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अब अंग्रेजी में पढ़िए मुंशी प्रेमचंद, पंजाब यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में आईं 2000 नई किताबें

Fri, 05 Oct 2018 02:44 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 05 Oct 2018 02:44 PM IST
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2000 New Book in Punjab University Library, Munshi premchand English Version
library - फोटो : source
मुंशी प्रेमचंद को हिंदी में तो सभी ने पढ़ा है, अब उनके नाटक, कहानियों के संस्करण अंग्रेजी में आ गए हैं। पीयू में पहली बार अंग्रेजी में प्रेमचंद की किताबें आई हैं। ये हिंदी विभाग को दी ही जाएंगी। ये लाइब्रेरी में भी रहेंगी। ये पुस्तक विद्यार्थियों की डिमांड पर मंगवाई गई हैं। इसके अलावा नारी सशक्तीकरण, देश-दुनिया के घटनाक्रम, सरोकारों से जुड़ीं 1680 नई किताबें और मंगवाई गई हैं। स्टूडेंट्स को किताबों की जानकारी मिलते ही पीयू की एसी जोशी लाइब्रेरी में भीड़ बढ़ना शुरू हो गई है। पीयू के एसी जोशी लाइब्रेरी में 7.79 लाख किताबें हैं। यहां हर विषय से जुड़ी किताबें मिल जाती हैं।
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इस लाइब्रेरी के मेंबरों की संख्या दस हजार थी, जो अब बढ़कर 11 हजार से अधिक पहुंच गई है। इसका कारण नई किताबों का आना माना जा रहा है। इस बार ऑक्सफोर्ड, कैंब्रिज, सीआरसी प्रेस, पेंग्विन, प्रेंट्स, स्प्रिंग आदि विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर की किताबें यहां आई हैं। इन किताबों में आधुनिक जीवन के बारे में बताया गया है। विश्व की सबसे बड़ी समस्या टैरेरिज्म पर यहां पुस्तक पढ़ने को मिलेगी। महिलाओं के देशभर में पिछले वर्षों में हुए अपहरण से जुड़ी पुस्तकें भी मंगवाई गई हैं। किताबें सरकारों से सवाल भी कर रही हैं। आखिर महिलाओं को न्याय मिलेगा तो कैसे?
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ये आई हैं प्रमुख पुस्तकें
- शिया इन मॉडर्न साउथ एशिया
- लिविंग विद डिजास्टर्स
- दि अदर वन परसेंट इंडियन इन अमेरिका
- 1965 टर्निंग द राइड अमेरिका रेडिकल
- कम्युनिटी ऑफ वुमन
- नारी सशक्तीकरण
- मुंशी प्रेमचंद
- भारतीय कला, संस्कृति के नवीन आयाम
- पांच भक्ति कवि
- तीर्थ राजप्रयाग और कुंभ महापर्व
- कुत्तों का प्रशिक्षण व्यवस्थापन और रोग नियंत्रण
- मध्य पर्व की प्राचीन जातियां और सभ्यताएं
- भारतेंदु

किताबें स्टूडेंट्स की डिमांड पर भी मंगाई गई हैं। विभागों के लिए भी आई हैं। कई लाइब्रेरी में रहेंगी। लाइब्रेरी में स्टूडेंट्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। कारण है कि किताबें उनके मुताबिक मिल रही हैं।
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- रश्मि यादव, लाइब्रेरियन, पीयू
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