{"_id":"5b9b84c9867a557ecf605edd","slug":"choice-based-credit-system-in-haryana-universities-and-colleges","type":"story","status":"publish","title_hn":"हजारों कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए खबर, आर्ट्स वाले पढ़ सकेंगे साइंस-कॉमर्स के सब्जेक्ट","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
हजारों कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए खबर, आर्ट्स वाले पढ़ सकेंगे साइंस-कॉमर्स के सब्जेक्ट
संदीप रामायण, अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
Updated Fri, 14 Sep 2018 03:22 PM IST
विज्ञापन
कॉलेज स्टूडेंट्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कॉलेजों व यूनिवर्सिटी में यूजी कोसों में पढ़ने वाले विद्यार्थी अब आईआईटी की तर्ज पर अनिवार्य विषयों के साथ अपने रुचिकर विषय भी पढ़ सकेंगे। हायर एजुकेशन अगले सेशन से कॉलेजों में व विश्वविद्यालयों में चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम नियम लागू करने जा रहा है। निदेशालय ने इन नियम को लागू करने के लिए एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस नियम का सबसे ज्यादा लाभ आर्ट के विद्यार्थियों को होगा। आर्ट के विद्यार्थी साइंस के विषयों के नहीं पढ़ पाते थे। पर साइंस के विद्यार्थी आर्ट के विषयों का अध्ययन कर सकते हैं।
इस नियम के लागू होने से आर्ट के विद्यार्थी कॉमर्स व साइंस के विषय भी पढ़ सकेंगे। चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम नियम को प्रदेश के सभी कॉलेजों में व विश्वविद्यालयों में लागू करने के लिए हायर एजुकेशन निदेशालय में पंचकूला में वर्कशॉप आयोजित हुई। उच्चतर शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव ज्योति अरोड़ा ने हरियाणा के उच्चतर शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता सुधार विषय पर आयोजित वर्कशॉप में प्रदेशभर के 16 विश्वविद्यालयों से आए प्रतिनिधियों का मार्गदर्शन किया।
हरियाणा के उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र व गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी हिसार के सहयोग से वर्कशॉप आयोजित की गई। इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य यूजीसी की ओर से दिए प्रस्तावित ‘अध्ययन के परिणाम पर आधारित’ सिलेबस तैयार करने के लिए विचार-विमर्श करना था। यूजीसी ने इस फ्रेमवर्क को 3 विषयों में आवंटित किया है। वर्कशॉप में जीजेयू के कुलपति प्रो. टंकेश्वर मुख्य रूप से मौजूद थे।
विज्ञापन
एनसीसी की एयरविंग ले सकेंगे आर्ट के विद्यार्थी
चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम नियम लागू होने से आर्ट के विद्यार्थी एनसीसी की एयरविंग ले सकेंगे। नियमानुसार एयरविंग लेने के लिए विद्यार्थी के पास केमिस्ट्री, फिजिक्स व मैथ विषय होने अनिवार्य हैं। ऐसे में आर्ट के विद्यार्थी एयरविंग लेने से वंचित रह जाते थे। सिर्फ साइंस के विद्यार्थी ही एयरविंग ले सकते थे।
उच्चतर शिक्षण संस्थानों को लगातार अपनी शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार करके गुणवत्ता बढ़ानी चाहिए। सभी विश्वविद्यालयों को चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को लागू करने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया गया है। इसके लिए हायर एजुकेशन निदेशालय पंचकूला में उच्चतर शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव ज्योति अरोड़ा ने एक वर्कशॉप की, जिसमें प्रदेश के 12 विश्वविद्यालयों ने भाग लिया। इस नियम के लागू होते ही विद्यार्थियों को बहुत लाभ होगा।
- प्रो. टंकेश्वर, वाइस चांसलर, जीजेयू
हायर एजुकेशन निदेशालय का ये एक सराहनीय कदम है। इस नियम के लागू होने से विद्यार्थियों को बहुत लाभ होगा। आर्ट के विद्यार्थी साइंस के विषय लेने से वंचित रह जाते थे। ये नियम लागू होने से ऐसा नहीं होगा। विद्यार्थियों में अपनी पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी।
- पीएस रोहिल्ला, प्राचार्य गवर्नमेंट कॉलेज
विज्ञापन
इस नियम के लागू होने से आर्ट के विद्यार्थी कॉमर्स व साइंस के विषय भी पढ़ सकेंगे। चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम नियम को प्रदेश के सभी कॉलेजों में व विश्वविद्यालयों में लागू करने के लिए हायर एजुकेशन निदेशालय में पंचकूला में वर्कशॉप आयोजित हुई। उच्चतर शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव ज्योति अरोड़ा ने हरियाणा के उच्चतर शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता सुधार विषय पर आयोजित वर्कशॉप में प्रदेशभर के 16 विश्वविद्यालयों से आए प्रतिनिधियों का मार्गदर्शन किया।
विज्ञापन
हरियाणा के उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र व गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी हिसार के सहयोग से वर्कशॉप आयोजित की गई। इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य यूजीसी की ओर से दिए प्रस्तावित ‘अध्ययन के परिणाम पर आधारित’ सिलेबस तैयार करने के लिए विचार-विमर्श करना था। यूजीसी ने इस फ्रेमवर्क को 3 विषयों में आवंटित किया है। वर्कशॉप में जीजेयू के कुलपति प्रो. टंकेश्वर मुख्य रूप से मौजूद थे।
विज्ञापन
एनसीसी की एयरविंग ले सकेंगे आर्ट के विद्यार्थी
चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम नियम लागू होने से आर्ट के विद्यार्थी एनसीसी की एयरविंग ले सकेंगे। नियमानुसार एयरविंग लेने के लिए विद्यार्थी के पास केमिस्ट्री, फिजिक्स व मैथ विषय होने अनिवार्य हैं। ऐसे में आर्ट के विद्यार्थी एयरविंग लेने से वंचित रह जाते थे। सिर्फ साइंस के विद्यार्थी ही एयरविंग ले सकते थे।
उच्चतर शिक्षण संस्थानों को लगातार अपनी शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार करके गुणवत्ता बढ़ानी चाहिए। सभी विश्वविद्यालयों को चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को लागू करने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया गया है। इसके लिए हायर एजुकेशन निदेशालय पंचकूला में उच्चतर शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव ज्योति अरोड़ा ने एक वर्कशॉप की, जिसमें प्रदेश के 12 विश्वविद्यालयों ने भाग लिया। इस नियम के लागू होते ही विद्यार्थियों को बहुत लाभ होगा।
- प्रो. टंकेश्वर, वाइस चांसलर, जीजेयू
हायर एजुकेशन निदेशालय का ये एक सराहनीय कदम है। इस नियम के लागू होने से विद्यार्थियों को बहुत लाभ होगा। आर्ट के विद्यार्थी साइंस के विषय लेने से वंचित रह जाते थे। ये नियम लागू होने से ऐसा नहीं होगा। विद्यार्थियों में अपनी पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी।
- पीएस रोहिल्ला, प्राचार्य गवर्नमेंट कॉलेज