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चंडीगढ़ के 56 स्कूलों में जैविक खेती करना सीख रहे विद्यार्थी, किचन गार्डन में उगा रहे सब्जियां
Thu, 31 Oct 2019 01:12 PM IST
खुशबू गोयल
कविता बिश्नोई, अमर उजाला, चंडीगढ़
कविता बिश्नोई, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 31 Oct 2019 01:12 PM IST
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जैविक खेती करना सीख रहे बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ के 56 सरकारी स्कूलों में किचन गार्डन बनाए गए हैं, जहां बच्चे शिक्षकों के साथ मिलकर जैविक खेती कर रहे हैं। कई स्कूलों के गार्डन में सब्जियां तैयार भी हो गईं हैं। इन सब्जियों का उपयोग स्कूलों में तैयार होने वाली मिड-डे मील में किया जा रहा है। मई-जून 2019 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से सभी स्कूलों में किचन गार्डन शुरू करने के आदेश दिए गए थे।
चंडीगढ़ की उच्च शिक्षा निदेशक रूबिंदरजीत सिंह बराड़ ने बताया कि एमएचआरडी के निर्देशों से पहले ही शहर के कई स्कूलों में किचन गार्डन बने हुए थे। इनमें जीएमएसएसएस-47, जीएमएसएसएस-10, जीएमएचएस-धनास और जीएमएसएसएस-18 इत्यादि स्कूल शामिल हैं।
जीएमएसएसएस-35डी की प्रिंसिपल रविंदर कौर ने बताया कि उनके स्कूल परिसर के पिछले लगभग दो साल से छोटे स्तर पर जैविक सब्जियों की खेती की जा रही थी लेकिन एमएचआरडी के निर्देशों के बाद दो महीने पहले बड़े एरिया में किचन गार्डन बनाया गया है। यहां छोटी-छोटी क्यारियां बनाकर अलग-अलग प्रकार की सब्जियां उगाई जा रहीं हैं।
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इसमें मौसम के अनुसार, अभी चुकंदर, भिंडी, हरी मिर्च, बैगन, पालक, मेथी, फूलगोभी, पत्ता गोभी, धनिया, अरवी, साग, तोरी, घिया और प्याज आदि सब्जियां लगाई गईं हैं। यहां उगी भिंडी और बैगन का दो से तीन बार इस्तेमाल बच्चों के मिड-डे मील में किया गया है। अन्य कई हरी सब्जियां एक से दो हफ्ते में तैयार हो जाएंगी। यहां पपीते के पौधे भी लगाए गए हैं।
प्रिंसिपल ने बताया कि कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थी बारी-बारी से 15-15 के ग्रुप में गार्डन में खेती करने में मदद करते हैं। वहीं नर्सरी से छठी तक के बच्चों को भी बीच में खेती, सब्जियों और पौधों की पहचान के लिए किचन गार्डन में लाया जाता है।
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चंडीगढ़ की उच्च शिक्षा निदेशक रूबिंदरजीत सिंह बराड़ ने बताया कि एमएचआरडी के निर्देशों से पहले ही शहर के कई स्कूलों में किचन गार्डन बने हुए थे। इनमें जीएमएसएसएस-47, जीएमएसएसएस-10, जीएमएचएस-धनास और जीएमएसएसएस-18 इत्यादि स्कूल शामिल हैं।
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जीएमएसएसएस-35डी की प्रिंसिपल रविंदर कौर ने बताया कि उनके स्कूल परिसर के पिछले लगभग दो साल से छोटे स्तर पर जैविक सब्जियों की खेती की जा रही थी लेकिन एमएचआरडी के निर्देशों के बाद दो महीने पहले बड़े एरिया में किचन गार्डन बनाया गया है। यहां छोटी-छोटी क्यारियां बनाकर अलग-अलग प्रकार की सब्जियां उगाई जा रहीं हैं।
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इसमें मौसम के अनुसार, अभी चुकंदर, भिंडी, हरी मिर्च, बैगन, पालक, मेथी, फूलगोभी, पत्ता गोभी, धनिया, अरवी, साग, तोरी, घिया और प्याज आदि सब्जियां लगाई गईं हैं। यहां उगी भिंडी और बैगन का दो से तीन बार इस्तेमाल बच्चों के मिड-डे मील में किया गया है। अन्य कई हरी सब्जियां एक से दो हफ्ते में तैयार हो जाएंगी। यहां पपीते के पौधे भी लगाए गए हैं।
प्रिंसिपल ने बताया कि कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थी बारी-बारी से 15-15 के ग्रुप में गार्डन में खेती करने में मदद करते हैं। वहीं नर्सरी से छठी तक के बच्चों को भी बीच में खेती, सब्जियों और पौधों की पहचान के लिए किचन गार्डन में लाया जाता है।
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फव्वारा सिंचाई और जैविक खाद का हो रहा उपयोग
स्कूलों में बनाए गए किचन गार्डन में सिंचाई के लिए फव्वारा सिस्टम लगाया गया है। इसमें बच्चे टीचर्स के साथ मिलकर प्लास्टिक की वेस्ट बोतलों को उपयोग में ला रहे हैं ताकि कम पानी के साथ अच्छी पैदावार लेने में सफल हो सकें। वहीं सब्जियों को उगाने के लिए जैविक खाद का उपयोग किया जा रहा हैं, जिसे स्कूल के पेड़-पौधों के पत्तों, गीले कचरे और मिट्टी की मदद से स्कूल में ही तैयार किया जा रहा है।
इन स्कूल में बने हैं किचन गार्डन
जीएमएसएसएस-8, जीएमएसएसएस-15, जीएमएसएसएस-10, जीएमएसएसएस-44, जीएमएसएसएस-47, जीएमएसएसएस-मलोया, जीएमएसएसएस-38 वेस्ट, जीएमएसएसएस-रामदरबार, जीएमएसएसएस-22 डी, जीएमएसएसएस-23, जीएमएसएसएस-28 डी, जीएमएसएसएस-32, जीएमएसएसएस-16, जीएमएसएसएस-33, जीएमएसएसएस-35 डी, जीएमएसएसएस-37 बी और डी, जीएसएसएस-45, जीएसएसएस- खुड्डा लाहौरा, जीएसएसएस- रायपुर खुर्द, जीएमएचएस-12, जीएमएचएस-22 सी, जीएमएचएस-25, जीएमएचएस-26, जीएमएचएस-28 सी, जीएमएचएस-31, जीएमएचएस-34, जीएमएचएस-36, जीएमएचएस-37 सी, जीएमएचएस-41 बडहेड़ी, जीएमएचएस-42, जीएमएचएस-43, जीएमएचएस-मनीमाजरा, जीएमएचएस-7, जीएमएचएस-11, जीएमएचएस-29 डी, जीएमएचएस-35, जीएचएस-कजहेड़ी, जीएचएस-45 सी, जीएमएचएस-धनास रिहेबिलेशन कॉलोनी 1 और 2, जीएमएचएस- मनीमाजरा पॉकेट-8 और पॉकेट-1, जीएमएचएस- 48, जीएमएचएस-49, जीएचएस-19, जीएचएस-24, जीएचएस-30, जीएचएस-38, जीएचएस-53, जीएमएचएस-41, जीएमएमएस-23, जीएमएस-26 बापूधाम, जीएमएचएस-46, जीपीएस-26, जीएमएमएस मनीमाजरा पॉकेट-10, जीएमएमएस-हाउसिंग बोर्ड
इन स्कूल में बने हैं किचन गार्डन
जीएमएसएसएस-8, जीएमएसएसएस-15, जीएमएसएसएस-10, जीएमएसएसएस-44, जीएमएसएसएस-47, जीएमएसएसएस-मलोया, जीएमएसएसएस-38 वेस्ट, जीएमएसएसएस-रामदरबार, जीएमएसएसएस-22 डी, जीएमएसएसएस-23, जीएमएसएसएस-28 डी, जीएमएसएसएस-32, जीएमएसएसएस-16, जीएमएसएसएस-33, जीएमएसएसएस-35 डी, जीएमएसएसएस-37 बी और डी, जीएसएसएस-45, जीएसएसएस- खुड्डा लाहौरा, जीएसएसएस- रायपुर खुर्द, जीएमएचएस-12, जीएमएचएस-22 सी, जीएमएचएस-25, जीएमएचएस-26, जीएमएचएस-28 सी, जीएमएचएस-31, जीएमएचएस-34, जीएमएचएस-36, जीएमएचएस-37 सी, जीएमएचएस-41 बडहेड़ी, जीएमएचएस-42, जीएमएचएस-43, जीएमएचएस-मनीमाजरा, जीएमएचएस-7, जीएमएचएस-11, जीएमएचएस-29 डी, जीएमएचएस-35, जीएचएस-कजहेड़ी, जीएचएस-45 सी, जीएमएचएस-धनास रिहेबिलेशन कॉलोनी 1 और 2, जीएमएचएस- मनीमाजरा पॉकेट-8 और पॉकेट-1, जीएमएचएस- 48, जीएमएचएस-49, जीएचएस-19, जीएचएस-24, जीएचएस-30, जीएचएस-38, जीएचएस-53, जीएमएचएस-41, जीएमएमएस-23, जीएमएस-26 बापूधाम, जीएमएचएस-46, जीपीएस-26, जीएमएमएस मनीमाजरा पॉकेट-10, जीएमएमएस-हाउसिंग बोर्ड