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सुरक्षा पुख्ता करने को पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने लिया फैसला, निगरानी करेंगे 200 सीसीटीवी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 18 Oct 2018 02:05 PM IST
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cctv camera
- फोटो : डेमो
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पंजाब यूनिवर्सिटी की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए 200 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पीयू प्रशासन ने सीसीटीवी खरीदने के लिए 58 लाख रुपए सेंक्शन कर दिए हैं। कैंपस में सीसीटीवी कैमरे लगवाने का काम दो चरणों में होगा। प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। पीयू में सेफ्टी को लेकर लंबे समय से मामला उठ रहा है कि कैंपस में कई जगहों पर रात को ज्यादा अंधेरा रहता है। कई जगहों पर उजाला होने के बाद भी सूनसान जगह होने के चलते सुरक्षा ने नाम पर डर का अहसास होने लगता है। इसके चलते इन रास्तों से चलने में छात्र व छात्राएं गुरेज करते हैं। कई जगहों पर पूरी तरह से लाइटिंग की व्यवस्था नहीं है।
स्टूडेंट्स ने सोशल मीडिया पर एक मुहिम चला रखी है, जिसमें ज्योलॉजी विभाग से एडम ब्लॉक तक रात को आने का चैलेंज दिया जा रहा है, क्योंकि सड़क पर रात को लाइट नहीं जलती हैं। पीयू में सेफ्टी को लेकर लंबे समय से मामला उठ रहा है। कैंपस में कई जगहों पर रात को ज्यादा अंधेरा रहता है। कई जगहों पर उजाला होने के बाद भी सूनसान जगह होने के चलते सुरक्षा ने नाम पर डर का अहसास होने लगता है। इसके चलते इन रास्तों से चलने में छात्र व छात्राएं गुरेज करते हैं। कई जगहों पर पूरी तरह से लाइटिंग की व्यवस्था नहीं है। स्टूडेंट्स ने सोशल मीडिया पर एक मुहिम चला रखी है, जिसमें ज्योलॉजी विभाग से एडम ब्लॉक तक रात को आने का चैलेंज दिया जा रहा है, क्योंकि सड़क पर रात को लाइट नहीं जलती हैं।
दो चरणों में होगा फेंसिंग का काम
लंबे समय से सीसीटीवी व्यवस्था की खामियों को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे। प्रशासन ने करीब 58 लाख रुपये सीसीटीवी खरीदने के लिए सेंक्शन कर दिए हैं और इनको मुख्य सार्वजनिक संस्थानों पर लगाया जाएगा। इसके अलावा पीयू की चारदीवारी पर भी फेंसिंग की जाएगी। इसको लेकर सीनेट में मांग उठती रही है। फेंसिंग का काम चरणों में होगा। पीजीआई के साथ डिवाइडिंग रोड वाली दीवार पर भी फेंसिंग का काम जल्द शुरू होगा। इसके अलावा ऐसी जगहों को भी चयनित किया जा रहा है, जहां रात को ज्यादा अंधेरा रहता है। एडम ब्लॉक के पास रैंप एरिया में लाइटिंग की जानी है। फेंसिंग व सीसीटीवी के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं।
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900 मीटर की दीवार की होगी फेंसिंग
करीब 900 मीटर की दीवार की फेंसिंग होगी। चारदीवारी पर फेंसिंग का काम भी जल्द शुरू होगा, ताकि दीवार आसानी से नहीं लांघ जा सके। गेट नंबर-1 से लेकर फार्मास्यूटिकल साइंस तक पीजीआइ के सामने वाली दीवार पर फेंसिंग की जाएगी। इसका बजट करीब 20 से 25 लाख रखा गया है।
अधिक समय तक करना पड़ता है काम
सीसीटीवी लग जाने के बाद यहां पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड्स को सबसे अधिक राहत मिलेगी। अभी इन्हें दो-दो शिफ्टों में लगातार काम करना पड़ रहा है। अधिक समय तक काम करने से उन्हें समय पर लीव भी नहीं मिल पाती है और इससे स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ता है।
सीसीटीवी और फेंसिंग होने से सुरक्षा व्यवस्था को मजूबती मिलेगी। हम लगातार सुरक्षा को रिव्यू कर रहे हैं।
- प्रो. अश्विनी कौल, चीफ ऑफ सिक्योरिटी
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स्टूडेंट्स ने सोशल मीडिया पर एक मुहिम चला रखी है, जिसमें ज्योलॉजी विभाग से एडम ब्लॉक तक रात को आने का चैलेंज दिया जा रहा है, क्योंकि सड़क पर रात को लाइट नहीं जलती हैं। पीयू में सेफ्टी को लेकर लंबे समय से मामला उठ रहा है। कैंपस में कई जगहों पर रात को ज्यादा अंधेरा रहता है। कई जगहों पर उजाला होने के बाद भी सूनसान जगह होने के चलते सुरक्षा ने नाम पर डर का अहसास होने लगता है। इसके चलते इन रास्तों से चलने में छात्र व छात्राएं गुरेज करते हैं। कई जगहों पर पूरी तरह से लाइटिंग की व्यवस्था नहीं है। स्टूडेंट्स ने सोशल मीडिया पर एक मुहिम चला रखी है, जिसमें ज्योलॉजी विभाग से एडम ब्लॉक तक रात को आने का चैलेंज दिया जा रहा है, क्योंकि सड़क पर रात को लाइट नहीं जलती हैं।
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दो चरणों में होगा फेंसिंग का काम
लंबे समय से सीसीटीवी व्यवस्था की खामियों को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे। प्रशासन ने करीब 58 लाख रुपये सीसीटीवी खरीदने के लिए सेंक्शन कर दिए हैं और इनको मुख्य सार्वजनिक संस्थानों पर लगाया जाएगा। इसके अलावा पीयू की चारदीवारी पर भी फेंसिंग की जाएगी। इसको लेकर सीनेट में मांग उठती रही है। फेंसिंग का काम चरणों में होगा। पीजीआई के साथ डिवाइडिंग रोड वाली दीवार पर भी फेंसिंग का काम जल्द शुरू होगा। इसके अलावा ऐसी जगहों को भी चयनित किया जा रहा है, जहां रात को ज्यादा अंधेरा रहता है। एडम ब्लॉक के पास रैंप एरिया में लाइटिंग की जानी है। फेंसिंग व सीसीटीवी के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं।
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900 मीटर की दीवार की होगी फेंसिंग
करीब 900 मीटर की दीवार की फेंसिंग होगी। चारदीवारी पर फेंसिंग का काम भी जल्द शुरू होगा, ताकि दीवार आसानी से नहीं लांघ जा सके। गेट नंबर-1 से लेकर फार्मास्यूटिकल साइंस तक पीजीआइ के सामने वाली दीवार पर फेंसिंग की जाएगी। इसका बजट करीब 20 से 25 लाख रखा गया है।
अधिक समय तक करना पड़ता है काम
सीसीटीवी लग जाने के बाद यहां पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड्स को सबसे अधिक राहत मिलेगी। अभी इन्हें दो-दो शिफ्टों में लगातार काम करना पड़ रहा है। अधिक समय तक काम करने से उन्हें समय पर लीव भी नहीं मिल पाती है और इससे स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ता है।
सीसीटीवी और फेंसिंग होने से सुरक्षा व्यवस्था को मजूबती मिलेगी। हम लगातार सुरक्षा को रिव्यू कर रहे हैं।
- प्रो. अश्विनी कौल, चीफ ऑफ सिक्योरिटी