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सर्व शिक्षा अभियान को लेकर शिक्षा विभाग सख्त, खराब परफॉर्मेंस वाले टीचर्स कर रद्द होगा कॉन्ट्रैक्ट

Tue, 09 Apr 2019 02:20 PM IST
खुशबू गोयल रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 09 Apr 2019 02:20 PM IST
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Chandigarh Education Department Ready to Take Strict Action on Teachers for Their Poor Performance
सर्व शिक्षा अभियान
सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) के तहत सरकारी स्कूलों में कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे शिक्षकों के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले सत्र के लिए उसी शिक्षक को कॉन्ट्रैक्ट पर रखा जाएगा जिसका परफॉर्मेंस अच्छा रहेगा। जिस भी टीचर का रिजल्ट खराब होगा, विभाग उसके साथ कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर सकता है।
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इसके अलावा रेगुलर टीचर्स को शिक्षा विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि उनकी भी परफॉर्मेंस चेक की जाएगी और अगर रिजल्ट खराब रहा तो उसके एनुअल परफॉर्मेंस असेस्मेंट रिपोर्ट (एपीएआर) में दर्ज किया जाएगा। शिक्षा विभाग के सचिव बीएल शर्मा इस बारे तमाम अधिकारों के साथ बैठक भी बुला चुके हैं। बीएल शर्मा का कहना है कि स्कूलों में वहीं टीचर रहेंगे जो सिर्फ पढ़ाने का काम करेंगे न कि राजनीति।
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शिक्षा सचिव का कहना है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए कड़े फैसलों की जरूरत है। सालों से एक ही स्कूल में बैठे कुछ अध्यापक ऐसे हैं जो बच्चों को पढ़ाने की बजाए नेता बनने का काम कर रहे हैं। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसलिए सभी अध्यापकों के रिजल्ट को देखा जाएगा और जिसका रिजल्ट लगातार खराब होगा, उस पर नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंने बताया कि इसके लिए पिछले हफ्ते सभी अधिकारियों की एक बैठक बुलाई गई थी, लेकिन किन्हीं कारणों की वजह से वह बैठक स्थगित करनी पड़ी। आने वाले कुछ दिनों में बैठक कर इस पर फैसला लिया जाएगा।

रेगुलर टीचर्स की भी बनेगी रिपोर्ट

शिक्षा सचिव ने बताया कि इस बार सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट ही नहीं रेगुलर टीचर्स की भी परफॉर्मेंस देखी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिस भी टीचर का रिपोर्ट कार्ड खराब होगा, उसके एनुअल रिपोर्ट में दिखाया जाएगा। उन्होंने बताया कि एपीएआर में इस बार 70 से 75 फीसदी एकेडमिक्स के जोड़े जाएंगे। इसके अलावा एजुकेशन सेक्रेटरी ने बताया कि उन्होंने शहर के सेंट्रल सेक्टर्स के स्कूलों में सालों से बैठे टीचर्स की लिस्ट बनाने को कहा है। उनको शहर के पेरीफेरी इलाकों में भेजा जाएगा ताकि उन स्कूलों के रिजल्ट में भी सुधार हो सके। इस पर भी काफी तेजी से काम चल रहा है।

स्कूलों में कांट्रेक्ट टीचर्स की संख्या
शहर के स्कूलों में इस समय तीन तरह के कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स अपनी सेवाएं दे रहे हैं। डीइओ (साल 2002) और हैड्स पैनल (साल 1998) के अंतर्गत करीब 180 कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स हैं। दूसरे साल 2008 में भर्ती हुए गेस्ट टीचर्स हैं, जिनकी संख्या करीब 250 से 300 है। तीसरे सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) के अंतर्गत अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनकी संख्या 730 के करीब है। वहीं कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स के लिए कुल 1375 पोस्ट हैं, खाली पड़ी पोस्टों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।

स्कूलों में खाली पोस्टों की संख्या (2018-19)
खराब परफॉर्मेंस के बाद किसी भी टीचर के साथ कॉन्ट्रैक्ट खत्म करना आसान नहीं रहने वाला हैं, क्योंकि शहर के सरकारी स्कूल पहले ही टीचर्स की कमी झेल रहे हैं। कई स्कूल तो ऐसे हैं, जिनमें दो-तीन विषयों के अध्यापकों को छोड़ और अन्य विषयों के अध्यापक स्कूल में मौजूद नहीं हैं।
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