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सीबीएसई एग्जामः 12वीं के अंग्रेजी के पेपर में बड़ी लापरवाही, आउट ऑफ सिलेबस आया 6 नंबर का सवाल

Sun, 03 Mar 2019 09:44 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 03 Mar 2019 09:44 AM IST
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CBSE 12th Class Exam, Out of Syllabus Questions in English Paper
सीबीएसई एग्जाम पेपर
एक मार्च को सीबीएसई के 12वीं के इंग्लिश पेपर में बोर्ड की तरफ से भारी लापरवाही की गई है। 6 नंबर का प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस आया, जिसकी उम्मीद किसी स्टूडेंट ने नहीं की थी। पेपर में स्टूडेंट्स को नॉवेल की चॉइस में प्रश्न-11 और 12 में समस्या का सामना करना पड़ा। पेपर खत्म होने के बाद स्टूडेंट्स ने कहा कि सीबीएसई द्वारा सिलेबस से बाहर प्रश्न पूछने का ट्रेंड कोई नया नहीं है।
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हर बार कोई न कोई प्रश्न ऐसा आता है जिसकी वजह से उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लेकिन इस बार बोर्ड की गलती से सभी स्टूडेंट्स को 6 नंबर का प्रश्न छोड़ना पड़ा है। वहीं शहर के कई परीक्षा केंद्रों में परीक्षा से पहले आईकार्ड को लेकर कई छात्रों को रोका गया। सेक्टर -7 स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक छात्रा के पास आईकार्ड नहीं था तो उसे एंट्री करने से मना कर दिया, वह इस कदर घबरा गई कि रोने लगी। काफी जद्दोजहद के बाद उस छात्रा को एंट्री कराई गई।
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दो नॉवल्स को लेकर स्टूडेंट्स हुए कंफ्यूज
सीबीएसई 12वीं में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को सिलास मार्नेर और द इनविजिबल मैन नॉवल्स में से किसी एक को अच्छे से पढ़ना होता है। प्रश्न नंबर- 11 में दोनों नॉवल्स में से दो-दो प्रश्न आने थे और स्टूडेंट्स को चारों में से एक प्रश्न करना होता है। ऐसा ही प्रश्न नंबर- 12 में होना था। लेकिन सीबीएसई ने इस बार प्रश्न नंबर- 11 में एक ही नॉवेल के 4 प्रश्न डाल दिए और प्रश्न नंबर- 12 में दूसरे नॉवल के 4 प्रश्न डाल दिए। ऐसे में स्टूडेंट्स जो एक नॉवल पढ़ कर ही गए थे, उन्हें एक 6 नंबर का पूरा प्रश्न छोड़ना पड़ा।
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पेरेंट्स को बच्चों के भविष्य की चिंता, ग्रेस मार्क्स की मांग

सीबीएसई की तरफ से की गई इस लापरवाही से पेरेंट्स बहुत चिंतित है। उनका कहना है कि पहले पेपर में ही इस तरह की गलती से बच्चे काफी परेशान हो गए हैं। 6 नंबर किसी भी स्टूडेंट के लिए बेहद मायने रखते हैं, ऐसे में सीबीएसई द्वारा की गई इस लापरवाही से बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। बच्चों के साथ सीबीएसई ने भद्दा मजाक किया है।

सारी गलती पेपर सैटर की है, जिसने ध्यान नहीं दिया। बच्चों को ग्रेस मार्क्स मिलने चाहिए। ताकि सीबीएसई की गलती का खामियाजा उन्हें न भुगतना पड़े। हालांकि सूत्रों के अनुसार सीबीएसई का कहना है कि इस तरह के मामलों को देखने के लिए बोर्ड का एक मैकेनिज़म वह जांच करेंगे। स्टूडेंट्स का किसी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

सोशल मीडिया पर भी फूटा स्टूडेंट्-पेरेंट्स का गुस्सा
स्टूडेंट्स और पेरेंट्स सीबीएसई को टैग कर ट्विटर और फेसबुक पर पूछ रहे हैं कि उनके साथ ऐसा मजाक क्यों किया गया। चंडीगढ़, पटना, देहरादून, झारखंड आदि राज्यों से स्टूडेंट्स और पेरेंट्स ट्विटर पर सीबीएसई को टैग कर अपनी शिकायत दर्ज करा रहे हैं, साथ ही पूरे 6 नंबर देने की मांग कर रहे हैं। पेरेंट्स ट्विट कर पूछ रहे हैं कि क्या उनके बच्चों को प्रश्न के बदले ग्रेस मार्क्स मिलेंगे। हालांकि सीबीएसई की तरफ से इस बारे में खबर लिखने तक कोई जानकारी नहीं दी गई।

आईकार्ड नहीं होने पर छात्रों को रोका

सीबीएसई ने इस बार पेपर देने के लिए स्टूडेंट्स के पास आईकार्ड का होना जरूरी किया था। लेकिन परीक्षा के पहले दिन बहुत से बच्चे आईकार्ड नहीं लेकर पहुंचे जिन्हें बाहर ही रोक लिया गया। सेक्टर-16 स्थित गवर्मेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में चार स्कूल सेंट एनी, विवेक हाई स्कूल, द ब्रिटिश स्कूल और शारदा सर्वहितकारी स्कूल के 440 स्टूडेंट्स 12वीं की परीक्षा देने पहुंचे।

विवेक हाई स्कूल और द ब्रिटिश स्कूल के कई बच्चों के पास आईकार्ड नहीं थे, हालांकि बाद में पेरेंट्स को कॉल किया गया और उनसे स्कूल में आईकार्ड लेकर आने को कहा गया। स्कूल के प्रिंसिपल नीता संधू ने कहा कि कुछ स्टूडेंट्स के पास आईकार्ड नहीं थे, लेकिन फिर आधार कार्ड देख उन्हे एंट्री दी गई। हालांकि 1 मार्च को सीबीएसई की तरफ से एक नोटिफिकेशन जारी कर कहा गया है कि किसी भी छात्र को आईकार्ड नहीं होने की स्थिती में रोका नहीं जाएगा।

सीबीएसई के चेयरमैन को भेजा रिप्रेजेंटेशन
इंग्लिश के पेपर में सीबीएसई की गलती स्टूडेंट्स पर काफी भारी पड़ी है। पहले ही पेपर में गलती की वजह से स्टूडेंट्स काफी स्ट्रेस में आ गए हैं। हमने सीबीएसई के चेयरमैन को एक रिप्रेजेंटेशन भेजा है और पूरे 6 नंबर स्टूडेंट्स को देने की मांग की है।
- नितिन गोयल, प्रेजिडेंट, पेरेंट्स एसोसिएशन
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