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ध्यान दें, 8 कॉलेजों में युवा नहीं ले सकेंगे दाखिला, जानिए क्यों?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 08 Jun 2016 12:34 PM IST
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आठ कॉलेजों को नो एडमिशन जोन में डाल दिया गया है। इसलिए स्टूडेंट्स को इन कॉलेजों में दाखिला नहीं मिलेगा। पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम में गड़बड़ी मिलने के बाद पंजाब के आठ कॉलेजों को नो एडमिशन जोन में डाला गया है। यह कॉलेज 2016-17 के दौरान पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम के तहत किसी छात्र को दाखिला नहीं दे सकेंगे।
राष्ट्रीय एससी आयोग के वाइस चेयरमैन डॉ. राजकुमार वेरका ने सोमवार को पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम और निजी स्कूलों की मनमानी के मुद्दे पर उच्च शिक्षा और समाज भलाई विभाग के अधिकारियों को तलब किया था। यूटी गेस्ट हाउस में कैंप कोर्ट के दौरान कई अहम फैसले लिए गए।
डॉ. वेरका ने बताया कि स्कॉलरशिप मामले में ही 190 कॉलेजों को शोकॉज नोटिस भेजा गया है। साथ ही रिकवरी के नोटिस भी भेजे गए हैं। स्कॉलरशिप स्कीम के तहत केंद्र सरकार ने पंजाब को 568 करोड़ देना है। वहीं, पंजाब सरकार पर भी सौ करोड़ रुपये बकाया है।
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आयोग ने निर्देश दिए कि यह रकम जल्द जारी की जाए, ताकि केंद्र से फंड की अगली किस्त मंगवाई जा सके। जिन कॉलेजों को नो एडमिशन जोन में डाला गया है, उनमें लार्ड कृष्णा पॉलिटेक्निक कपूरथला, यूनिवर्सल पॉलिटेक्निक लालड़ू मंडी, गुरु अर्जुन देव पॉलिटेक्निक लुधियाना, रेडिकल बिजनेस स्कूल अमृतसर, मालवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट पटियाला, बाहरा पॉलिटेक्निक कॉलेज पटियाला शामिल हैं।
निजी स्कूलों की मनमानी पर अधिकारियों ने बताया कि जस्टिस अमरदत्त कमेटी अस्थायी कमेटी है, इसे स्थायी करने को रूल फ्रेम किए जा रहे हैं। डॉ. वेरका ने निर्देश दिए कि फिलहाल इसी कमेटी की सिफारिशें लागू की जाएं, ताकि निजी स्कूल मनमानी फीस न वसूल सकें।
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राष्ट्रीय एससी आयोग के वाइस चेयरमैन डॉ. राजकुमार वेरका ने सोमवार को पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम और निजी स्कूलों की मनमानी के मुद्दे पर उच्च शिक्षा और समाज भलाई विभाग के अधिकारियों को तलब किया था। यूटी गेस्ट हाउस में कैंप कोर्ट के दौरान कई अहम फैसले लिए गए।
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डॉ. वेरका ने बताया कि स्कॉलरशिप मामले में ही 190 कॉलेजों को शोकॉज नोटिस भेजा गया है। साथ ही रिकवरी के नोटिस भी भेजे गए हैं। स्कॉलरशिप स्कीम के तहत केंद्र सरकार ने पंजाब को 568 करोड़ देना है। वहीं, पंजाब सरकार पर भी सौ करोड़ रुपये बकाया है।
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आयोग ने निर्देश दिए कि यह रकम जल्द जारी की जाए, ताकि केंद्र से फंड की अगली किस्त मंगवाई जा सके। जिन कॉलेजों को नो एडमिशन जोन में डाला गया है, उनमें लार्ड कृष्णा पॉलिटेक्निक कपूरथला, यूनिवर्सल पॉलिटेक्निक लालड़ू मंडी, गुरु अर्जुन देव पॉलिटेक्निक लुधियाना, रेडिकल बिजनेस स्कूल अमृतसर, मालवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट पटियाला, बाहरा पॉलिटेक्निक कॉलेज पटियाला शामिल हैं।
निजी स्कूलों की मनमानी पर अधिकारियों ने बताया कि जस्टिस अमरदत्त कमेटी अस्थायी कमेटी है, इसे स्थायी करने को रूल फ्रेम किए जा रहे हैं। डॉ. वेरका ने निर्देश दिए कि फिलहाल इसी कमेटी की सिफारिशें लागू की जाएं, ताकि निजी स्कूल मनमानी फीस न वसूल सकें।