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आओ करिअर संवारें: एंथ्रोपोलॉजी से एमएससी तो समझो मिल गई नौकरी, बन सकेंगे फॉरेंसिक वैज्ञानिक
Tue, 25 Feb 2020 02:43 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 25 Feb 2020 02:43 PM IST
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भले ही देश में रोजगार का संकट हो, लेकिन यदि आपने एंथ्रोपोलॉजी से एमएससी किया है तो आपके पास एक नहीं बल्कि नौकरी के कई जगह से ऑफर होंगे। वेतन भी 40 हजार से लेकर लाखों में मिलेगा। पीयू का एंथ्रोपोलॉजी विभाग इसकी पढ़ाई करवा रहा है। एडमिशन मेरिट के आधार पर होते हैं। यदि प्रवेश मिल गया तो भविष्य भी सुरक्षित समझें।
पीयू के एंथ्रोपोलॉजी विभाग की स्थापना प्रो. एसआरके चोपड़ा ने 1960 में की थी। शुरुआत में यहां एमएससी की पढ़ाई होती थी, लेकिन अब अन्य कोर्स भी शुरू हो गए हैं। वर्तमान में एमएससी में 40 सीटें हैं। पिछले वर्ष विभाग को 142 आवेदन मिले थे। इस बार आवेदनों का आंकड़ा 150 से अधिक पहुंचने का है। किसी भी विषय से स्नातक किए हुए विद्यार्थी इसमें दाखिला ले सकते हैं।
मेरिट के आधार पर प्रवेश होता है। मई-जून में इसकी प्रक्रिया शुरू होती है। इसके अलावा विभाग बीएससी ऑनर्स करवा रहा है। इसमें 34 सीटें हैं। इसमें प्रवेश कॉमन एंट्रेंस टेस्ट के जरिये होता है। इसके अलावा विभाग में डिप्लोमा इन फॉरेंसिक साइंस एंड क्रिमोनोलॉजी भी करवा रहा है। इसमें 22 सीटें हैं। पिछले साल इसके लिएए 145 आवेदन मिले थे। इन सभी कोर्स से पढ़े युवाओं के लिए नौकरी के कई क्षेत्रों में रास्ते खुलते हैं।
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यहां हैं नौकरी की संभावनाएं
एंथ्रोपोलॉजी विभाग के चेयरमैन प्रो. केवल कृष्ण ने बताया कि एमएससी करने के बाद युवाओं को कई क्षेत्रों में नौकरी मिल जाती है। यहां से पासआउट विद्यार्थी बड़े-बड़े पदों पर कार्य कर रहे हैं। पीजीआई के चिल्ड्रन ग्रोथ एंड डेवलपमेंट, कम्युनिटी मेडिसिन और पब्लिक हेल्थ में जॉब मिल जाती है। इसके अलावा मेडिकल इंस्टीट्यूट, फॉरेंसिक मेडिसिन डिपार्टमेंट, जेनेटिक लैबोरेट्री, ट्राइबल वेलफेयर डिपार्टमेंट, आर्कोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, एंथ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, आईसीएमसीआर लैबोरेट्री, न्यूट्रीशियन इंस्टीट्यूट आदि जगहों पर नौकरी की संभावनाएं हैं।
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पीयू के एंथ्रोपोलॉजी विभाग की स्थापना प्रो. एसआरके चोपड़ा ने 1960 में की थी। शुरुआत में यहां एमएससी की पढ़ाई होती थी, लेकिन अब अन्य कोर्स भी शुरू हो गए हैं। वर्तमान में एमएससी में 40 सीटें हैं। पिछले वर्ष विभाग को 142 आवेदन मिले थे। इस बार आवेदनों का आंकड़ा 150 से अधिक पहुंचने का है। किसी भी विषय से स्नातक किए हुए विद्यार्थी इसमें दाखिला ले सकते हैं।
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मेरिट के आधार पर प्रवेश होता है। मई-जून में इसकी प्रक्रिया शुरू होती है। इसके अलावा विभाग बीएससी ऑनर्स करवा रहा है। इसमें 34 सीटें हैं। इसमें प्रवेश कॉमन एंट्रेंस टेस्ट के जरिये होता है। इसके अलावा विभाग में डिप्लोमा इन फॉरेंसिक साइंस एंड क्रिमोनोलॉजी भी करवा रहा है। इसमें 22 सीटें हैं। पिछले साल इसके लिएए 145 आवेदन मिले थे। इन सभी कोर्स से पढ़े युवाओं के लिए नौकरी के कई क्षेत्रों में रास्ते खुलते हैं।
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यहां हैं नौकरी की संभावनाएं
एंथ्रोपोलॉजी विभाग के चेयरमैन प्रो. केवल कृष्ण ने बताया कि एमएससी करने के बाद युवाओं को कई क्षेत्रों में नौकरी मिल जाती है। यहां से पासआउट विद्यार्थी बड़े-बड़े पदों पर कार्य कर रहे हैं। पीजीआई के चिल्ड्रन ग्रोथ एंड डेवलपमेंट, कम्युनिटी मेडिसिन और पब्लिक हेल्थ में जॉब मिल जाती है। इसके अलावा मेडिकल इंस्टीट्यूट, फॉरेंसिक मेडिसिन डिपार्टमेंट, जेनेटिक लैबोरेट्री, ट्राइबल वेलफेयर डिपार्टमेंट, आर्कोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, एंथ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, आईसीएमसीआर लैबोरेट्री, न्यूट्रीशियन इंस्टीट्यूट आदि जगहों पर नौकरी की संभावनाएं हैं।