{"_id":"59650f0f4f1c1b771e8b46d2","slug":"50-professors-vacancies-in-pu-letter-written-to-ministry","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीयू में 50 प्रोफेसरों के पद खाली, मंत्रालय को लिखा पत्र","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
पीयू में 50 प्रोफेसरों के पद खाली, मंत्रालय को लिखा पत्र
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 12 Jul 2017 01:00 AM IST
विज्ञापन
Panjab University
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब यूनिवर्सिटी में एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर स्तर के 50 पद खाली हैं। ऐसे में छात्र-अध्यापक की तय रेशो भी पूरी नहीं हो पा रही है। पीयू ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) और यूजीसी को पत्र भेजकर इन पदों पर रेगुलर भर्ती की अनुमति मांगी है। इसके अलावा नॉन टीचिंग के कुछ पदों को भरने के लिए भी अनुमति मांगी गई है। साल 2014 के बाद से पीयू में कोई रेगुलर भर्ती नहीं हुई है।
एमएचआरडी और यूजीसी को भेजे प्रपोजल में पीयू ने कहा है कि इन पदों को भरने के लिए किसी अतिरिक्त फंड की जरूरत नहीं है। पहले से पीयू को जो फंड मिला है, उसमें इन पोस्टों को समायोजित किया जा सकता है।
ये पद खाली
प्रोफेसर 2
एसोसिएट प्रोफेसर 13
असिस्टेंट प्रोफेसर 35
नॉन टीचिंग स्टाफ के इन पदों को भरने की भी मांगी अनुमति
डिप्टी रजिस्ट्रार 7
चीफ सिक्योरिटी अफसर 1
डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल 1
मेडिकल अफसर 1
सिर्फ एक कॉलेज में नियमित प्रिंसिपल
शहर के कुल पांच सरकारी कॉलेजों में से सिर्फ एक में ही रेगुलर प्रिंसिपल कार्यरत है। जबकि अन्य कॉलेजों में कार्यकारी प्रिंसिपल ही काम चला रहे हैं। सेक्टर-11 स्थित गर्ल्स कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. अनिता कौशल नियमित पद पर हैं। बता दें कि कार्यकारी प्रिंसिपल को तनख्वाह भी एसोसिएट प्रोफेसर स्तर की मिलती है। कॉलेजों में रेगुलर प्रिंसिपल न होने का कारण कहीं न कहीं डीपीसी की बैठक न होना है। 75 फीसदी सीटें प्रमोशन के तहत भरी जाती हैं, जोकि डीपीसी करता है। जबकि 25 प्रतिशत डायरेक्ट कोटा होता है, जो यूपीएससी केमाध्यम से आता है। वहीं इस बारे में एजूकेशन सेक्रेटरी राकेश कुमार पोपली ने कहा कि इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही कोई फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
एमएचआरडी और यूजीसी को भेजे प्रपोजल में पीयू ने कहा है कि इन पदों को भरने के लिए किसी अतिरिक्त फंड की जरूरत नहीं है। पहले से पीयू को जो फंड मिला है, उसमें इन पोस्टों को समायोजित किया जा सकता है।
विज्ञापन
ये पद खाली
प्रोफेसर 2
एसोसिएट प्रोफेसर 13
असिस्टेंट प्रोफेसर 35
नॉन टीचिंग स्टाफ के इन पदों को भरने की भी मांगी अनुमति
डिप्टी रजिस्ट्रार 7
चीफ सिक्योरिटी अफसर 1
डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल 1
मेडिकल अफसर 1
सिर्फ एक कॉलेज में नियमित प्रिंसिपल
शहर के कुल पांच सरकारी कॉलेजों में से सिर्फ एक में ही रेगुलर प्रिंसिपल कार्यरत है। जबकि अन्य कॉलेजों में कार्यकारी प्रिंसिपल ही काम चला रहे हैं। सेक्टर-11 स्थित गर्ल्स कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. अनिता कौशल नियमित पद पर हैं। बता दें कि कार्यकारी प्रिंसिपल को तनख्वाह भी एसोसिएट प्रोफेसर स्तर की मिलती है। कॉलेजों में रेगुलर प्रिंसिपल न होने का कारण कहीं न कहीं डीपीसी की बैठक न होना है। 75 फीसदी सीटें प्रमोशन के तहत भरी जाती हैं, जोकि डीपीसी करता है। जबकि 25 प्रतिशत डायरेक्ट कोटा होता है, जो यूपीएससी केमाध्यम से आता है। वहीं इस बारे में एजूकेशन सेक्रेटरी राकेश कुमार पोपली ने कहा कि इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही कोई फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन