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पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट की बैठक में 14 प्रस्ताव पास, दो नए कोर्स शुरू किए जाने पर पेंच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 04 Nov 2018 01:18 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस
- फोटो : file photo
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ की सीनेट की बैठक में 14 प्रस्ताव पास हुए जबकि दो प्रस्ताव लटक गए। इस पर कुछ विचार करने के बाद शुरू किया जाएगा। यह प्रस्ताव नए कोर्स शुरू किए जाने के थे। सेंटर फॉर पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन के प्रोफेसर रहे अक्षत मेहता के रिजायन को कुबूल करना था, लेकिन इस पर ऑब्जेक्शन लगा दिया गया। कहा गया कि रिजायन करने की तिथि व सीनेट में आने की तिथि में काफी अंतर है। इस मामले पर फैसला सुरक्षित किया गया है। सीनेटर के सामने नहीं रखा गया।
क्या आरओ की पावर सीनेट से अधिक हैं?
शिक्षकों के प्रमोशन के एजेंडे सामने रखे गए तो आरओ पर आरोप लगे। कहा गया कि सीनेट व सिंडिकेट द्वारा पास किए जाने के बाद भी आरओ शिक्षकों के इन प्रस्तावों पर ऑब्जेक्शन लगाते हैं। ऑडीटर्स की लिमिटेशन नहीं हैं। सीनेटर अजय रंगा ने कहा कि हर मामले को बोर्ड ऑफ फाइनेंस में न ले जाया जाए। शिक्षकों के हित में निर्णय लेने की कोशिश होनी चाहिए। कहा कि 1998 में पीएचडी किए हुए 250 से अधिक शिक्षक इसलिए प्रभावित हैं कि उनके प्रमोशन में आरओ ने अड़ंगा लगा रखा है। इस पर वीसी प्रो. राजकुमार ने कहा कि यह मामला प्रगति में है। पीएचडी इंक्रीमेंट पर जल्द निर्णय होगा।
2012 तक के इम्प्लाई के लिए पुरानी पेंशन बहाल हो
पीयू कर्मचारियों के लीडर दीपक कौशिक ने कर्मचारियों के पेंशन का मामला रखा। उन्होंने कहा कि 2012 तक के इम्प्लाई के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था की प्रक्रिया बहाल हो। फिर से उनके लिए ऑप्शन खोले जाएं ताकि वह अप्लाई कर सकें। हजारों कर्मचारी इससे प्रभावित हो रहे हैं। सीनेटर ने शिक्षकों के मामले भी रखे। उनकी भी पेंशन व्यवस्था बहाली पर आश्वासन दिया गया।
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क्या आरओ की पावर सीनेट से अधिक हैं?
शिक्षकों के प्रमोशन के एजेंडे सामने रखे गए तो आरओ पर आरोप लगे। कहा गया कि सीनेट व सिंडिकेट द्वारा पास किए जाने के बाद भी आरओ शिक्षकों के इन प्रस्तावों पर ऑब्जेक्शन लगाते हैं। ऑडीटर्स की लिमिटेशन नहीं हैं। सीनेटर अजय रंगा ने कहा कि हर मामले को बोर्ड ऑफ फाइनेंस में न ले जाया जाए। शिक्षकों के हित में निर्णय लेने की कोशिश होनी चाहिए। कहा कि 1998 में पीएचडी किए हुए 250 से अधिक शिक्षक इसलिए प्रभावित हैं कि उनके प्रमोशन में आरओ ने अड़ंगा लगा रखा है। इस पर वीसी प्रो. राजकुमार ने कहा कि यह मामला प्रगति में है। पीएचडी इंक्रीमेंट पर जल्द निर्णय होगा।
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2012 तक के इम्प्लाई के लिए पुरानी पेंशन बहाल हो
पीयू कर्मचारियों के लीडर दीपक कौशिक ने कर्मचारियों के पेंशन का मामला रखा। उन्होंने कहा कि 2012 तक के इम्प्लाई के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था की प्रक्रिया बहाल हो। फिर से उनके लिए ऑप्शन खोले जाएं ताकि वह अप्लाई कर सकें। हजारों कर्मचारी इससे प्रभावित हो रहे हैं। सीनेटर ने शिक्षकों के मामले भी रखे। उनकी भी पेंशन व्यवस्था बहाली पर आश्वासन दिया गया।
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कोर्स शुरू करने से पहले देखें स्टूडेंट मिलेंगे या नहीं
पंजाब यूनिवर्सिटी
एजेंडा नंबर- 11 रखा गया। इसमें डिफेंस कोर्सेज शुरू किए जाने हैं। एक था डिजास्टर मैनेजमेंट तो दूसरा सेफ्टी एंड फायर प्रोटेक्शन मैनेजमेंट। सीनेटर ने इन्हें लागू करने का आधार मांगा। पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। सीनेटर जगवीर ने कहा कि यह कोर्स कुछ कॉलेजों में चल रहे हैं। वहां पांच-पांच स्टूडेंट ही हैं। यदि यहां भी स्टूडेंट नहीं मिले तो परिणाम ठीक नहीं आएंगे। इसके लिए फैकल्टी आदि भी तैनात होगी तो उस पर रकम खर्च होगी। संचालन कैसे होगा। बीएड कोर्स के बंद होने के भी कारण सीनेटरों ने गिनाए।
इस पर डीएसडब्ल्यू इमैनुअल नाहर ने कहा कि इन कोर्स के संचालन के लिए फैकल्टी की जरूरत नहीं होगी। ओपन लर्निंग में तैनात ही शिक्षक पढ़ाएंगे। फिलहाल फाइनल निर्णय नहीं हो पाया। इसके लिए आंतरिक कमेटी गठन की बात रखी गई जो कोर्स संचालन के बारे में रिपोर्ट देगी। इस दौरान फैकल्टी में कर्मचारियों की तैनाती का प्रस्ताव सीनेटर दीपक कौशिक ने रखा। सीनेटर रिछपाल ने सुझाव दिया कि इन कोर्स का प्रचार-प्रसार भी किया जाए। एजेंडा नंबर 12 रखा गया तो सीनेटरों ने कहा कि स्टूडेंट्स के हितों में अड़ेंगेबाजी न लगाई जाएं।
एजेंडे पर खर्च हो रहे 50 लाख रुपये, उपाय सोचा जाए
डिपार्टमेंट में लगने वाले एसी के रेट अलग होने पर आपत्तियां जताई गई। 2017 की ऑडिट रिपोर्ट पर भी सवाल खड़े किए गए। इस दौरान रीजनल सेंटर मुक्तसर भवन की बिल्डिंग के लिए दो करोड़ का बजट जारी करने की बात सीनेटर ने कही। उसकी हालत खस्ताहाल है। इस पर विचार करने का आश्वासन दिया गया। इसके अलावा सीनेटर प्रवीन ने कहा कि सिंडिकेट की बैठक का एजेंडा सीनेटरों को भी भेजा जाए ताकि सीनेट की बैठक से पहले वह भी उसे पढ़कर आ सकें। उन्होंने यह भी कहा कि एजेंडा की कॉपी पर खर्च आता है। चार मीटिंग का खर्चा 50 लाख पहुंच गया है। इसके लिए कोई ऑनलाइन व्यवस्था किए जाने की बात कही गई ताकि पीयू के बजट में बचत हो सके।
इस पर डीएसडब्ल्यू इमैनुअल नाहर ने कहा कि इन कोर्स के संचालन के लिए फैकल्टी की जरूरत नहीं होगी। ओपन लर्निंग में तैनात ही शिक्षक पढ़ाएंगे। फिलहाल फाइनल निर्णय नहीं हो पाया। इसके लिए आंतरिक कमेटी गठन की बात रखी गई जो कोर्स संचालन के बारे में रिपोर्ट देगी। इस दौरान फैकल्टी में कर्मचारियों की तैनाती का प्रस्ताव सीनेटर दीपक कौशिक ने रखा। सीनेटर रिछपाल ने सुझाव दिया कि इन कोर्स का प्रचार-प्रसार भी किया जाए। एजेंडा नंबर 12 रखा गया तो सीनेटरों ने कहा कि स्टूडेंट्स के हितों में अड़ेंगेबाजी न लगाई जाएं।
एजेंडे पर खर्च हो रहे 50 लाख रुपये, उपाय सोचा जाए
डिपार्टमेंट में लगने वाले एसी के रेट अलग होने पर आपत्तियां जताई गई। 2017 की ऑडिट रिपोर्ट पर भी सवाल खड़े किए गए। इस दौरान रीजनल सेंटर मुक्तसर भवन की बिल्डिंग के लिए दो करोड़ का बजट जारी करने की बात सीनेटर ने कही। उसकी हालत खस्ताहाल है। इस पर विचार करने का आश्वासन दिया गया। इसके अलावा सीनेटर प्रवीन ने कहा कि सिंडिकेट की बैठक का एजेंडा सीनेटरों को भी भेजा जाए ताकि सीनेट की बैठक से पहले वह भी उसे पढ़कर आ सकें। उन्होंने यह भी कहा कि एजेंडा की कॉपी पर खर्च आता है। चार मीटिंग का खर्चा 50 लाख पहुंच गया है। इसके लिए कोई ऑनलाइन व्यवस्था किए जाने की बात कही गई ताकि पीयू के बजट में बचत हो सके।
ये प्रस्ताव हुए पास
पंजाब यूनिवर्सिटी
- लाइब्रेरियन सीमा सूद को प्रमोशन देते हुए सीनियर पे स्केल में शामिल किया गया।
- असिस्टेंट प्रोफेसर स्टेज टू को प्रमोट करके असिस्टेंट प्रोफेसर थ्री किया गया।
- डिप्टी लाइब्रेरियन डॉ. जीवेश बंसल का प्रमोशन करके स्टेज फॉर में शामिल किया गया।
- यूआईएएमएस की प्रोफेसर उपासना जोशी का एक्टेंशन काल बढ़ाया गया।
- सस्पेंड सुपरिंटेंडेंट बलबीर सिंह को बहाल किए जाने का प्रस्ताव पास हुआ।
- असिस्टेंट प्रोफेसर स्टेज टू को प्रमोट करके असिस्टेंट प्रोफेसर थ्री किया गया।
- डिप्टी लाइब्रेरियन डॉ. जीवेश बंसल का प्रमोशन करके स्टेज फॉर में शामिल किया गया।
- यूआईएएमएस की प्रोफेसर उपासना जोशी का एक्टेंशन काल बढ़ाया गया।
- सस्पेंड सुपरिंटेंडेंट बलबीर सिंह को बहाल किए जाने का प्रस्ताव पास हुआ।