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पीयू छात्रसंघ चुनावः इन मुद्दों पर पार्टियां मांग रही हैं वोट, छोटे संगठनों पर टिकीं सभी की निगाहें

Tue, 04 Sep 2018 09:33 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 04 Sep 2018 09:33 AM IST
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All student organizations are looking towards hostel voters
छात्र संगठन
पीयू छात्रसंघ चुनाव को लेकर सभी छात्र संगठनों की नजर अब हॉस्टल के वोटरों पर टिकी है। पीयू के 18 हॉस्टलों में लगभग सात हजार स्टूडेंट्स रहते हैं। इसके अलावा छात्र संगठन प्रचार के दौरान पीएचडी स्कालर्स को सुविधाओं को दिलाने के दावे भी कर रहे हैं। पीयू में पीएचडी स्टूडेंट्स 2600 हैं। इन वोटरों को साधने के लिए हर छात्र संगठन इन्हें तमाम सुविधाएं दिलाने का वादा कर रहे हैं। हालांकि इन दिनों छुट्टी के कारण कैंपस हॉस्टल से करीब आधे स्टूडेंट्स घर चले गए हैं। 
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ऐसे में बचे हुए स्टूडेंट्स को लुभाने के लिए छात्र संगठन पूरा जोर लगा रहे हैं। एबीवीपी के प्रवक्ता हरमनजोत सिंह गिल ने कहा कि अगर हम जीतेंगे तो हॉस्टल में 24 घंटे इंट्री होगी। हॉस्टल की साफ सफाई सही तरीके से की जाएगी। ब्वॉयज और गर्ल्स हास्टल में इसके लिए प्रचार किया जा रहा है। उधर, सोई, आईएसए, इनसो, हिमसू गठबंधन वाले दल भी हॉस्टलों में वॉशिंग मशीन लगाने का वादा कर छात्र-छात्राओं से वोट मांग रहे हैं। 
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इसके अलावा एनएसयूआई भी स्टूडेंट्स को सभी सुविधाएं दिलाने का वादा कर वोट मांग रही है। एनएसयूआई का कहना है कि हॉस्टल में साफ सफाई, खाने की गुणवत्ता को सही करने के लिए पूरे प्रयास करेंगे। सोमवार को शाम के समय सभी छात्र संगठनों ने गर्ल्स हास्टल में जाकर प्रचार किया। वहीं, पीएचडी स्टूडेंट्स से स्कालरशिप, वाईफाई सुविधा, हास्टल अलाटमेंट में पारदर्शिता के वादे किए जा रहे हैं। 
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अब छोटी पार्टियों का समर्थन बटोर रहे उम्मीदवार

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छात्र संगठन
पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव के लिए छह सितंबर को वोटिंग होगी। चुनाव में दो दिन ही शेष रहने के कारण सभी पार्टियों ने अपनी ताकत झोंक रखी है। गठबंधन और नामांकन के बाद अब बडे़ दलों को छोटी पार्टियां समर्थन कर रही हैं। सभी छात्र संगठन अब छोटी पार्टियों के समर्थन के जरिए अपनी ताकत दिखाने में जुटे हैं। साथ ही समर्थक के जरिए वोट बटोरने की रणनीति भी चल रही है। छात्र संघ चुनाव से दो दिन पहले सोई को पुसू फॉर स्टूडेंट्स ने जबकि एचएसए ने एबीवीपी को समर्थन दे दिया है।

एबीवीपी के सीनियर नेता हरमनजोत सिंह गिल ने एचएसए (हिंदुस्तान स्टूडेंट एसोसिएशन) के साथ गठबंधन की घोषणा की। एचएसए के कैंपस प्रेसिडेंट हेमंत शर्मा ने बताया कि पार्टी इस बार एबीवीपी का चुनाव में साथ देगी और उनके उम्मीदवारों के जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी मांग एक जैसी है इसलिए हम एबीवीपी का समर्थन कर रहे हैं। हेमंत शर्मा ने कहा कि स्टूडेंट्स की सभी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एबीवीपी चुनाव लड़ रही है। 

सोई को पुसू फार स्टूडेंट्स ने किया समर्थन

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प्रचार करते हुए छात्र संगठन
स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (सोई) को  पुसू फार स्टूडेंट्स संगठन ने समर्थन दिया है। इस समर्थन के माध्यम से स्टूडेंट्स संगठन के नेता साहिल कंबोज ने दावा किया कि हमारे संगठन के साथ 600 से अधिक वोटर हैं। इस चुनाव में सोई के उम्मीदवरों को वोट हमारे समर्थक  देंगे। पिछले साल यह पार्टी एनएसयूआई के साथ खड़ी थी। सोई पार्टी प्रेसिडेंट विक्की खेड़ा ने बताया कि हम स्टूडेंट्स की बेहतर सुविधाओं को दिलाने का प्रयास करेंगे इसलिए इस संगठन ने हमारा समर्थन किया है। 

एनएसयूआई और एसएफएस के लिए बिना गठबंधन जीत हासिल करना बड़ी चुनौती
पिछले वर्ष की विजेता रही एनएसयूआई ने इस बार अकेले ही चुनाव लड़ने का फैसला किया है। पिछली बार उसने छोटी पार्टियों को अपने साथ जोड़ रखा था। इस पार्टी में तीन धड़े (सुखी, मनोज और गुरजोत) ग्रुप हैं। चुनावी मैदान में प्रेसीडेंट पद के लिए खड़े उम्मीदवार अनुज सिंह, मनोज लुबाना ग्रुप का है। तीनों में कई बार सहमति न बनने की बात सामने आ चुकी है।

 अगर चुनाव से पहले तीनों ग्रुप एक साथ नहीं आए तो पार्टी को भारी नुकसान हो सकता है। वहीं एसएफएस ने इस बार शांत है। वह प्रेसीडेंट पद के लिए चुनाव लड़ रही है। वह अभी तक किसी प्रकार की रैली और सभा नहीं कर रही हैं लेकिन इसका वोट बैंक अच्छा है। इसे लेकर सभी पार्टियों की नजर बनी हुई है। 
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