लॉकडाउन ने विद्यार्थियों में बढ़ाया आलस, अभिभावक बोले- बच्चों को सुधारें टीचर  

विज्ञापन
Nivedita verma कविता बिश्नोई, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 20 Feb 2021 04:19 PM IST
लॉकडाउन के दौरान छात्रों में बढ़ा आलस।
लॉकडाउन के दौरान छात्रों में बढ़ा आलस। - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
लॉकडाउन के कारण लगभग दस महीने बच्चे स्कूलों से दूर रहे हैं। ऐसे में उन्हें सुबह स्कूल आने के लिए उठना भी नहीं पड़ता था। सरकार ने विद्यार्थियों के लिए हाजिरी भी अनिवार्य नहीं कर रखी है। इसकी वजह से विद्यार्थियों में रात को देरी से सोना, सुबह जल्दी न उठना, घंटों मोबाइल पर व्यस्त रहना जैसी आदतें बढ़ गई हैं। कई स्कूलों में अभिभावक स्कूल प्रबंधन को ई-मेल और फोन के जरिए बच्चों की काउंसलिंग की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन


सरकार ने स्कूलों को खोलने के आदेश तो दे दिए हैं, लेकिन किसी भी बच्चे को स्कूल आने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही कक्षा हाजिरी के लिए भी स्कूल किसी बच्चे को बाध्य नहीं करेगा। ऐसे में कई विद्यार्थी इस छूट का फायदा उठा रहे हैं। अभिभावक स्कूल में फोन कर कह रहे हैं कि हमारे बच्चे सुबह जल्दी नहीं उठ रहे हैं। शिक्षक उन्हें कहें कि उनका स्कूल आना जरूरी है जिससे उन्हें दोबारा से अनुशासित किया जा सके। घर में अभिभावकों के दफ्तर चले जाने पर पीछे से बच्चे क्या कर रहे हैं, इसकी भी देखरेख नहीं हो पा रही है। 
विज्ञापन
आगे पढ़ें

विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X