फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   chandigarh administration going to open night school for labourers to complete education

अब लोग पूरी कर सकेंगे अधूरी पढ़ाई, खुलने जा रहा है नाइट स्कूल

Mon, 02 Jan 2017 04:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 02 Jan 2017 04:57 PM IST
विज्ञापन
chandigarh administration going to open night school for labourers to complete education
नाइट स्कूल
किसी कारणवश अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए तो उम्मीद न छोड़ें। नाइट स्कूल खुलने जा रहे हैं, जिनमें निशुल्क एजूकेशन मिलेगी। चंडीगढ़ प्रशासन यह कवायद करने जा रहा है। शहर की लेबर और इंडस्ट्रियल वर्कर्स के लिए प्रशासन नाइट स्कूल शुरू किए जाएंगे। इन स्कूलों में लोग अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे। साथ ही निरक्षर मजदूर भी शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। साथ ही हायर एजुकेशन के लिए कॉलेज भी शुरू करने की योजना है।
विज्ञापन


यूटी लेबर डिपार्टमेंट ऐसे लोगों के लिए नाइट स्कूल और कॉलेज खोलने जा रहा है। सेक्टर-20 स्थित गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ एजुकेशन में नए सत्र से यह नाइट स्कूल और कॉलेज शुरू करने की योजना है। प्रधानमंत्री अन्नपूर्णा अक्षयपात्र योजना का सोमवार को उद्घाटन के बाद लेबरों के लिए इस दूसरी योजना का शुभारंभ होगा। डीसी कम लेबर कमिश्नर अजीत बालाजी जोशी के आदेशों के बाद लेबर डिपार्टमेंट के अधिकारी इस पर काम कर रहे हैं।
विज्ञापन


इस स्कूल में 7वीं से 12वीं कक्षा तक स्कूली शिक्षा प्रदान की जाएगी। इसके अलावा कॉलेज लेवल पर ग्रेजुएशन के कई पाठ्यक्रमों का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा। 6 हजार लेबर और इंडस्ट्रियल वर्कर लेबर डिपार्टमेंट के पास पंजीकृत हैं। जबकि 10 हजार से अधिक गैर पंजीकृत वर्कर भी हैं। इनमें सैकड़ों ऐसे वर्कर हैं जो खराब आर्थिक स्थिति के कारण अपनी पढ़ाई पूरी ही नहीं कर पाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


परिवार का गुजर बसर करने के लिए मजबूरी वश पढ़ाई बीच में ही छोड़कर काम धंधे में लग गए और बाद में कभी शिक्षा के रास्ते पर लौट नहीं सके। दिन में काम भी न छूटे और रात में कौशल विकास के लिए शिक्षा हासिल कर सके। इस उद्देश्य से लेबर डिपार्टमेंट यह नई पहल करने जा रहा है। यह शिक्षा लेबर और इंडस्ट्रियल वर्करों को निशुल्क मुहैया कराई जाएगी। किताबें भी लेबर विभाग ही निशुल्क उपलब्ध कराएगा। इसके लिए विभिन्न ट्रेड यूनियनों की मदद ली जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed