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पंजाब यूनिवर्सिटी व संबद्ध कॉलेजों में विभागवार आरक्षण पर केंद्र सरकार ने रोक लगाई, ऐसे होगी भर्ती

Sat, 06 Apr 2019 02:02 PM IST
खुशबू गोयल सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 06 Apr 2019 02:02 PM IST
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Central Government Ban Department Vise Reservation in Punjab University and Affiliated Colleges
पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र
पंजाब यूनिवर्सिटी व पंजाब के सरकारी-सहायता प्राप्त कॉलेजों में शिक्षकों की तैनाती में दिए जाने वाले विभागवार आरक्षण पर केंद्र सरकार ने रोक लगा दी है। इसके लिए दूसरी व्यवस्था की गई है। संस्थानों में कुल रिक्तियों के आधार पर आरक्षण दिया जाएगा। यह नई व्यवस्था छह माह तक मान्य होगी। उसके बाद इस पर लोकसभा में बिल लाया जाएगा। अब तक पंजाब यूनिवर्सिटी व कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्तियों के लिए विभागवार वेकैंसी निकलती थीं।
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उसी आधार पर एससी-एसटी व अन्य वर्गों को लाभ दिया जाता था। हर सातवीं सीट एससी वर्ग के अभ्यर्थी के हिस्से में आती थी, लेकिन पिछले वर्षों में देशभर के कई संस्थानों में देखा गया कि विभागों में शिक्षकों की सीटें चार से छह तक निकल रही हैं। ऐसे में आरक्षित वर्ग के लिए सातवीं सीट आ ही नहीं पाती थी। सूत्रों का कहना है कि इसी को ध्यान में रखकर केंद्र सरकार ने इस व्यवस्था को पलट दिया। हर संस्थान को एक यूनिट मानते हुए कुल रिक्त सीटों में से आरक्षण निकालते हुए अभ्यर्थियों को लाभ दिया जाएगा।
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जैसे किसी संस्थान में शिक्षकों की 100 सीटें खाली हैं तो इसमें हर सातवीं सीट एससी के खाते में जाएगी। बाकी एसटी, ओबीसी, सर्वण गरीबों को दस फीसदी सीटें दी जाएंगी। बचीं सीटें सामान्य वर्ग के खाते में शामिल होंगी। हालांकि जानकार यह भी मान रहे हैं कि यह केवल चुनावी स्टंट है। चुनाव के बाद लोकसभा में बिल नहीं आया तो पुरानी व्यवस्था ही बहाल होगी।
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शिक्षकों के 400 पद पीयू में खाली

पीयू में 400 से अधिक शिक्षकों के पद खाली हैं। इन पदों पर भर्ती होने पर लगभग 58 सीटें एससी के खाते में जाएंगी। यदि विभागवार शिक्षकों की रिक्तियां निकाली जाती हैं तो उन्हें नुकसान होगा। कारण ये है कि किसी विभाग में छह शिक्षकों की कमी है तो किसी में चार। ऐसे में सातवीं सीट नहीं होने पर एससी की सीट आरक्षित नहीं हो पाएंगी।

रोस्टर लागू नहीं कर रहा पीयू
कर्मचारियों को प्रमोशन दिए जाने के लिए रोस्टर तैयार कर दिया गया, लेकिन पीयू इसको लागू नहीं कर पा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए बनाई गई कमेटी के कुछ मेंबर रुचि ही नहीं ले रहे हैं। महीनों से बैठक तक नहीं कर रहे हैं। ऐसे में सैकड़ों कर्मचारियों का नुकसान हो रहा है। इसको लेकर अब कर्मचारी भूख हड़ताल करने जा रहे हैं।

प्रमोशन के लिए रोस्टर लागू करने के लिए काम चल रहा है। जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।
- प्रो. करमजीत सिंह, रजिस्ट्रार
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