उम्मीदः अटल-निरफ रैंकिंग में पंजाब यूनिवर्सिटी मारेगा बाजी, बेहतर अंकों के लिए चल रही तैयारी

अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 15 Jan 2020 02:50 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
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पंजाब यूनिवर्सिटी ने सरकार के सामने अपनी छवि को और बेहतर साबित करने की तैयारी की है। यह छवि सरकार की ओर से जारी होने वाली रैंकिंग के जरिये बेहतर होगी। यही कारण है कि अटल व निरफ रैंकिंग में बेहतर अंक लाने के लिए दिन रात तैयारी चल रही है। माना जा रहा है कि अटल रैंकिंग में फिर से पीयू विश्वविद्यालयों की सूची में पहले स्थान पर आ सकता है, लेकिन निरफ के लिए अधिक पसीना बहाना पड़ेगा। हालांकि पीयू प्रशासन का कहना है कि इस बार इस रैंक में भी नहीं पिछड़ेंगे।
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क्यूएस एशियन यूनिवर्सिटी रैंकिंग में पीयू ने बाजी मारी थी। इसमें 35वीं रैंक हासिल हुई। अटल रैंकिंग में पहला स्थान मिला था। रिसर्च से लेकर इनोवेशन पर पीयू ने बेहतर कार्य किया और अच्छे अंक लेकर आए। इस बार भी पीयू अपने रिसर्च प्रोजेक्ट को और तेजी से गढ़ने में लगा हुआ है। उनका इंपैक्ट फैैक्टर आदि देखा जा रहा है। विभागों की उपलब्धियों को ऑनलाइन किया जा रहा है। साथ ही इंटरनेशनल सेमिनार की जानकारियां भी तुरंत आईक्यूएसी को दी जा रही हैं ताकि कोई चीज न छूटे।
क्यूएस एशियन रैंकिंग में पहले मिला था 39वां स्थान
क्यूएस एशियन रैंकिंग का पिछला रिकॉर्ड देखें तो पीयू को देशभर के विश्वविद्यालयों की श्रेणी में 39वां स्थान मिला था। यह रैंक 291-300 ब्रैकेट के मध्य मानी जाती है। वर्ष 2017 में यह रैंक ब्रैकेट 301-350 के मध्य थी। इसकेअलावा पूर्णकालिक एमबीए को भी रैंकिंग में 15वां स्थान हासिल हुआ था। मालूम हो कि क्यूएस एशियन यूनिवर्सिटी रैंकिंग में एशिया के सैकड़ों विश्वविद्यालय शिरकत करते हैं। इसमें भारत की ओर से 78 विश्वविद्यालय शामिल हुए थे।

मापदंडों पर पीयू भी खरा उतरा। शैक्षिक दृष्टि से, शिक्षकों के बेहतर मैनेजमेंट से और स्टूडेंट्स की पढ़ाई से इस बार रैंकिंग में सुधार हुआ। रिसर्च के जरिये भी अलग पहचान बनाई। रैंकिंग में छात्रों की संख्या का भी जिक्र किया गया है। कुल छात्र 25027 दर्शाए थे। 100 अंक में से रैंकिंग निर्धारित होती है। इससे पूर्व भी क्यूएस एशिया रैंकिंग जारी हुई थी। उसमें भी एमबीए ने बाजी मारी थी। इस बार भी ऐसा ही हुआ।
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