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पीयू नहीं, अब एसडी कॉलेज करेगा बीकॉम का सेंट्रलाइज्ड दाखिला, फायदा उठाएं

Thu, 15 Mar 2018 05:29 PM IST
सुशील गंभीर/अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील गंभीर/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 15 Mar 2018 05:29 PM IST
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centralized admission in sd college chandigarh
Admission 2018
चंडीगढ़ के कालेजों के लिए नए शिक्षा सत्र से बीकॉम का सेंट्रलाइज्ड दाखिला पंजाब यूनिवर्सिटी नहीं करेगी। पीयू ने इस प्रक्रिया को सरेंडर कर दिया है। बीकॉम का सेंट्रलाइज्ड दाखिला सभी कॉलेजों के लिए सेक्टर-32 स्थित एसडी कॉलेज करेगा। अभी तक शहर के सभी कॉलेजों के लिए दाखिला आवेदन पीयू में होता था। जबकि कॉलेज अर्से से मांग कर रहे थे कि जब सभी विषयों की दाखिला प्रक्रिया कॉलेज अपने स्तर पर करते हैं, तो सिर्फ बीकॉम के लिए पीयू क्यों?
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इस पर अब फैसला हुआ है कि बीकॉम का दाखिला सभी कॉलेजों के लिए सेंट्रलाइज्ड सिस्टम से एसडी कॉलेज में होगा। साइंस में भी सेंट्रलाइज्ड सिस्टम से दाखिला होता है। सभी कॉलेजों को अलग-अलग विषयों की जिम्मेदारी मिली हुई है। एसडी के पास फिलहाला बीबीए की दाखिला प्रक्रिया थी और अब बीकॉम भी मिल गई है। वहीं नए सेशन से बीए के लिए भी सेंट्रलाइज्ड दाखिला प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव है, जिस पर फिलहाल सहमति नहीं बन रही है।
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बीए के लिए दाखिला प्रक्रिया सेंट्रलाइज्ड करने को लगभग सभी कालेजों ने असहमति जताई है। यूटी का उच्च शिक्षा विभाग कालेजों में सांइस की तरह आर्ट्स का दाखिला भी सेंट्रलाइज्ड करना चाहता है। इसके लिए विभाग के उच्च अधिकारियों ने विभिन्न कालेजों की कमेटी के साथ बैठक भी की, लेकिन बीए को सेंट्रलाइज्ड दाखिला प्रक्रिया में शामिल करने पर सहमति नहीं बनी है।
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क्या है सेंट्रलाइज्ड सिस्टम
यूटी के उच्च शिक्षा विभाग ने शिक्षा सत्र 2017-18 में साइंस की एडमिशन सेंट्रलाइज्ड सिस्टम से करवाई थी। इसके तहत साइंस की स्ट्रीम में एडमिशन लेने केलिए एक  ही फार्म भरना पड़ा। उसमें स्टूडेंट को अपने रिजल्ट का पूरा ब्यौरा देना होता है और साथ ही पसंद के तीन कॉलेज भरने होते हैं।

स्टूडेंट के नंबर और कट आफ लिस्ट के बाद उसका कॉलेज और स्ट्रीम तय होती है। जबकि इससे पहले तक कॉलेज में एडमिशन लेने केलिए अलग-अलग कॉलेजों का फार्म भरना पड़ता था। हर कॉलेज की कट ऑफ लिस्ट के मुताबिक एडमिशन होता था। इस प्रक्रिया में पैसा भी ज्यादा खर्च होता था और एक कॉलेज से दूसरे में जाने पर परेशानी का सामना भी करना पड़ता था।


ज्यादा विकल्प होना बताई मजबूरी
उच्च शिक्षा विभाग और कालेज कमेटी के बीच हुई बैठक में बीए को सेंट्रलाइज्ड सिस्टम में ना लेने का मुख्य कारण बीए में विषय विकल्प ज्यादा होना बताया गया। मीटिंग में कहा गया कि चूंकि बीए के विषय ज्यादा होते हैं। ऐसे में स्टूडेंट और दाखिला कमेटी के लिए चयन करना मुश्किल हो जाएगा।
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