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अब कार्टून और कहानियों से किताबों के सबक सीखेंगे बच्चे, 2500 स्कूलों में ऑडियो-विजुअल तकनीक
Fri, 09 Aug 2019 12:11 PM IST
खुशबू गोयल
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 09 Aug 2019 12:11 PM IST
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स्कूली छात्र
- फोटो : फाइल फोटो
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सरकारी स्कूलों के बच्चे अब अपनी किताबों के मुश्किल सबक कार्टून और कहानियों के जरिये सीखेंगे। पंजाब सरकार ने यह सराहनीय पहल की है। पंजाब के करीब 2500 प्राइमरी स्कूलों में ऑडियो विजुअल तकनीक से पढ़ाई शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को टक्कर देने के लिए स्मार्ट स्कूल की योजना तैयार की थी। जहां प्रोजेक्टर-मॉनिटर के जरिए बच्चों को ऑडियो-विजुअल तकनीक से पढ़ाया जाना था।
जानकारी के मुताबिक स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग, पंजाब ने प्राइमरी क्लासेज के पांचों विषयों का ई-कन्टेंट तैयार कर लिया है। जिनमें हिंदी, अंग्रेजी, पंजाबी, पर्यावरण विज्ञान और गणित शामिल हैं। इन विषयों के पूरे साल भर के सिलेबस का ई-कन्टेंट तैयार किया गया है। किसी एनिमेशन मूवी की तरह इसमें कार्टून और बैकग्राउंड में आवाज है। छोटे बच्चों को किताबों से पढ़ाना बहुत मुश्किल होता है। सभी बच्चों की रुचि भी नहीं होती।
लेकिन विभाग का मानना है कि ऑडियो-विजुअल तकनीक से पढ़ाई काफी आसान हो जाएगी। बच्चों को लगेगा कि वे कोई कार्टून मूवी देख रहे हैं। इस तरह खेल-खेल में वे मुश्किल चीजें आसानी से सीख सकेंगे। अब तक करीब ढाई हजार प्राइमरी स्कूलों में इस तकनीक से पढ़ाई शुरू कर दी गई है। राज्य में कुल 12,500 प्राइमरी स्कूल हैं। विभाग का लक्ष्य है कि इस साल के अंत तक ज्यादा से ज्यादा स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो जाए।
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जानकारी के मुताबिक स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग, पंजाब ने प्राइमरी क्लासेज के पांचों विषयों का ई-कन्टेंट तैयार कर लिया है। जिनमें हिंदी, अंग्रेजी, पंजाबी, पर्यावरण विज्ञान और गणित शामिल हैं। इन विषयों के पूरे साल भर के सिलेबस का ई-कन्टेंट तैयार किया गया है। किसी एनिमेशन मूवी की तरह इसमें कार्टून और बैकग्राउंड में आवाज है। छोटे बच्चों को किताबों से पढ़ाना बहुत मुश्किल होता है। सभी बच्चों की रुचि भी नहीं होती।
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लेकिन विभाग का मानना है कि ऑडियो-विजुअल तकनीक से पढ़ाई काफी आसान हो जाएगी। बच्चों को लगेगा कि वे कोई कार्टून मूवी देख रहे हैं। इस तरह खेल-खेल में वे मुश्किल चीजें आसानी से सीख सकेंगे। अब तक करीब ढाई हजार प्राइमरी स्कूलों में इस तकनीक से पढ़ाई शुरू कर दी गई है। राज्य में कुल 12,500 प्राइमरी स्कूल हैं। विभाग का लक्ष्य है कि इस साल के अंत तक ज्यादा से ज्यादा स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो जाए।
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प्रोजेक्टर लगते ही पहुंच जाएगा ई-कन्टेंट
एससीईआरटी ने सभी ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अफसरों के दफ्तरों में ई-कन्टेंट उपलब्ध करा दिया है। उन्हें हिदायत दी गई है कि जैसे ही किसी स्कूल में प्रोजेक्टर लग जाए, वहां ई-कन्टेंट तुरंत पहुंचाया जाए। शिक्षा सुधार टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल विजिट के समय वे बीपीईओ दफ्तर से ई-कन्टेंट लेकर जाएं। ताकि जरूरत पड़ने पर स्कूल को दिया जा सके। यह देखना भी उनकी जिम्मेदारी होगी कि स्कूल में प्रोजेक्टर और ई-कन्टेंट है तो पढ़ाई ऑडियो-विजुअल तकनीक से ही हो।
करीब ढाई हजार सरकारी प्राइमरी स्कूलों में ऑडियो-विजुअल तकनीक से पढ़ाई शुरू हो गई है। बाकी स्कूलों में भी जल्द से जल्द शुरू हो जाएगी। जैसे ही किसी स्कूल में प्रोजेक्टर का इंतजाम होगा, वहां ई-कन्टेंट मुहैया करवा दिया जाएगा।
- इंदरजीत सिंह, डायरेक्टर, एससीईआरटी पंजाब
करीब ढाई हजार सरकारी प्राइमरी स्कूलों में ऑडियो-विजुअल तकनीक से पढ़ाई शुरू हो गई है। बाकी स्कूलों में भी जल्द से जल्द शुरू हो जाएगी। जैसे ही किसी स्कूल में प्रोजेक्टर का इंतजाम होगा, वहां ई-कन्टेंट मुहैया करवा दिया जाएगा।
- इंदरजीत सिंह, डायरेक्टर, एससीईआरटी पंजाब