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चंडीगढ़ः प्राइवेट बीएड कॉलेज अब खुद कर सकेंगे प्रिंसिपल और लेक्चरार की नियुक्ति
Mon, 27 Jan 2020 11:50 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 27 Jan 2020 11:50 AM IST
सार
- पंजाब यूनिवर्सिटी द्वारा जारी 2000 के आदेश को हाईकोर्ट ने किया खारिज।
- सेल्फ फाइनेंस बीएड कॉलेज एसोसिएशन की याचिका मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने जारी किया आदेश।
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब के अन एडड बीएड कॉलेजों में प्रिंसिपल और लेक्चरार की नियुक्ति के लिए सेलेक्शन कमेटी अनिवार्य करने से जुड़े पंजाब यूनिवर्सिटी के 2000 के आदेश को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने यह आदेश सेल्फ फाइनेंस बीएड कॉलेज एसोसिएशन की याचिका का निपटारा करते हुए जारी किए हैं।
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याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया गया कि पंजाब यूनिवर्सिटी ने 2000 में प्रिंसिपल और लेक्चरर की नियुक्ति की नई प्रक्रिया प्राइवेट कॉलेजों पर थोपी थी। याची ने बताया कि नियम के अनुसार प्रिंसिपल और लेक्चरार की नियुक्ति के लिए कमेटी बनाना अनिवार्य किया गया था।
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इस प्रिंसिपल की नियुक्ति के लिए बनने वाली कमेटी में गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन, गवर्निंग बॉडी का एक मेंबर, पीयू द्वारा नामित तीन लोग तथा डीपीआई पंजाब द्वारा नामित दो लोगों को शामिल करना अनिवार्य किया गया था। वहीं लेक्चरार के लिए गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन, प्रिंसिपल के अतिरिक्त पीयू द्वारा नामित तीन लोग तथा डीपीआई पंजाब द्वारा नामित 2 लोगों को शामिल करना अनिवार्य था।
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याची की ओर से कहा गया कि टीएमए पाई फाउंडेशन मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट कर चुका है कि प्राइवेट संस्थानों को स्टाफ की नियुक्ति की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। हाईकोर्ट ने पीयू के फैसले को खारिज तो किया है लेकिन यह स्पष्ट कर दिया है कि नियुक्ति प्रक्रिया के बाद पीयू के पास इसे मंजूरी के लिए भेजा जाता है पीयू का वह अधिकार बरकरार रहेगा।