{"_id":"5b18fe7e4f1c1b634d8b5278","slug":"chandigarh-school-result-of-cbse-board-10th-class","type":"story","status":"publish","title_hn":"CBSE 10वीं के रिजल्ट में चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों की हालत बदतर, 37 में 3 पास","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
CBSE 10वीं के रिजल्ट में चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों की हालत बदतर, 37 में 3 पास
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 07 Jun 2018 03:15 PM IST
विज्ञापन
Result CBSE
सीबीएसई के 10वीं के परीक्षा परिणाम ने चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों की पोल खोलकर रख दी है, 37 में से सिर्फ 3 बच्चे पास हो सके। चंडीगढ़ में ऐसे स्कूल सामने आए, जिनका पास प्रतिशत दहाई का अंक भी नहीं छू सका। घटिया रिजल्ट देने वालों में शहर की पेराफेरी के स्कूल तो हैं ही, वहीं सेक्टरों के स्कूल भी कुछ खास नहीं कर पाए। कुछ स्कूल ऐसे हैं, जहां सिर्फ 10 ही बच्चे पास हुए।
सबसे ज्यादा घटिया रिजल्ट देने वाले स्कूलों में सेक्टर-38 वेस्ट स्थित गवर्नमेंट मॉडल स्कूल है, जहां का पास प्रतिशत सिर्फ 7.94 फीसदी रहा। सेक्टर-38 वेस्ट स्थित मॉडल स्कूल के 92 फीसदी से भी ज्यादा बच्चे दसवीं की परीक्षा पास नहीं कर सके। स्कूल से इस बार 126 बच्चों ने दसवीं की परीक्षा दी, लेकिन सिर्फ 10 बच्चे पास हुए। जबकि 61 छात्रों की कंपार्टमेंट आई और 55 छात्र फेल हो गए। कुछ ऐसा ही हाल सेक्टर-22 सी के स्कूल का भी रहा। यहां से 37 छात्रों ने परीक्षा दी, लेकिन पास सिर्फ तीन ही हो सके।
तो क्या फेल ना करने की नीति ने खराब किया आंकड़ा
शिक्षा के अधिकार के तहत आठवीं तक किसी छात्र को फेल नहीं किया जाता। चंडीगढ़ के स्कूलों में भी ऐसा ही हुआ। छात्र नौंवी में फेल हुए तो उन्हें ग्रेस मॉर्क्स देकर दसवीं की परीक्षा देने का दावेदार बनाया लेकिन दसवीं का परिणाम इस हद तक गिर जाएगा, किसी ने अंदाजा भी नहीं लगाया होगा। इस बार परीक्षा 10 हजार 850 बच्चों ने दी, लेकिन पास सिर्फ 5567 बच्चे हुए।
विज्ञापन
शहर के स्कूल, जहां पास प्रतिशत बेहद कम रहा
- जीएमएसएसएस सेक्टर-38 वेस्ट- 7.94 प्रतिशत
- जीएमएचएस सेक्टर-22 सी- 8.11
- जीएमएचएस करसान- 13.1
- जीएमएचएस सेक्टर- 11 15.09
- जीएचएस सेक्टर-38 बी 15.38
- जीएचएस सेक्टर-19 18.92
- जीएमएचएस सेक्टर-25 19.35
- जीएमएचएस धनास 19.79
- जीएसएसएस खुड्डा अली सेर 19.83
- जीएमएचएस सेक्टर-31 सी 21.43
- जीएचएस सेक्टर-24 21.88
- जीएमएचएस सेक्टर-7 22.03
स्कूल के शिक्षकों और प्रिंसिपल को इस बारे में जवाब तलब किया गया है। इसकी जांच की जा रही है कि फेल के अलावा कंपार्टमेंट का आंकड़ा कैसे बढ़ गया? छुट्टी के बाद भी बच्चों की एक्सट्रा क्लास ली जाएगी। अगर रिजल्ट में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित स्कूल के शिक्षकों और प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- बीएल शर्मा, शिक्षा सचिव, यूटी चंडीगढ़
विज्ञापन
सबसे ज्यादा घटिया रिजल्ट देने वाले स्कूलों में सेक्टर-38 वेस्ट स्थित गवर्नमेंट मॉडल स्कूल है, जहां का पास प्रतिशत सिर्फ 7.94 फीसदी रहा। सेक्टर-38 वेस्ट स्थित मॉडल स्कूल के 92 फीसदी से भी ज्यादा बच्चे दसवीं की परीक्षा पास नहीं कर सके। स्कूल से इस बार 126 बच्चों ने दसवीं की परीक्षा दी, लेकिन सिर्फ 10 बच्चे पास हुए। जबकि 61 छात्रों की कंपार्टमेंट आई और 55 छात्र फेल हो गए। कुछ ऐसा ही हाल सेक्टर-22 सी के स्कूल का भी रहा। यहां से 37 छात्रों ने परीक्षा दी, लेकिन पास सिर्फ तीन ही हो सके।
विज्ञापन
तो क्या फेल ना करने की नीति ने खराब किया आंकड़ा
शिक्षा के अधिकार के तहत आठवीं तक किसी छात्र को फेल नहीं किया जाता। चंडीगढ़ के स्कूलों में भी ऐसा ही हुआ। छात्र नौंवी में फेल हुए तो उन्हें ग्रेस मॉर्क्स देकर दसवीं की परीक्षा देने का दावेदार बनाया लेकिन दसवीं का परिणाम इस हद तक गिर जाएगा, किसी ने अंदाजा भी नहीं लगाया होगा। इस बार परीक्षा 10 हजार 850 बच्चों ने दी, लेकिन पास सिर्फ 5567 बच्चे हुए।
विज्ञापन
शहर के स्कूल, जहां पास प्रतिशत बेहद कम रहा
- जीएमएसएसएस सेक्टर-38 वेस्ट- 7.94 प्रतिशत
- जीएमएचएस सेक्टर-22 सी- 8.11
- जीएमएचएस करसान- 13.1
- जीएमएचएस सेक्टर- 11 15.09
- जीएचएस सेक्टर-38 बी 15.38
- जीएचएस सेक्टर-19 18.92
- जीएमएचएस सेक्टर-25 19.35
- जीएमएचएस धनास 19.79
- जीएसएसएस खुड्डा अली सेर 19.83
- जीएमएचएस सेक्टर-31 सी 21.43
- जीएचएस सेक्टर-24 21.88
- जीएमएचएस सेक्टर-7 22.03
स्कूल के शिक्षकों और प्रिंसिपल को इस बारे में जवाब तलब किया गया है। इसकी जांच की जा रही है कि फेल के अलावा कंपार्टमेंट का आंकड़ा कैसे बढ़ गया? छुट्टी के बाद भी बच्चों की एक्सट्रा क्लास ली जाएगी। अगर रिजल्ट में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित स्कूल के शिक्षकों और प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- बीएल शर्मा, शिक्षा सचिव, यूटी चंडीगढ़