फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   cbse, cbse circular for school, central board of school education, campus, education, punjab

स्कूलों के लिए CBSE ने जारी किया बड़ा फरमान, अमल जरूरी

Sun, 05 Jun 2016 07:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर Updated Sun, 05 Jun 2016 07:23 PM IST
विज्ञापन
cbse, cbse circular for school, central board of school education, campus, education, punjab
रद्द हो सकता है सीबीएसई की 12वीं कक्षा का पेपर - फोटो : PTI
केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी की हिदायत पर स्कूलों के लिए सीबीएसई ने बेहद अहम फरमान जारी किया है। स्कूलों की ओर से बढ़ाई जा रही ट्यूशन फीस व बच्चों के अभिभावकों से हर साल ली जा रही सालाना फीस पर काफी समय से बवाल हो रहा है। स्कूलों की मनमानी के खिलाफ बच्चों के अभिभावकों ने प्रदेश सरकार व केंद्रीय एचआरडी मंत्री को पत्र भी लिखे हैं। एचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी ने सीबीएसई बोर्ड को इस मामले को गंभीरता से लेने की हिदायत जारी की है।
विज्ञापन


मामले में एक सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि कोई भी प्राइवेट स्कूल अपनी मर्जी से ट्यूशन फीस में बढ़ोतरी नहीं कर पाएगा। न ही स्कूल की सालाना फीस की डिमांड करेगा। किसी स्कूल को ट्यूशन फीस में बढ़ोतरी करनी है तो वह स्कूल अपने स्कूल का ऑडिट करवाकर उसकी रिपोर्ट हर साल बोर्ड को भेजेगा। इसके बाद बोर्ड इजाजत देता है तो ही वह स्कूल ट्यूशन फीस में बढ़ोतरी कर पाएगा।
विज्ञापन


केंद्रीय एचआरडी मंत्री स्मृति ईरानी ने इस बारे में सीबीएसई से कहा है कि प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधकों को यह आदेश भेजे जाएं कि वह अपनी मर्जी से ट्यूशन फीस में बढ़ोतरी न करें। एचआरडी मंत्री ने तो इन प्राइवेट स्कूलों को अपनी मर्जी से ट्यूशन फीस बढ़ाने व बच्चों के अभिभावकों की तरफ से उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने के चलते उनकी एफिलिएशन भी खत्म करने की हिदायत दे दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्राइवेट स्कूलों की ओर से फीस बढ़ोतरी के मुद्दे पर संघर्ष कर रहे ह्यूमन राइट के कमलदीप सिंह का कहना है कि इस बारे में बोर्ड की ओर से हिदायतें दी गई हैं कि कोई प्राइवेट स्कूल फीस में बढ़ोतरी नहीं कर सकता। सालाना फीस लेना स्कूलों का हक ही नहीं है लेकिन हर साल बच्चों के अभिभावकों से फीस ली जा रही है। उनकी संस्था इसके खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed