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खुशखबरीः पंजाब यूनिवर्सिटी और संबद्ध कॉलेजों में अब आर्ट के विद्यार्थी पढ़ सकेंगे मनचाहे विषय

Thu, 18 Apr 2019 01:45 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 18 Apr 2019 01:45 PM IST
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arts students can study now any subjects in punjab university and affiliated colleges
सांकेतिक तस्वीर
पंजाब यूनिवर्सिटी और इससे संबद्ध 196 कॉलेजों के कला वर्ग के लाखों छात्रों के लिए खुशखबरी है। अब वह मनचाहे विषय पढ़ सकेंगे। विज्ञान की पढ़ाई करें या फिर अन्य विषय की। इसके लिए च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू होने जा रहा है। पंजाब विश्वविद्यालय ने इसका खाका तैयार कर लिया है। नए शैक्षणिक सत्र में धरातल पर उतारे जाने की योजना चल रही है। नैक की टीम ने वर्ष 2015 में पीयू का दौरा किया था। उस दौरान पाया था कि पीयू में सीबीसीएस लागू नहीं है।
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इसका लाभ केवल विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी ही ले पा रहे थे। आर्ट वर्ग के विद्यार्थियों की इच्छा थी कि वह भी विज्ञान आदि विषय की पढ़ाई करें, लेकिन इस पर काम नहीं हो पाया। लाखों छात्रों की इच्छा पूरी नहीं हो रही थी। नैक ने इस पर आपत्ति भी लगाई। उसके बाद पीयू ने इस पर काम किया और प्रस्ताव तैयार किया। सीनेट में लाया गया, लेकिन कुछ कॉलेजों ने इसे लागू करवाने से इंकार कर दिया। उनका तर्क था कि उनकेयहां शिक्षकों आदि की कमी है। इस वजह से वह पूरी तरह लागू नहीं कर पाएंगे।
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सीनेट ने इस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया। एक साल बीत जाने के बाद अब पीयू ने इस प्रस्ताव पर फिर काम शुरू किया है। सूत्रों का कहना है कि अब आर्ट के विद्यार्थी विज्ञान विषय पढ़ सकेंगे। इसके लिए पूरा सिलेबस बनाया गया है। इसे सीनेट में लाया जाएगा। वहां से पास होने के बाद इसको धरातल पर उतारा जाएगा। बता दें कि पीयू से संबद्ध कॉलेजों में ढाई लाख विद्यार्थी शिक्षा ले रहे हैं। इनमें से सर्वाधिक विद्यार्थी कला संकाय में शिक्षा पाते हैं। इनकी संख्या लगभग एक लाख से अधिक है।
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पीयू का यह प्लान जैसे ही लागू होगा तो यह विद्यार्थी साइंस की पढ़ाई करेंगे और उन्हें भी साइंस आदि विषय में निकली रिक्तियों में आवेदन करने का मौका मिल सकेगा।


फिर लग सकता है अड़ंगा
कुछ कॉलेज इस प्लान को इसलिए लागू नहीं कर पा रहे थे कि उनके यहां बाहरी विद्यार्थियों के दाखिले हो रहे थे। प्लान लागू करने के बाद मॉनीटरिंग होनी है और वह इसके चलते पकड़े जाते। सूत्रों का कहना है कि वे कॉलेज अब भी इस प्रस्ताव में अड़ंगा लगा सकते हैं।
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