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प्रद्युमन हत्याकांड के बाद CBSE का सख्त रुख, स्कूलों को दिए कड़े निर्देश
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 15 Sep 2017 02:52 PM IST
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ryan school
- फोटो : अमर उजाला
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रायन इंटरनेशनल स्कूल में प्रद्युमन की हत्या के बाद सीबीएसई ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। साथ ही एक सर्कुलर जारी करके कड़े निर्देश दिए हैं। प्राईवेट स्कूलों में बच्चों के साथ लगातार हो रहे हादसों पर सीबीएसई ने सख्त रुख अख्तियार किया है।
सीबीएसई ने जारी सर्कुलर में प्राईवेट स्कूलों को कहा है कि बच्चों का अधिकार है कि जिस जगह में वह अपना सबसे ज्यादा व कीमती समय व्यतीत करते हैं, जहां वह सीखने और पढ़ने आते हैं, वहां वह खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। सीबीएसई ने कहा कि यह केवल और केवल स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि वह बच्चों को एक सुरक्षित माहौल प्रदान करें। बोर्ड की ओर से सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर दो महीने के अंदर कमेटी गठित करें जिसमें छात्र, शिक्षक और अभिभावक शामिल हों.
समय-समय पर सुझाव लेने का निर्देश
इतना ही नहीं स्कूल मैनेजमेंट को छात्रों और अभिभावकों से सुरक्षा के संबंध में समय-समय सुझाव लेने का निर्देश भी दिया गया है। इसके साथ ही सीबीएसई ने स्कूलों को अपने स्टाफ, स्टूडेंट और अभिभावकों की समस्याओं के निष्पादन के लिए, आंतरिक शिकायतों को दूर के लिए, पॉक्सो और सेक्सुअल हरासमेंट के लिए एक अलग कमेटी का गठन करने का निर्देश दिया है। इन सभी कमेटी सदस्यों का नंबर और नाम स्कूल के बोर्ड पर डिस्प्ले करना होगा.
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स्टाफ की जांचें मानसिक स्थिति
सीबीएसई ने स्कूल के सभी स्टाफ का मनोचिकित्सक से मनोवैज्ञानिक जांच व पुलिस वेरिफिकेशन कराने का भी निर्देश दिया है। इसमें टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ सभी को शामिल करने का निर्देश दिया गया है। अगर किसी भी स्टाफ की मानसिक स्थिति गड़बड़ पाई जाती है या संदेह होता है तो उन्हें उसी समय स्कूल से निकालने का निर्देश सीबीएसई ने दिया है। इसके अलावा स्कूल में स्टाफ की नियुक्ति रजिस्टर्ड अथॉरिटी से ही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
स्कूलों का कराएं सेफ्टी ऑडिट
सीबीएसई ने स्कूलों से कहा है कि वे अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन की मदद से अपने स्कूल कैंपस और स्टाफ का सेफ्टी ऑडिट कराएं। साथ ही जिस प्रकार भी निर्देश उनकी ओर से दिया जाता है उसे स्कूल में शीघ्र लागू करें। बोर्ड ने स्कूल से कहा है कि सर्कुलर मिलने के दो महीने के अंदर वह इसे करवाकर इसकी वीडियो सीबीएसई की वेबसाइट पर अपलोड करें. इतना ही नहीं स्कूल के हर कोने में खास कर वैसी जगह जहां सुरक्षा संदिग्ध हो सीसीटीवी लगाने का निर्देश सीबीएसई ने दिया है।
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सीबीएसई ने जारी सर्कुलर में प्राईवेट स्कूलों को कहा है कि बच्चों का अधिकार है कि जिस जगह में वह अपना सबसे ज्यादा व कीमती समय व्यतीत करते हैं, जहां वह सीखने और पढ़ने आते हैं, वहां वह खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। सीबीएसई ने कहा कि यह केवल और केवल स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि वह बच्चों को एक सुरक्षित माहौल प्रदान करें। बोर्ड की ओर से सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर दो महीने के अंदर कमेटी गठित करें जिसमें छात्र, शिक्षक और अभिभावक शामिल हों.
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समय-समय पर सुझाव लेने का निर्देश
इतना ही नहीं स्कूल मैनेजमेंट को छात्रों और अभिभावकों से सुरक्षा के संबंध में समय-समय सुझाव लेने का निर्देश भी दिया गया है। इसके साथ ही सीबीएसई ने स्कूलों को अपने स्टाफ, स्टूडेंट और अभिभावकों की समस्याओं के निष्पादन के लिए, आंतरिक शिकायतों को दूर के लिए, पॉक्सो और सेक्सुअल हरासमेंट के लिए एक अलग कमेटी का गठन करने का निर्देश दिया है। इन सभी कमेटी सदस्यों का नंबर और नाम स्कूल के बोर्ड पर डिस्प्ले करना होगा.
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स्टाफ की जांचें मानसिक स्थिति
सीबीएसई ने स्कूल के सभी स्टाफ का मनोचिकित्सक से मनोवैज्ञानिक जांच व पुलिस वेरिफिकेशन कराने का भी निर्देश दिया है। इसमें टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ सभी को शामिल करने का निर्देश दिया गया है। अगर किसी भी स्टाफ की मानसिक स्थिति गड़बड़ पाई जाती है या संदेह होता है तो उन्हें उसी समय स्कूल से निकालने का निर्देश सीबीएसई ने दिया है। इसके अलावा स्कूल में स्टाफ की नियुक्ति रजिस्टर्ड अथॉरिटी से ही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
स्कूलों का कराएं सेफ्टी ऑडिट
सीबीएसई ने स्कूलों से कहा है कि वे अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन की मदद से अपने स्कूल कैंपस और स्टाफ का सेफ्टी ऑडिट कराएं। साथ ही जिस प्रकार भी निर्देश उनकी ओर से दिया जाता है उसे स्कूल में शीघ्र लागू करें। बोर्ड ने स्कूल से कहा है कि सर्कुलर मिलने के दो महीने के अंदर वह इसे करवाकर इसकी वीडियो सीबीएसई की वेबसाइट पर अपलोड करें. इतना ही नहीं स्कूल के हर कोने में खास कर वैसी जगह जहां सुरक्षा संदिग्ध हो सीसीटीवी लगाने का निर्देश सीबीएसई ने दिया है।