकत से चुनाव लड़वाते हैं। इस बार कोविड-19 के चलते पूरा कार्यक्रम ही प्रभावित हो रहा है। चुनाव को लेकर निर्णय भी ठोस नहीं हो पा रहे हैं।