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बीए में सेंट्रलाइज्ड दाखिले के लिए कॉलेजों की ‘ना’, जानिए क्या है कारण?

Mon, 15 Jan 2018 05:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 15 Jan 2018 05:38 PM IST
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chandigarh colleges refused for centralized admission system
कॉलेज स्टूडेंट्स - फोटो : amar ujala
चंडीगढ़ के कालेजों में नए शिक्षा सत्र से बीए के लिए दाखिला प्रक्रिया सेंट्रलाइज्ड करने को लगभग सभी कालेजों ने असहमति जताई है। यूटी का उच्च शिक्षा विभाग कालेजों में साइंस की तरह आर्ट्स का दाखिला भी सेंट्रलाइज्ड करना चाहता है। इसके लिए विभाग के उच्च अधिकारियों ने विभिन्न कालेजों की कमेटी के साथ बैठक भी की, लेकिन बीए को सेंट्रलाइज्ड दाखिला प्रक्रिया में शामिल करने पर सहमति नहीं बनी है। लेकिन पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए सेंट्रलाइज्ड एडमिशन के आसार बन रहे हैं, अगर बीकॉम की दाखिला प्रक्रिया भी कालेजों को मिल जाए तो। दरअसल यूटी के उच्च शिक्षा विभाग ने शिक्षा सत्र 2017-18 में साइंस की एडमिशन सेंट्रलाइज्ड सिस्टम से करवाई थी।
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इसके तहत साइंस की स्ट्रीम में एडमिशन लेने केलिए एक ही फार्म भरना पड़ा। उसमें स्टूडेंट को अपने रिजल्ट का पूरा ब्यौरा देना होता है और साथ ही पसंद के तीन कॉलेज भरने होते हैं। स्टूडेंट के नंबर और कट आफ लिस्ट के बाद उसका कॉलेज और स्ट्रीम तय होती है। जबकि इससे पहले तक कॉलेज में एडमिशन लेने केलिए अलग-अलग कॉलेजों का फार्म भरना पड़ता था। हर कॉलेज की कट ऑफ लिस्ट के मुताबिक एडमिशन होता था। इस प्रक्रिया में पैसा भी ज्यादा खर्च होता है और एक कॉलेज से दूसरे में जाने पर परेशानी का सामना भी करना पड़ता है।
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साइंस की सफलता से आर्ट्स में लागू करने की योजना
मौजूदा शिक्षा सत्र के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने सेंट्रलाइज्ड सिस्टम से दाखिले कराए थे, तो काफी सफलता मिली। क्योंकि स्टूडेंट्स को कालेज दर कालेज भटकना नहीं पड़ा और कुछ कालेज जो दाखिला देने में मनमर्जी करते थे, उस पर भी लगाम लगी। बता दें कि सबसे पहले बीकॉम में सेंट्रलाइज्ड सिस्टम लागू किया गया था और उसके बाद साइंस में और अब इसे आर्ट्स  में भी आजमाने की योजना है।
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ज्यादा विकल्प होना बताई मजबूरी
उच्च शिक्षा विभाग और कालेज कमेटी के बीच हुई बैठक में बीए को सेंट्रलाइज्ड सिस्टम में ना लेने का मुख्य कारण बीए में विषय विकल्प ज्यादा होना बताया गया। मीटिंग में कहा गया कि चूंकि बीए के विषय ज्यादा होते हैं। ऐसे में स्टूडेंट और दाखिला कमेटी के लिए चयन करना मुश्किल हो जाएगा। हालांकि पोस्ट ग्रेजुएशन पर कुछ कालेजों ने सहमति जताई। क्योंकि यह कोर्स किसी एक विषय में स्पेशलाइजेशन के लिए होता है। हालांकि इसके साथ बीकॉम का दाखिला कालेजों की सेंट्रलाइज कमेटी को देने की बात कही गई। जो प्रक्रिया अभी तक पीयू शहर के सभी कालेजों के लिए चला रही है।

बीए में विषय ज्यादा होते हैं और अलग-अलग कालेजों में इसके अपने विकल्प हैं। हालांकि अभी तक कोई अंतिम मोहर नहीं लगी है। इस योजना पर काम किया जा रहा है।
- डा. बीके वरमानी, डीन डीएवी कालेज
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