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पंजाब यूनिवर्सिटी पर 577 करोड़ की धनवर्षा, खुलकर करेगी खर्च और कमाई भी होगी खूब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 14 Nov 2018 04:36 PM IST
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बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक
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पंजाब विश्वविद्यालय के आगामी वर्ष (2019-20) में खूब धन बरसेगा। केंद्र सरकार से लेकर पंजाब सरकार तक बढ़ाकर पूंजी देगी, वहीं पीयू भी अपने सोर्स से इस वर्ष में अधिक रकम जुटाएगा। एकत्रित की गई धनराशि स्टूडेंट्स, टीचर्स, कर्मचारी पर खर्च होगी। मंगलवार को बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक में हल्के शोर-शराबे के बीच 577.32 करोड़ रुपये का बजट पास हो गया। इस बार बजट में 29 करोड़ रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय पीयू को 233.48 करोड़ रुपये मुहैया कराएगा। वहीं पंजाब सरकार भी 36.33 करोड़ रुपये देगी।
वीसी कार्यालय स्थित बहुउद्देशीय हॉल में बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक में इस बजट को मंजूरी दी गई। इस दौरान पिछले साल वर्ष 2018-19 का खर्च बजट प्रस्तुत किया गया। निर्माण आदि को लेकर कुछ सदस्यों ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कुछ निर्माण बेहतर हुए तो कुछ हॉस्टल आदि में दरारें आदि आ गईं। इसको लेकर कुछ हल्का हंगामा भी बरपा, लेकिन मामला शांत करा दिया गया। कुछ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी उंगली उठी। भवनों का निर्माण बेहतर करने, हॉस्टल की मरम्मत आदि के कार्यों में पारदर्शिता लाने की सलाह दी गई। साथ ही स्टूडेंट के कल्याण पर भी खर्च रकम पर विमर्श हुआ।
साउथ कैंपस स्थापित करने केलिए 72.67 करोड़ रुपये पास किए गए, जिसमें 69 करोड़ रुपये जारी करने के आदेश हुए। बाकी कार्य भी जल्द पूरा करने की बात रखी गई। यह भी कहा गया कि कोई भी प्रोजेक्ट समय से पूरा नहीं हो पाता है और उसके लिए रकम जारी कर दी गई है तो कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही जुर्माना भी डाला जाना चाहिए। ऑडिटोरियम का निर्माण अगले माह दिसंबर में पूरा करने के आदेश कार्यदायी संस्था को दिया गया। सभागार में सुरक्षा, पार्किंग व्यवस्था, आग से बचाव आदि केपुख्ता इंतजाम करने का प्रस्ताव पास हुआ।
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वीसी कार्यालय स्थित बहुउद्देशीय हॉल में बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक में इस बजट को मंजूरी दी गई। इस दौरान पिछले साल वर्ष 2018-19 का खर्च बजट प्रस्तुत किया गया। निर्माण आदि को लेकर कुछ सदस्यों ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कुछ निर्माण बेहतर हुए तो कुछ हॉस्टल आदि में दरारें आदि आ गईं। इसको लेकर कुछ हल्का हंगामा भी बरपा, लेकिन मामला शांत करा दिया गया। कुछ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी उंगली उठी। भवनों का निर्माण बेहतर करने, हॉस्टल की मरम्मत आदि के कार्यों में पारदर्शिता लाने की सलाह दी गई। साथ ही स्टूडेंट के कल्याण पर भी खर्च रकम पर विमर्श हुआ।
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साउथ कैंपस स्थापित करने केलिए 72.67 करोड़ रुपये पास किए गए, जिसमें 69 करोड़ रुपये जारी करने के आदेश हुए। बाकी कार्य भी जल्द पूरा करने की बात रखी गई। यह भी कहा गया कि कोई भी प्रोजेक्ट समय से पूरा नहीं हो पाता है और उसके लिए रकम जारी कर दी गई है तो कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही जुर्माना भी डाला जाना चाहिए। ऑडिटोरियम का निर्माण अगले माह दिसंबर में पूरा करने के आदेश कार्यदायी संस्था को दिया गया। सभागार में सुरक्षा, पार्किंग व्यवस्था, आग से बचाव आदि केपुख्ता इंतजाम करने का प्रस्ताव पास हुआ।
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बजट एक नजर
कुल बजट- 577.32 करोड़
कहां से आएगा पैसा
-307.50 करोड़ पीयू अपने सोर्स से कमाएगा
- मानव संसाधन विकास मंत्रालय पीयू को मुहैया करवाएगा 233.48 करोड़ रुपये
-पंजाब सरकार भी देगी 36.33 करोड़ रुपये
यह रहा फीस का हिसाब
बजट में फीस केजरिये पीयू 155.30 करोड़ रुपये जुटाएगा जो पिछले साल के मुकाबले 1.14 फीसदी अधिक है। यानी भविष्य में फीस में बढ़ोत्तरी होगी। सेल्फ फाइनेंस कोर्स के जरिये पीयू 65.50 करोड़ कमाएगा। यह राशि पिछले साल 59.90 करोड़ थी। पीयू के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का प्रस्ताव सभी ने पास किया। हॉस्टल निर्माण भी होगा। लड़कियों के लिए गर्ल्स हॉस्टल नंबर- 10 बनेगा। इस पर छह करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी। सभी हॉस्टल के जरिये पीयू की आय 14.29 करोड़ रुपये होगी, जो पिछले साल से अधिक है। किस पर चार्ज बढ़ाया जाएगा, यह साफ नहीं हुआ है।
कहां से आएगा पैसा
-307.50 करोड़ पीयू अपने सोर्स से कमाएगा
- मानव संसाधन विकास मंत्रालय पीयू को मुहैया करवाएगा 233.48 करोड़ रुपये
-पंजाब सरकार भी देगी 36.33 करोड़ रुपये
यह रहा फीस का हिसाब
बजट में फीस केजरिये पीयू 155.30 करोड़ रुपये जुटाएगा जो पिछले साल के मुकाबले 1.14 फीसदी अधिक है। यानी भविष्य में फीस में बढ़ोत्तरी होगी। सेल्फ फाइनेंस कोर्स के जरिये पीयू 65.50 करोड़ कमाएगा। यह राशि पिछले साल 59.90 करोड़ थी। पीयू के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का प्रस्ताव सभी ने पास किया। हॉस्टल निर्माण भी होगा। लड़कियों के लिए गर्ल्स हॉस्टल नंबर- 10 बनेगा। इस पर छह करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी। सभी हॉस्टल के जरिये पीयू की आय 14.29 करोड़ रुपये होगी, जो पिछले साल से अधिक है। किस पर चार्ज बढ़ाया जाएगा, यह साफ नहीं हुआ है।
इन बिंदुओं पर दिया गया जोर
- यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग सिस्टम के तहत छात्रों का नामांकन बढ़ाया जाए।
- नामांकन बढ़ाने के लिए विदेशी व एनआरआई छात्रों के प्रवेश के मानकों को संशोधित किया जाए।
- कोर्स आदि का प्रचार-प्रसार भी किया जाए।
- यूएसओएल के साथ-साथ विश्वविद्यालय के अन्य विभागों द्वारा एमओयूसी पाठ्यक्रम शुरू करना।
- एमडीपी के परामर्श कार्य और आचरण के माध्यम से आय का हिसाब रखना।
- पीयू में अंतरराष्ट्रीय कैंपस खोलने की संभावनाओं पर विचार किया जाए।
- विज्ञान से जुड़ी ऑनलाइन पत्रिकाओं, संसाधनों को सुलभ बनाया जाए ताकि वह अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकें।
- नामांकन बढ़ाने के लिए विदेशी व एनआरआई छात्रों के प्रवेश के मानकों को संशोधित किया जाए।
- कोर्स आदि का प्रचार-प्रसार भी किया जाए।
- यूएसओएल के साथ-साथ विश्वविद्यालय के अन्य विभागों द्वारा एमओयूसी पाठ्यक्रम शुरू करना।
- एमडीपी के परामर्श कार्य और आचरण के माध्यम से आय का हिसाब रखना।
- पीयू में अंतरराष्ट्रीय कैंपस खोलने की संभावनाओं पर विचार किया जाए।
- विज्ञान से जुड़ी ऑनलाइन पत्रिकाओं, संसाधनों को सुलभ बनाया जाए ताकि वह अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकें।
ग्रेड पे बढ़ाया गया
बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक में मेडिकल अधिकारी व उनसे जुड़े वर्कर्स के ग्रेड पे में बढ़ोत्तरी की गई है। 45 हजार वेतन को बढ़ाकर 62738 रुपये किए जाने का प्रस्ताव पास हुआ। इसके अलावा मेडिकल स्पेशलिस्ट का वेतन 20 हजार से बढ़ाकर 27883 रुपये किए जाने का प्रस्ताव भी मंजूर हुआ। इस दौरान ठेकेदार कर्मचारियों के पारिश्रमिक को भी बढ़ाया गया। उनकेपारिश्रमिक में तीन फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई। इस दौरान लाइब्रेरी में दो से तीन पदों पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को भी पदोन्नत कर उन्हें नया ग्रेड पे दिए जाने का प्रस्ताव पास हुआ। प्रयोगशाला तकनीशियन, लैब सहायक के वेतन में भी यूजीसी की गाइड लाइन केमुताबिक बढ़ोत्तरी किए जाने का प्रस्ताव आया, जो मंजूर हुआ और यूजीसी को भी वह भेजा जाएगा।
66 केवीए का विद्युत उप स्टेशन बनेगा
यूजीसी व मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सेक्टर- 14 में 66 केवीए के विद्युत सब स्टेशन को बनाने की मंजूरी दे दी है। हालांकि यह प्रस्ताव सिंडिकेट की बैठक मेें ले जाया जाएगा।
शिक्षकों के सातवें वेतनमान का रास्ता साफ
शिक्षक व कर्मचारियों को सातवां वेतनमान दिए जाने के लिए प्रस्ताव बैठक में पास हुआ। यह प्रस्ताव पंजाब व केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी के बाद लागू होगा। लगभग चार हजार शिक्षक व कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। लंबे समय से इसकी मांग शिक्षक व कर्मचारी करते चले आ रहे थे। पीयू से ही यह प्रस्ताव पहले तैयार नहीं हो पाया था। अब जाकर इसे मंजूरी प्रदान कर दी गई। रिसर्च के क्षेत्र में होने वाले कार्यों का बजट भी बढ़ाया जाएगा। साथ ही ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। ड्राफ्टमैन, आर्किटेक्ट यूनिट का बजट भी पास किया गया।
66 केवीए का विद्युत उप स्टेशन बनेगा
यूजीसी व मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सेक्टर- 14 में 66 केवीए के विद्युत सब स्टेशन को बनाने की मंजूरी दे दी है। हालांकि यह प्रस्ताव सिंडिकेट की बैठक मेें ले जाया जाएगा।
शिक्षकों के सातवें वेतनमान का रास्ता साफ
शिक्षक व कर्मचारियों को सातवां वेतनमान दिए जाने के लिए प्रस्ताव बैठक में पास हुआ। यह प्रस्ताव पंजाब व केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी के बाद लागू होगा। लगभग चार हजार शिक्षक व कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। लंबे समय से इसकी मांग शिक्षक व कर्मचारी करते चले आ रहे थे। पीयू से ही यह प्रस्ताव पहले तैयार नहीं हो पाया था। अब जाकर इसे मंजूरी प्रदान कर दी गई। रिसर्च के क्षेत्र में होने वाले कार्यों का बजट भी बढ़ाया जाएगा। साथ ही ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। ड्राफ्टमैन, आर्किटेक्ट यूनिट का बजट भी पास किया गया।
पीयू की बेहतरी के सुझाव का स्वागत
बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक में अध्यक्ष एवं वाइस चांसलर प्रो. राजकुमार ने कहा कि पीयू की बेहतरी केलिए जो भी सुझाव आए हैं उनका स्वागत है। उन पर काम भी किया जाएगा। उन्होंने सदस्यों की ओर से उठाए गए सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मनमुटाव किसी बात को लेकर हुआ है तो उसे आगे लेकर न जाएं। यही पर छोड़कर जाएं।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय व यूजीसी का कोई भी प्रतिनिधि नहीं पहुंचा
बैठक में इस बार मानव संसाधन विकास मंत्रालय व यूजीसी के कोई भी प्रतिनिधि नहीं पहुंचे। दो से तीन सदस्य और भी गैर हाजिर रहे। बैठक में रजिस्ट्रार करमजीत सिंह, विशेष सचिव वित्त पंजाब गरिमा सिंह, उप निदेशक हरीश नायर, नवदीप गोयल, डॉ. एलएस गिल, विक्रम नायर, डीपीआर रेनुका बी सलवान आदि मौजूद रहीं।
ये है बजट का गणित
पंजाब विश्वविद्यालय अपने ही स्रोत केजरिये कमाता है और खर्च करता है। केंद्र व पंजाब सरकार भी मदद करती हैं। पंजाब विश्वविद्यालय अपने स्रोतों से 307.50 करोड़ रुपये कमाएगा, जो पिछले साल के मुकाबले 4.88 फीसदी अधिक है। पिछले साल पीयू को 293.19 करोड़ रुपये की आय हुई थी। बुक्स व जनरल्स पब्लिकेशन्स पर इस बार पीयू 6.59 फीसद कम रकम खर्च करेगा। इसके अलावा न्यू एकेडमिक प्रोग्राम पर भी 53 फीसदी कम रकम खर्च की जाएगी। वेतन पर 6.11 फीसदी रकम बढ़ाई गई है।
सरकार भी खोलेंगी खजाना
मानव संसाधन विकास मंत्रालय पंजाब विश्वविद्यालय को सेलरी आदि केलिए 233.48 करोड़ रुपये देगा जो पिछले साल के मुकाबले 6 फीसदी अधिक है। इसी तरह पंजाब सरकार भी अपने खजाने से 36.55 करोड़ रुपये देगी। पिछले वित्तीय वर्ष में 34.62 करोड़ रुपये जारी हुए थे।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय व यूजीसी का कोई भी प्रतिनिधि नहीं पहुंचा
बैठक में इस बार मानव संसाधन विकास मंत्रालय व यूजीसी के कोई भी प्रतिनिधि नहीं पहुंचे। दो से तीन सदस्य और भी गैर हाजिर रहे। बैठक में रजिस्ट्रार करमजीत सिंह, विशेष सचिव वित्त पंजाब गरिमा सिंह, उप निदेशक हरीश नायर, नवदीप गोयल, डॉ. एलएस गिल, विक्रम नायर, डीपीआर रेनुका बी सलवान आदि मौजूद रहीं।
ये है बजट का गणित
पंजाब विश्वविद्यालय अपने ही स्रोत केजरिये कमाता है और खर्च करता है। केंद्र व पंजाब सरकार भी मदद करती हैं। पंजाब विश्वविद्यालय अपने स्रोतों से 307.50 करोड़ रुपये कमाएगा, जो पिछले साल के मुकाबले 4.88 फीसदी अधिक है। पिछले साल पीयू को 293.19 करोड़ रुपये की आय हुई थी। बुक्स व जनरल्स पब्लिकेशन्स पर इस बार पीयू 6.59 फीसद कम रकम खर्च करेगा। इसके अलावा न्यू एकेडमिक प्रोग्राम पर भी 53 फीसदी कम रकम खर्च की जाएगी। वेतन पर 6.11 फीसदी रकम बढ़ाई गई है।
सरकार भी खोलेंगी खजाना
मानव संसाधन विकास मंत्रालय पंजाब विश्वविद्यालय को सेलरी आदि केलिए 233.48 करोड़ रुपये देगा जो पिछले साल के मुकाबले 6 फीसदी अधिक है। इसी तरह पंजाब सरकार भी अपने खजाने से 36.55 करोड़ रुपये देगी। पिछले वित्तीय वर्ष में 34.62 करोड़ रुपये जारी हुए थे।