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पहलः सप्ताह या महीने में एक दिन खादी में नजर आएंगे स्टूडेंट्स, सीबीएसई ने जारी किया सर्कुलर
Mon, 07 Oct 2019 12:46 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 07 Oct 2019 12:46 PM IST
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नेताओं तक सीमित खादी अब छात्र-छात्राओं पर भी फबेगी। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने सभी स्कूलों के शिक्षकों-विद्यार्थियों से सप्ताह, पखवाड़े या माह में कम से कम एक दिन खादी वस्त्र पहनने की अपील की है। इस संबंध में सीबीएसई की ओर से सभी स्कूलों को पत्र भेजा गया है।
सीबीएसई के सचिव की ओर से जारी पत्र में खादी की यूनिफॉर्म को सेहत के लिए बेहतर बताते हुए कहा गया है कि खादी के इस्तेमाल से ग्रामीण क्षेत्रों के लाखों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। यदि प्रधानाचार्य चाहें तो छात्र यूनिफॉर्म के साथ ही खादी की एससेरीज भी प्रयोग कर सकते हैं। महात्मा गांधी ने देश से खादी पहनने की अपील की थी।
उन्होंने कहा था कि खादी पहनने से आप आत्मनिर्भर महसूस करेंगे और रूरल इंडिया का जीविकोपार्जन भी होता है। गांधी जी की 150वीं जयंती पर खादी को प्रमोट करने के लिए सीबीएसई ने पूरे देश के स्कूलों को सर्कुलर जारी किया है। सर्कुलर में कहा गया कि खादी भारत का हेरिटेज फैब्रिक है।
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यह न केवल लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाता है बल्कि देश की एकता और समानता को भी प्रमोट करता है। इसके अलावा खादी हाथ से बुना हुआ होता है जो त्वचा के लिए भी स्वास्थ्यवर्द्धक है। इसी के तहत स्कूलों से अपील की गई है कि सप्ताह या महीने में एक बार खादी पहरावा दिवस का आयोजन किया जाए। इसके अलावा अगर स्कूल चाहे तो ड्रेसेज और अन्य स्कूल सामग्री में खादी का इस्तेमाल कर सकता है।
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सीबीएसई के सचिव की ओर से जारी पत्र में खादी की यूनिफॉर्म को सेहत के लिए बेहतर बताते हुए कहा गया है कि खादी के इस्तेमाल से ग्रामीण क्षेत्रों के लाखों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। यदि प्रधानाचार्य चाहें तो छात्र यूनिफॉर्म के साथ ही खादी की एससेरीज भी प्रयोग कर सकते हैं। महात्मा गांधी ने देश से खादी पहनने की अपील की थी।
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उन्होंने कहा था कि खादी पहनने से आप आत्मनिर्भर महसूस करेंगे और रूरल इंडिया का जीविकोपार्जन भी होता है। गांधी जी की 150वीं जयंती पर खादी को प्रमोट करने के लिए सीबीएसई ने पूरे देश के स्कूलों को सर्कुलर जारी किया है। सर्कुलर में कहा गया कि खादी भारत का हेरिटेज फैब्रिक है।
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यह न केवल लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाता है बल्कि देश की एकता और समानता को भी प्रमोट करता है। इसके अलावा खादी हाथ से बुना हुआ होता है जो त्वचा के लिए भी स्वास्थ्यवर्द्धक है। इसी के तहत स्कूलों से अपील की गई है कि सप्ताह या महीने में एक बार खादी पहरावा दिवस का आयोजन किया जाए। इसके अलावा अगर स्कूल चाहे तो ड्रेसेज और अन्य स्कूल सामग्री में खादी का इस्तेमाल कर सकता है।