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कोरोनाः पंजाब यूनिवर्सिटी माफ कर सकती है जून का हॉस्टल किराया, 8000 स्टूडेंट्स को मिलेगी राहत
Sat, 11 Apr 2020 12:21 PM IST
खुशबू गोयल
सुशील कुमार, चंडीगढ़
सुशील कुमार, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 11 Apr 2020 12:21 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी हॉस्टल
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पंजाब विश्वविद्यालय इस बार हॉस्टलों में रह रहे आठ हजार स्टूडेंट्स को राहत दे सकता है। इसकी तैयारियां चल रही हैं। जून माह का किराया इन विद्यार्थियों का माफ किया जा सकता है। स्टूडेंट्स काउंसिल ने इसकी पहल की है। काउंसिल ने कहा है कि इस बार शैक्षिक सत्र जुलाई तक चलने के आसार हैं। फिलहाल, जून का किराया विद्यार्थियों से न लिया जाए। मई तक का किराया यह स्टूडेंट्स पहले ही जमा कर चुके हैं। स्टूडेंट काउंसिल के नेताओं को अधिकारियों की ओर से आश्वासन मिला है। पंजाब विश्वविद्यालय में 20 हॉस्टल हैं। इनमें लगभग आठ हजार छात्र-छात्राएं रहते हैं।
पीयू प्रशासन हर बार विद्यार्थियों से किराया हॉस्टल का एडवांस लेता है। शैक्षिक सत्र का अंतिम माह मई माना जाता है, इसलिए जनवरी माह में ही मई तक का किराया ले लिया जाता है। जो इस बार भी विद्यार्थियों से लिया गया। इसके बाद 22 मार्च से कोरोना के कारण लॉकडाउन लग गया और विद्यार्थी अपने घर पर चले गए, जो 14 अप्रैल तक हॉस्टलों में नहीं आ पाएंगे। ऐसे में 24 दिन विद्यार्थी हॉस्टलों में नहीं पहुंचेंगे। यदि लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ाया गया तो इन विद्यार्थियों के कुल अवकाश 40 दिन के हो जाएंगे।
लॉकडाउन के कारण इस बार परीक्षाएं भी पीयू प्रशासन मई में आयोजित नहीं कर पाएगा। मई में परीक्षाएं होती थीं और जून में रिजल्ट जारी होते थे। जुलाई में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू होती थी, लेकिन इस बार लगभग एक माह सभी कार्यक्रम लेट होंगे। माना जा रहा है कि पीयू इस बार परीक्षाएं मई माह के आखिरी सप्ताह से लेकर जून माह तक करवाएगा। जरूरत पड़ी तो जुलाई में भी कुछ परीक्षाएं हो सकती हैं, लेकिन यह लॉकडाउन के खुलने पर निर्भर करेगा।
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विद्यार्थियों को चिंता यह सता रही है कि जून में एग्जाम होंगे तो उन्हें हॉस्टलों में एक माह अतिरिक्त रहना होगा। मई तक का किराया तो वह दे चुके हैं, लेकिन जून का किराया पीयू प्रशासन ले सकता है। यह बात विद्यार्थियों ने स्टूडेंट काउंसिल के जरिये पीयू प्रशासन के पास पहुंचाई। इन नेताओं ने पीयू के अधिकारियों से बात की जहां उन्हें आश्वासन मिला है।
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पीयू प्रशासन हर बार विद्यार्थियों से किराया हॉस्टल का एडवांस लेता है। शैक्षिक सत्र का अंतिम माह मई माना जाता है, इसलिए जनवरी माह में ही मई तक का किराया ले लिया जाता है। जो इस बार भी विद्यार्थियों से लिया गया। इसके बाद 22 मार्च से कोरोना के कारण लॉकडाउन लग गया और विद्यार्थी अपने घर पर चले गए, जो 14 अप्रैल तक हॉस्टलों में नहीं आ पाएंगे। ऐसे में 24 दिन विद्यार्थी हॉस्टलों में नहीं पहुंचेंगे। यदि लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ाया गया तो इन विद्यार्थियों के कुल अवकाश 40 दिन के हो जाएंगे।
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लॉकडाउन के कारण इस बार परीक्षाएं भी पीयू प्रशासन मई में आयोजित नहीं कर पाएगा। मई में परीक्षाएं होती थीं और जून में रिजल्ट जारी होते थे। जुलाई में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू होती थी, लेकिन इस बार लगभग एक माह सभी कार्यक्रम लेट होंगे। माना जा रहा है कि पीयू इस बार परीक्षाएं मई माह के आखिरी सप्ताह से लेकर जून माह तक करवाएगा। जरूरत पड़ी तो जुलाई में भी कुछ परीक्षाएं हो सकती हैं, लेकिन यह लॉकडाउन के खुलने पर निर्भर करेगा।
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विद्यार्थियों को चिंता यह सता रही है कि जून में एग्जाम होंगे तो उन्हें हॉस्टलों में एक माह अतिरिक्त रहना होगा। मई तक का किराया तो वह दे चुके हैं, लेकिन जून का किराया पीयू प्रशासन ले सकता है। यह बात विद्यार्थियों ने स्टूडेंट काउंसिल के जरिये पीयू प्रशासन के पास पहुंचाई। इन नेताओं ने पीयू के अधिकारियों से बात की जहां उन्हें आश्वासन मिला है।
500 रुपये भी होने चाहिए माफ
लॉकडाउन के दौरान हॉस्टलों में रह रहे लगभग 200 स्टूडेंट के पास खर्च की रकम खत्म हो गई थी। वह साबुन, तेल, टूथपेस्ट तक नहीं खरीद पा रहे थे। पीयू प्रशासन ने 500 रुपये तक का सामान कैंटीन या अन्य शॉप से खरीदने के लिए आदेश जारी कर दिए।
इसके लिए फिलहाल दुकानदार या कैंटीन-मेस संचालन पैसे की मांग नहीं करेंगे। यह किराया पीयू प्रशासन या मेस संचालक विद्यार्थियों के खाते से वसूल करेगा, जब स्थिति सामान्य हो जाएगी। छात्रों ने मांग की है कि यह रकम उनकी माफ करनी चाहिए। देश-दुनिया में लोग दान कर रहे हैं और यहां जो मदद दी जा रही है वह वापस ली जाएगी।
स्टूडेंट्स से मई तक का किराया पहले ही लिया जा चुका है। इस माह में एग्जाम हो जाते थे। जून में छुट्टियां पड़ जाती थीं, लेकिन इस बार जून में परीक्षाएं होने की उम्मीद है। ऐसे में विद्यार्थियों को जून में हॉस्टलों में रहना होगा। इनसे किराया न लिया जाए, इसके लिए अधिकारियों से बात हो गई है। उन्होंने इसको लेकर आश्वासन दिया है।
- चेतन चौधरी, अध्यक्ष पीयूसीएससी
इसके लिए फिलहाल दुकानदार या कैंटीन-मेस संचालन पैसे की मांग नहीं करेंगे। यह किराया पीयू प्रशासन या मेस संचालक विद्यार्थियों के खाते से वसूल करेगा, जब स्थिति सामान्य हो जाएगी। छात्रों ने मांग की है कि यह रकम उनकी माफ करनी चाहिए। देश-दुनिया में लोग दान कर रहे हैं और यहां जो मदद दी जा रही है वह वापस ली जाएगी।
स्टूडेंट्स से मई तक का किराया पहले ही लिया जा चुका है। इस माह में एग्जाम हो जाते थे। जून में छुट्टियां पड़ जाती थीं, लेकिन इस बार जून में परीक्षाएं होने की उम्मीद है। ऐसे में विद्यार्थियों को जून में हॉस्टलों में रहना होगा। इनसे किराया न लिया जाए, इसके लिए अधिकारियों से बात हो गई है। उन्होंने इसको लेकर आश्वासन दिया है।
- चेतन चौधरी, अध्यक्ष पीयूसीएससी