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स्कूलों के लिए कड़ा फरमान, क्रिमिनल रिकॉर्ड निकला तो नौकरी से बर्खास्त होंगे

Tue, 19 Sep 2017 03:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 19 Sep 2017 03:32 PM IST
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chandigarh schools staff police verification orders
स्कूल बस
स्टूडेंट्स की सुरक्षा के मद्देनजर चंडीगढ़ प्रशासन ने स्कूलों को टीचिंग और नान टीचिंग स्टाफ के लिए एक फरमान जारी किया, जिसके तहत बर्खास्तगी हो सकती है। प्रशासन ने पुलिस वेरिफिकेशन कराने का फरमान जारी किया। इस नए फरमान के मुताबिक पुलिस वेरिफिकेशन में अगर किसी का  कोई क्रिमनल रिकॉर्ड पाया जाता है, तो उसे नौकरी से फौरन बर्खास्त कर दिया जाएगा। शिक्षा सचिव बीएल शर्मा ने बताया कि इस संदर्भ में शहर के सभी स्कूलों को गाइड लाइंस जारी कर दी गई हैं।
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इस संबंध में  शिक्षा सचिव  शर्मा ने सोमवार को डीएसई के साथ बैठक की। शर्मा ने बताया कि प्रशासन ने अपने स्तर पर सभी स्कू ल प्रबंधन को टीचिंग व नान टीचिंग स्टाफ की 30 सितंबर से पहले पुलिस वेरिफिकेशन कराने के लिए कहा है। साथ ही इसकी रिपोर्ट शिक्षा विभाग के साथ प्रशासन को सौंपने के लिए कहा है। शिक्षा सचिव ने कहा कि  अगर किसी का क्रिमनल रिकॉर्ड के साथ पाया गया, तो उसे फौरन नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा।
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प्रशासन ने अपने स्तर पर चंडीगढ़ पुलिस को भी निर्देश जारी कर शहर के सभी स्कूलों के टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ की क्रिमनल रिकॉर्ड वेरिफिकेशन कर रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है। वहीं शहर के सभी सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में शिकायत पेटी लगाने की योजना तैयार की जा रही है। ताकि  स्टूडेंट्स को अगर किसी प्रकार कोई परेशानी हो, वे गुप्त तरीके से अपनी शिकायत डाल सकते है। शिकायत सीधा शिक्षा विभाग के पास जाएगी, जिस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। स्कूल स्टाफ की ये जिम्मेदारी होगी कि कंप्लेंट बॉक्स में आने वाली शिकायत सीधा शिक्षा विभाग के पास भेजी जाए।
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बाउंड्री वाल और फें सिंग की रिपोर्ट एक हफ्ते में सौंपे सभी स्कूल
शिक्षा विभाग ने बाउंड्री वाल और फें सिंग को लेकर शहर के सभी सरकारी स्कूलों को रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है। शहर के सभी सरकारी स्कूलों को एक हफ्ते के अंदर शिक्षा विभाग को रिपोर्ट देनी होगी। प्रशासन अपने स्तर पर सरकारी स्कूलों में बाउंड्री वॉल और फेंसिंग करवाएगा।

छात्रों के सुरक्षा की जिम्मेदारी व जवाबदेही प्रबंधन की
यूटी प्रशासन की गाइडलाइंस के मुताबिक स्कूल पहुंचने के बाद अब स्टूडेंट्स की सुरक्षा की  जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। बच्चा चाहे स्कूल की बस से आता हो या फिर प्राइवेट वाहन से। जूनियर विंग में केवल महिला अटेंडेंट की ड्यूटी लगाने के लिए कहा गया है।  इसके अलावा गार्डनर, स्वीपर, ड्राइवर, कंडक्टर और अटेंडेंट को बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कंसल्टेंट प्रोग्राम रखने को लेकर गाइड लाइंस जारी की।

विजिटर्स रिकॉर्ड नहीं रखा तो मान्यता होगी रद्द
प्रशासन की गाइड लाइंस के मुताबिक सभी स्कूलों को विजिटर्स रिकार्ड रखना होगा। शिक्षा सचिव ने बताया समय-समय पर शिक्षा विभाग स्कूलों के विजिटर्स रिकॉर्ड की चेकिंग करेगा। स्कूल के टीचिंग, नान टीचिंग स्टाफ और स्टूडेंट्स के अलावा हर एक विजिटर का नाम, पता व मोबाइल नंबर विजिटर्स रिकॉर्ड में रखा जाएगा। अगर कोई स्कूल विजिटर्स रिकॉर्ड मेंटेन नहीं करता है तो उसकी मान्यता रद्द करने तक का प्रावधान है।


सभी स्कूल 30 सितंबर से पहले लगवाएं सीसीटीवी कैमरा
शहर के सभी स्कूलों को 30 सितंबर से पहले सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए कहा गया है। गाइड लाइन के मुताबिक स्कूल के एंट्री गेट, बाउंड्री वाल, रेस्ट रूम, हेल्पर रूम और स्कूल के कॉरिडोर में सीसीटीवी कैमरा इंस्टाल करना अनिवार्य है। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को संभाल कर रखने के लिए पर्याप्त स्टोरेज सिस्टम भी बनाने के लिए कहा गया है। शिक्षा सचिव ने बैठक में डीएसई से स्कूलों की रिपोर्ट ली।
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