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20 साल बाद हरियाणा सरकार ने दी छात्रसंघ चुनाव को मंजूरी

Wed, 22 Jun 2016 12:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 22 Jun 2016 12:24 AM IST
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20 years later, State Government has approved student union elections
सीएम मनोहर लाल खट्टर - फोटो : फाइल फोटो

हरियाणा सरकार ने प्रदेश में छात्र संघ चुनाव को हरी झंडी दे दी है। सरकार ने यह चुनाव अप्रत्यक्ष (इनडायरेक्ट इलेक्शन) ढंग से करवाने का निर्णय लिया है। इसके तहत शिक्षण संस्थानों के छात्र पहले अपने क्लास रिप्रेजेंटेटिव चुनेंगे। इन क्लास रिप्रेजेंटेटिव के माध्यम से छात्र संघ के अन्य पदाधिकारियों का चुनाव होगा।

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चुनाव में किसी तरह की हिंसा न हो इसके लिए सरकार ने यह रास्ता निकाला है। सरकार का दावा है कि छात्रों की कई वर्षों से लंबित मांग को पूरा करने के लिए महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के छात्र संघों के अप्रत्यक्ष चुनाव करवाने का निर्णय लिया है।
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शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद यह खुलासा किया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से भाजपा ने चुनाव से पूर्व किए गए वादे को पूरा किया है।
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पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल के समय हरियाणा में छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगी थी। दस साल तक सूबे में कांग्रेस की सरकार रही, लेकिन छात्र संघ के चुनाव नहीं हो सके। इनसो की तरफ से भी यह मांग बार-बार की जाती रही है, जबकि भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में इस मुद्दे को शामिल किया था। पार्टी के सत्ता में आने के बाद भाजपा ने अपना वादा पूरा किया है। प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बाद लिया गया यह फैसला एक बड़ा निर्णय है।


हरियाणा में छात्र संगठन समय समय पर यह आवाज उठाते रहे हैं कि सूबे में छात्रसंघ चुनाव न होने के कारण छात्र जीवन से ही राजनीति में आने की चाहत रखने वाले युवाओं को नुकसान होता है।

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