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पीयू के 194 एफिलिएटेड कालेजों में फीस बढ़ेगी, सिंडीकेट ने लगाई मुहर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 11 Dec 2017 09:15 AM IST
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VC Arun Grover On PU
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब यूनिवर्सिटी से संबंधित 194 कॉलेजों के छात्रों पर पांच फीसदी फीस नए सत्र से बढ़ जाएगी। सिंडीकेट की मीटिंग में रविवार को यह फीस बढ़ोतरी का फैसला हुआ है। इसे अब सीनेट की मंजूरी के बाद लागू कर दिया जाएगा। वहीं, रविवार को हुई सिंडीकेट की मीटिंग में कई मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें कई मामले में सिंडीकेट की मुहर लगा दी गई है।
सीनेट से पारित होने के बाद इसे पीयू से जुड़े कॉलेजों में लागू कर दिया जाएगा। पीयू प्रबंधन की ओर से दो साल पहले ही इन कॉलेजों में फीस बढ़ोतरी की गई थी। तीन साल बाद फिर से इस तरह का फैसला प्रबंधन की ओर से लिया गया है। इसे लेकर आने वाले दिनों में एफिलिएटेड कॉलेजों में छात्र राजनीति गर्म होने की संभावना है।
पीयू की दस प्रतिशत फीस बढ़ोतरी के मुद्दे को लेकर किसी तरह का निर्णय सिंडीकेट में नहीं हो सका है। 19 दिसंबर को होने वाली सिंडिकेट बैठक में पीयू की फीस बढ़ोतरी का मुद्दा रखा जाएगा। अगले सत्र में इसे मंजूरी प्रदान करने की आम सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है। जहां इसे मंजूरी मिलना तय माना जा रहा है।
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इस तरह विद्यार्थियों को करना होगा फीस का भुगतान
फीस बढ़ने के बाद एफिलिएटेड कॉलेज के छात्रों को रेगुलर कोर्स में नए सत्र से पांच प्रतिशत फीस बढ़ोतरी की गई है। रेगुलर कोर्सेज में छात्रों को प्रति वर्ष दो हजार रुपये देने होते थे। अब यह फीस बढ़कर 2100 रुपये हो जाएगी। इसी मापदंड के आधार पर फीस का भुगतान तय किया गया है।
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सीनेट से पारित होने के बाद इसे पीयू से जुड़े कॉलेजों में लागू कर दिया जाएगा। पीयू प्रबंधन की ओर से दो साल पहले ही इन कॉलेजों में फीस बढ़ोतरी की गई थी। तीन साल बाद फिर से इस तरह का फैसला प्रबंधन की ओर से लिया गया है। इसे लेकर आने वाले दिनों में एफिलिएटेड कॉलेजों में छात्र राजनीति गर्म होने की संभावना है।
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पीयू की दस प्रतिशत फीस बढ़ोतरी के मुद्दे को लेकर किसी तरह का निर्णय सिंडीकेट में नहीं हो सका है। 19 दिसंबर को होने वाली सिंडिकेट बैठक में पीयू की फीस बढ़ोतरी का मुद्दा रखा जाएगा। अगले सत्र में इसे मंजूरी प्रदान करने की आम सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है। जहां इसे मंजूरी मिलना तय माना जा रहा है।
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इस तरह विद्यार्थियों को करना होगा फीस का भुगतान
फीस बढ़ने के बाद एफिलिएटेड कॉलेज के छात्रों को रेगुलर कोर्स में नए सत्र से पांच प्रतिशत फीस बढ़ोतरी की गई है। रेगुलर कोर्सेज में छात्रों को प्रति वर्ष दो हजार रुपये देने होते थे। अब यह फीस बढ़कर 2100 रुपये हो जाएगी। इसी मापदंड के आधार पर फीस का भुगतान तय किया गया है।
रिटायर्ड डॉ. दीपक मनमोहन को बनाया गया हॉनरेरी प्रोफेसर
रिटायर्ड डॉ. दीपक मनमोहन को बनाया गया हॉनरेरी प्रोफेसर
डॉ. दीपक मनमोहन को हॉनरेरी प्रोफेसर के खिताब से नवाजे जाने पर सिंडीकेट में विरोध हुआ। सीनेटर रविंदर नाथ ने मुद्दा उठाया कि डॉ. दीपक मनमोहन के बायोडाटा को पहले एग्जामिन करवा लेना चाहिए था जो नहीं करवाया गया। इनकी इतनी अच्छी रिसर्च नहीं है जिन्हें इस खिताब से नवाजा जाए। वहीं सीनेटर एनआर शर्मा ने डॉ. दीपक की मेरिट पर सवाल उठाए।
प्रो. इकबाल संधू ने भी मुद्दे का विरोध किया। जबकि मामले पर सीनेटर एनआर शर्मा और रविंद्र नाथ ने अपना डिसेंट दिया। वहीं डेंटल कॉलेज के प्रो. अशोक उपरेजा का बायोडाटा उनकी रिसर्च आदि को मेडिकल साइंस फैकल्टी से एग्जामिन करवाया गया। इस मुद्दे पर एक घंटे तक बहस चली। हालांकि इस विरोध के बावजूद इस मुद्दे पर मुहर लग गई और उन्हें हॉनरेरी प्रोफेसर के खिताब से नवाजा गया।
सेक्टर-25 पार्किंग एरिया में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग की होगी स्थापना
पीयू के सेक्टर-25 के पार्किंग एरिया में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग की स्थापना को लेकर मंजूरी मिल गई है। इसके तहत कैंपस में फैल रहे प्रदूषण के स्तर को जांचने के लिए यंत्र लगाए जाएंगे। इससे अत्यधिक प्रदूषण करने वाले वाहनों को कैंपस में आने से रोका जा सके। पुटा अध्यक्ष राजेश गिल की ओर से सिंडिकेट की बैठक की पीयू की वेबसाइट पर टेलीकॉस्टिंग की मांग को नामंजूर कर दिया गया।
उनकी ओर से प्रबंधन को लेटर लिखकर सभी सिंडीकेट के मुद्दों को सार्वजनिक करने की राय प्रबंधन की ओर से दी गई थी। मिड साइंटिस्ट कैरियर की स्थापना के लिए प्रति वर्ष एक लाख रुपये फंड को जो मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत पीयू, क्रिक और सेंट्रल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के बीच अनुसंधान में तालमेल बैठाने के लिए कार्य किया जाएगा।
वहीं, पीयू में वर्ष 2009 के बाद की गई पीएचडी की डिग्री अलग-अलग नहीं दी जाएगी। इसके लिए पूरे अंक प्रैक्टिकल सहित एक मार्कशीट में दिए जाएंगे। वहीं, लाइब्रेरी के निर्माण के लिए 73 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई।
डॉ. दीपक मनमोहन को हॉनरेरी प्रोफेसर के खिताब से नवाजे जाने पर सिंडीकेट में विरोध हुआ। सीनेटर रविंदर नाथ ने मुद्दा उठाया कि डॉ. दीपक मनमोहन के बायोडाटा को पहले एग्जामिन करवा लेना चाहिए था जो नहीं करवाया गया। इनकी इतनी अच्छी रिसर्च नहीं है जिन्हें इस खिताब से नवाजा जाए। वहीं सीनेटर एनआर शर्मा ने डॉ. दीपक की मेरिट पर सवाल उठाए।
प्रो. इकबाल संधू ने भी मुद्दे का विरोध किया। जबकि मामले पर सीनेटर एनआर शर्मा और रविंद्र नाथ ने अपना डिसेंट दिया। वहीं डेंटल कॉलेज के प्रो. अशोक उपरेजा का बायोडाटा उनकी रिसर्च आदि को मेडिकल साइंस फैकल्टी से एग्जामिन करवाया गया। इस मुद्दे पर एक घंटे तक बहस चली। हालांकि इस विरोध के बावजूद इस मुद्दे पर मुहर लग गई और उन्हें हॉनरेरी प्रोफेसर के खिताब से नवाजा गया।
सेक्टर-25 पार्किंग एरिया में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग की होगी स्थापना
पीयू के सेक्टर-25 के पार्किंग एरिया में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग की स्थापना को लेकर मंजूरी मिल गई है। इसके तहत कैंपस में फैल रहे प्रदूषण के स्तर को जांचने के लिए यंत्र लगाए जाएंगे। इससे अत्यधिक प्रदूषण करने वाले वाहनों को कैंपस में आने से रोका जा सके। पुटा अध्यक्ष राजेश गिल की ओर से सिंडिकेट की बैठक की पीयू की वेबसाइट पर टेलीकॉस्टिंग की मांग को नामंजूर कर दिया गया।
उनकी ओर से प्रबंधन को लेटर लिखकर सभी सिंडीकेट के मुद्दों को सार्वजनिक करने की राय प्रबंधन की ओर से दी गई थी। मिड साइंटिस्ट कैरियर की स्थापना के लिए प्रति वर्ष एक लाख रुपये फंड को जो मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत पीयू, क्रिक और सेंट्रल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के बीच अनुसंधान में तालमेल बैठाने के लिए कार्य किया जाएगा।
वहीं, पीयू में वर्ष 2009 के बाद की गई पीएचडी की डिग्री अलग-अलग नहीं दी जाएगी। इसके लिए पूरे अंक प्रैक्टिकल सहित एक मार्कशीट में दिए जाएंगे। वहीं, लाइब्रेरी के निर्माण के लिए 73 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई।