फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Coronavirus, Lockdown, Curfew, Punjab University Prepared Face Shield

सरकार के आदेश पर पंजाब यूनिवर्सिटी ने तैयार की फेस शील्ड, पहली खेप डीआरडीओ को भेजी

Wed, 08 Apr 2020 04:41 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 08 Apr 2020 04:41 PM IST
विज्ञापन
Coronavirus, Lockdown, Curfew, Punjab University Prepared Face Shield
फेस शील्ड - फोटो : अमर उजाला
देशभर में कोरोना से हालात दिन-प्रतिदिन खराब होते जा रहे हैं। केसों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सकों व अन्य स्टाफ के पास पर्सनल प्रोटेक्ट इक्यूपमेंट यानी पीपीई की भारी कमी है। भविष्य को देखते हुए देश को 10 लाख फेस शील्ड की जरूरत है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए पीयू के यूआईईटी के डिजाइन इनोवेशन सेंटर की टीम ने रिसर्च एडवाइजर प्रो. राकेश तुली के नेतृत्व में टीम ने पहले चरण में 20 फेस शील्ड तैयार किए हैं। यह डीआरडीओ को भेज दिए गए हैं। यह पीजीआई की चिकित्सकों के पास पहुंचेंगे।
विज्ञापन


बजट का अभाव है, यदि सरकार से इस सेंटर को बजट मिलता है या प्राइवेट पार्टनशिप मिलती है तो यह सेंटर काफी संख्या में फेस शील्ड तैयार कर सकता है। हालांकि 50 फेस शील्ड यह सेंटर अपने खर्च से तैयार करेगा। केंद्र सरकार ने पीपीई आदि की व्यवस्था के लिए डीआरडीओ को जिम्मा दिया है। टेंडर भी इसके लिए आयोजित किए गए। पूरे देश को दस लाख से अधिक फेस शील्ड की आवश्यकता होगी, लेकिन इसकी पूर्ति आसान नहीं। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी विश्वविद्यालयों को पत्र लिखे गए और पीपीई आदि बनाने के लिए कहा गया।
विज्ञापन


पीयू के डिजाइन इनोवेशन सेंटर ने पहल की और तीन मशीनों की मदद से 20 फेस शील्ड तैयार किए हैं। इस टीम में डॉ. ममता, डॉ. प्रशांत जिंदल के अलावा छात्र विकास और साहिल ने यह तैयार किए। रिसर्च एडवाइजर प्रो. राकेश तुली कहते हैं कि उनके पास एक विदेशी मशीन है, जो 40 लाख कीमत की है। इसी मशीन को ध्यान में रखकर स्टूडेंट्स ने दो मशीनें तैयार कीं, जिसकी लागत महज एक लाख आई है। कुल तीन मशीनें हैं। एक मशीन प्रतिदिन थ्री डी फेस शील्ड 20 तक बना सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि कोरोना के जिस तरह केस बढ़ रहे हैं उससे साफ है कि पीपीई की बहुत जरूरत होगी। इस रीजन यानी चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा व हिमाचल प्रदेश को लगभग 10 हजार फेस शील्ड की कुछ दिनों में जरूरत पड़ सकती है। उन्होंने बताया कि प्राइवेट पार्टनरशिप यदि मिलती है तो इस काम को आगे बढ़ाएंगे। बजट का अभाव है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed