फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Construction of the campus will be built in 16 years in PU probe

पीयू कैंपस में 16 वर्षों में बने सभी कंस्ट्रक्शन की होगी जांच

Sun, 18 Dec 2016 12:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 18 Dec 2016 12:47 AM IST
विज्ञापन
Construction of the campus will be built in 16 years in PU probe
Panjab University - फोटो : amar ujala

पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) कैंपस में वर्ष 2000 से बनाई गई सभी एकेडमिक और रिहायशी बिल्डिंग के निर्माण से जुड़े दस्तावेजों की जांच होगी। पीयू के कई विभागों की बिल्डिंग, हॉस्टल और भवनों के निर्माण के कुछ समय बाद ही शिकायतें आनी शुरू हो गई थीं। 

विज्ञापन


निर्माण कार्य में गोलमाल के आरोपों के बाद  शनिवार को पीयू कुलपति ने मामले के जांच के आदेश दिए। इस फैसले से पीयू कैंपस में पिछले 16 वर्षों में बनाई गई सभी बिल्डिंग के टेंडर आवंटन से लेकर निर्माण सामग्री की एक्सपर्ट जांच करेंगे।
विज्ञापन


इसके बाद जांच रिपोर्ट सीनेट में रखी जाएगी। शनिवार को पीयू में 2016-20 सत्र की पहली सीनेट में कैंपस में बिल्डिंग निर्माण में घोटाले को लेकर जमकर हंगामा हुआ। मामले में कमेटी गठित करने और अगली सिंडीकेट में पूरा रिकार्ड पेश करने के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। मामले में कुलपति ने स्पेशल सीनेट बुलाने की बात भी कही। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पीयू कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर  ने कंस्ट्रक्शन मामले से जुड़े सभी मामलों की जांच के लिए हाईपावर कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया। साथ ही अगली सिंडीकेट मीटिंग में पिछले 16 सालों में सभी बिल्डिंग से जुड़ा पूरा रिकार्ड पेश किया जाएगा। 

पीयू प्रशासन बिल्डिंग निर्माण में घटिया सामान की जांच के लिए प्राइवेट जांच एजेंसी की मदद भी ले सकता है। पीयू सीनेटर और यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज (यूआईएलएस) के डॉ. अजय रंगा ने मामले को प्रमुखता से उठाया।

डॉ. रंगा ने बताया कि दो साल पहले तैयार हुई बिल्डिंग की खस्ता हालत होने लगी है। रंगा ने पीयू कैंपस में बने कॉलेज भवन और सेक्टर-25 कैंपस में हॉस्टल नंबर-7 की खस्ता हालत का मुद्दा उठाया।


 डॉ. रंगा ने कहा कि उन्होंने 2015 में भी कंस्ट्रक्शन क्वालिटी को लेकर सवाल उठाए थे। लेकिन अभी तक मामले में रजिस्ट्रार ऑफिस की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। कंस्ट्रक्शन की जांच मामले को सीनेटर रघुबीर बंसल और डॉ. एचएस गौशल ने भी उठाया। डॉ. रंगा ने सीनेट में बताया कि कई बिल्डिंग के पत्थरों को कीलों के सहारे रोका गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed