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पंजाब यूनिवर्सिटी में 3000 शिक्षकों व कर्मियों को मिलेगी कैशलेस मेडिकल सेवा, जारी हुए आदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 26 Oct 2018 02:14 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ ने अपने तीन हजार शिक्षकों व कर्मचारियों को बहुत बड़ी सौगात दी है। दरअसल, अब उन्हें मेडिकल की कैशलेस सुविधा मिलने जा रही है। इसके लिए वाइस चांसलर ने रजिस्ट्रार व फाइनेंस अधिकारी से फाइल तलब की है। साथ ही यह भी जाना है कि इस योजना पर कितना काम हुआ है। आंकड़ों की बात करें तो पीयू में इस समय 700 टीचर और लगभग 2300 नॉन टीचिंग स्टाफ है। इन्हें मेडिकल की सुविधा लेने के लिए तनाव से गुजरना पड़ता है। उसका कारण है कि हॉस्पिटलाइज होने के बाद रकम आसानी से हॉस्पिटल के खाते में नहीं पहुंच पाती।
इस कारण भविष्य में इलाज कराना उस अस्पताल में आसान नहीं होता। इलाज पा रहे शिक्षक व कर्मचारियों को रकम जमा कराने की भी चिंता रहती है। कैशलेस सेवा के लिए लंबे समय से शिक्षक व कर्मचारी मांग करते चले आ रहे हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी नॉन टीचिंग एम्प्लाई फेडरेशन के प्रेसीडेंट दीपक कौशिक वाइस चांसलर राजकुमार से मिले। उन्होंने पूरा मामला वीसी को बताया। उन्होंने इस बात हैरानी जताई कि पूरा देश कैशलेस सेवा की ओर बढ़ रहा है और यहां ऐसा नहीं हो पा रहा है। उन्होंने रजिस्ट्रार व फाइनेंस अधिकारियों से फाइल मंगवाई है। साथ ही पूरी प्रक्रिया पर अब तक की तैयारी जानी है। माना जा रहा है कि एक माह में काम पूरा हो जाएगा।
दूर हो जाएगा तनाव
इलाज कराने के दौरान पैसे जमा कराने को लेकर तनाव हो जाता है। विश्वविद्यालय आसानी से पैसे जारी नहीं करता। कैशलेस व्यवस्था से सीधे अस्पताल के खाते में रकम ट्रांसफर हो जाएगी। शिक्षक व कर्मचारी आसानी से इलाज करा पाएंगे और तनाव भी दूर हो जाएगा।
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- दीपक कौशिक, अध्यक्ष पीयू नॉन टीचिंग एम्प्लाई फेडरेशन
टीचर्स को मिलेगा लाभ
कैशलेस मेडिकल सेवा के लिए पुटा ने मांग रखी है। वाइस चांसलर से भी इस मामले को लेकर मुलाकात हुई है। उम्मीद है जल्द ही इस पर कार्रवाई होगी। कैशलेस सेवा से और बेहतर इलाज मिल सकेगा। इससे टीचर्स को लाभ मिलेगा।
- प्रो. राजेश गिल, प्रेसीडेंट, पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन
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इस कारण भविष्य में इलाज कराना उस अस्पताल में आसान नहीं होता। इलाज पा रहे शिक्षक व कर्मचारियों को रकम जमा कराने की भी चिंता रहती है। कैशलेस सेवा के लिए लंबे समय से शिक्षक व कर्मचारी मांग करते चले आ रहे हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी नॉन टीचिंग एम्प्लाई फेडरेशन के प्रेसीडेंट दीपक कौशिक वाइस चांसलर राजकुमार से मिले। उन्होंने पूरा मामला वीसी को बताया। उन्होंने इस बात हैरानी जताई कि पूरा देश कैशलेस सेवा की ओर बढ़ रहा है और यहां ऐसा नहीं हो पा रहा है। उन्होंने रजिस्ट्रार व फाइनेंस अधिकारियों से फाइल मंगवाई है। साथ ही पूरी प्रक्रिया पर अब तक की तैयारी जानी है। माना जा रहा है कि एक माह में काम पूरा हो जाएगा।
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दूर हो जाएगा तनाव
इलाज कराने के दौरान पैसे जमा कराने को लेकर तनाव हो जाता है। विश्वविद्यालय आसानी से पैसे जारी नहीं करता। कैशलेस व्यवस्था से सीधे अस्पताल के खाते में रकम ट्रांसफर हो जाएगी। शिक्षक व कर्मचारी आसानी से इलाज करा पाएंगे और तनाव भी दूर हो जाएगा।
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- दीपक कौशिक, अध्यक्ष पीयू नॉन टीचिंग एम्प्लाई फेडरेशन
टीचर्स को मिलेगा लाभ
कैशलेस मेडिकल सेवा के लिए पुटा ने मांग रखी है। वाइस चांसलर से भी इस मामले को लेकर मुलाकात हुई है। उम्मीद है जल्द ही इस पर कार्रवाई होगी। कैशलेस सेवा से और बेहतर इलाज मिल सकेगा। इससे टीचर्स को लाभ मिलेगा।
- प्रो. राजेश गिल, प्रेसीडेंट, पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन