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Hindi News ›   Chandigarh ›   Allegation for Misuse of Student Council Fund, Punjab University Chandigarh

पीयू छात्र संघ के फंड में लाखों रुपये के घपले के आरोप, कनुप्रिया बोलीं- टूर के नाम पर हुआ दुरुपयोग

Fri, 19 Apr 2019 01:31 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 19 Apr 2019 01:31 PM IST
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Allegation for Misuse of Student Council Fund, Punjab University Chandigarh
सांकेतिक तस्वीर
पीयू छात्र संघ की अध्यक्ष कनुप्रिया ने स्टूडेंट काउंसिल के जनरल सेक्रेटरी अमरिंदर सिंह, वाइस प्रेसिडेंट दलेर सिंह और ज्वाइंट सेक्रेटरी विपुल अत्रे पर फंड में घपले का आरोप लगाया है। कनुप्रिया ने कहा कि एजुकेशन टूर के नाम पर छात्र संघ के फंड में धांधली की जा रही है। इस बारे में डीएसडब्ल्यू इमैनुअल नाहर को पत्र लिखकर जांच की मांग की गई थी, लेकिन कोई अमल नहीं किया गया।
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उधर, वाइस प्रेसिडेंट दलेर सिंह सिंह से बार-बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी। छात्र संघ की ओर से विद्यार्थियों के एजुकेशन टूर के लिए पौने चार लाख रुपये रिलीज किए जाते हैं। कनुप्रिया का आरोप है कि अमरिंदर सिंह, दलेर सिंह और विपुल अत्रे ने 2018 में वैष्णो देवी जाने के नाम पर 99 हजार रुपये फंड से रिलीज कराए।
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उसके बाद गोवा की तीन ट्रिप ले जाने केनाम पर सारा फंड निकाल लिया। इसके अलावा सभी छात्र-छात्राओं से टूर के नाम पर 6-6 हजार रुपये ले लिए, जबकि ऐसे टूर में महज 3 हजार रुपये खर्च होते हैं। हैरानी की बात है कि तीनों टूर एक ही स्थान पर एक माह में करा दिए गए। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े होटलों में ठहराने और अच्छा खाना खिलाने के नाम पर लूटा जा रहा है।
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मीटिंग में सहमति जताई थी

पीयू छात्र संघ की अध्यक्ष कनुप्रिया ने बैठक में तीनों ट्रिप के लिए सहमति जताई थी। मैंने एक ही जगह ट्रिप ले जाने का विरोध किया था, लेकिन समानता की बात कर सभी ट्रिप एक ही जगह भेज दिए गए।
- अमरिंदर सिंह, जनरल सेक्रेटरी

आरोप बेबुनियाद हैं
सारे आरोप बेबुनियाद हैं। अभी तक मुझे कोई रुपये नहीं मिले हैं। गोवा टूर में रहना, खाना और शैक्षणिक गतिविधियों में काफी रुपये खर्च होते है। उस हिसाब से रुपये ज्यादा नहीं हैं।
- विपुल अत्रे, ज्वाइंट सेक्रेटरी

बाहर छात्र क्या करते हैं कोई मतलब नहीं
एजुकेशन ट्रिप के लिए ट्रेन का किराया ही छात्र संघ के फंड से दिया जाता है। वही दिया गया है। बाहर छात्रों ने रुपये दिए या नहीं, इससे मुझे कोई मतलब नहीं है। इस मामले में कोई छात्र शिकायत करेगा तो जांच कराई जाएगी।
- इमैनुअल नाहर, डीएसडब्ल्यू पीयू
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