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कोरोना की मारः पंजाब यूनिवर्सिटी की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं, 26 असिस्टेंट प्रोफेसर्स की नियुक्ति रुकी
Sat, 09 May 2020 01:51 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 09 May 2020 01:51 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
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पंजाब यूनिवर्सिटी ने इस साल की जाने वाली 26 असिस्टेंट प्रोफेसर्स की नियुक्तियों पर फिलहाल ब्रेक लगा दी है। इसका खास कारण यह है कि पीयू इस पर अभी निर्णय लेने की स्थिति में नहीं है। पीयू के पास कई काम पेंडिंग हैं। साथ ही पीयू की आर्थिक स्थिति भी दयनीय होते जा रही है। शिक्षकों की नियुक्तियों से खजाने पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। पिछले वर्ष पीयू ने 26 शिक्षकों की भर्तियां करने का निर्णय लिया था।
बाकायदा इसके लिए नियुक्तियां निकाली गई। पीयू को लगभग एक हजार आवेदन प्राप्त हुए। आवेदन जैसे ही मिले तो सिंडिकेट ने अड़ंगा लगा दिया। आरोप लगा दिया कि जो वैकेंसी निकाली गई हैं वह ठीक नहीं हैं। यानी जिन विभागों को अधिक जरूरत थी वहां रिक्तियां नहीं निकाली गईं। आखिर में सभी विभागों का रिकॉर्ड चेक करने के लिए कमेटी बनाई गई। कमेटी ने निर्णय लिया कि 26 में से 9 शिक्षकों की भर्तियां की जा सकती हैं।
जब नौ शिक्षकों की भर्तियां शुरू हुई तो उसमें भी कुछ अड़ंगा आ गया और कुछ रिक्तियां और कम कर दी गईं। कुल मिलाकर इसी पर रस्साकशी चल रही थी। मार्च 2020 आ गया। इसके बार कोरोना ने कहर बरपाना शुरू कर दिया। लॉकडाउन होते ही पीयू बंद कर दिया गया।
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अगले साल पूरी हो सकती है भर्ती की प्रक्रिया
अभी शिक्षकों की भर्ती की फाइलें पूरी तरह बंद हैं। इन्हें फिलहाल खोलने की हिम्मत पीयू के अधिकारी नहीं जुटा पा रहे हैं। कारण है कि अभी पीयू को अपना पूरा बजट देखना है। सैलरी से लेकर अन्य खर्च भी देखने हैं। सूत्रों का कहना है कि शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया अगले साल ही पूरी होगी। क्योंकि पीयू के पास अभी विद्यार्थियों के एग्जाम कराने से लेकर रिजल्ट जारी करने, नए सेेशन के लिए एडमिशन करने आदि महत्वपूर्ण काम हैं। साथ ही सिंडिकेट व सीनेट के चुनाव भी इस साल के आखिरी माह तक करवाए जाने हैं।
कर्मचारियों की भर्ती का रास्ता साफ नहीं
शिक्षकों की भर्ती के अलावा कई कर्मचारियों की नियुक्तियां भी निकालने की योजना पीयू ने बनाई थी। विज्ञापन जारी होने से एक दिन पहले रात को यह नियुक्तियों का खाका सार्वजनिक हो गया। कैसे यह बात बाहर आई। इसकी जांच अभी पूरी नहीं हुई है। जानकारों का कहना है कि अभी यह भर्तियां भी नहीं होंगी। इन भर्तियों का रास्ता अभी साफ नहीं है।
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बाकायदा इसके लिए नियुक्तियां निकाली गई। पीयू को लगभग एक हजार आवेदन प्राप्त हुए। आवेदन जैसे ही मिले तो सिंडिकेट ने अड़ंगा लगा दिया। आरोप लगा दिया कि जो वैकेंसी निकाली गई हैं वह ठीक नहीं हैं। यानी जिन विभागों को अधिक जरूरत थी वहां रिक्तियां नहीं निकाली गईं। आखिर में सभी विभागों का रिकॉर्ड चेक करने के लिए कमेटी बनाई गई। कमेटी ने निर्णय लिया कि 26 में से 9 शिक्षकों की भर्तियां की जा सकती हैं।
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जब नौ शिक्षकों की भर्तियां शुरू हुई तो उसमें भी कुछ अड़ंगा आ गया और कुछ रिक्तियां और कम कर दी गईं। कुल मिलाकर इसी पर रस्साकशी चल रही थी। मार्च 2020 आ गया। इसके बार कोरोना ने कहर बरपाना शुरू कर दिया। लॉकडाउन होते ही पीयू बंद कर दिया गया।
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अगले साल पूरी हो सकती है भर्ती की प्रक्रिया
अभी शिक्षकों की भर्ती की फाइलें पूरी तरह बंद हैं। इन्हें फिलहाल खोलने की हिम्मत पीयू के अधिकारी नहीं जुटा पा रहे हैं। कारण है कि अभी पीयू को अपना पूरा बजट देखना है। सैलरी से लेकर अन्य खर्च भी देखने हैं। सूत्रों का कहना है कि शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया अगले साल ही पूरी होगी। क्योंकि पीयू के पास अभी विद्यार्थियों के एग्जाम कराने से लेकर रिजल्ट जारी करने, नए सेेशन के लिए एडमिशन करने आदि महत्वपूर्ण काम हैं। साथ ही सिंडिकेट व सीनेट के चुनाव भी इस साल के आखिरी माह तक करवाए जाने हैं।
कर्मचारियों की भर्ती का रास्ता साफ नहीं
शिक्षकों की भर्ती के अलावा कई कर्मचारियों की नियुक्तियां भी निकालने की योजना पीयू ने बनाई थी। विज्ञापन जारी होने से एक दिन पहले रात को यह नियुक्तियों का खाका सार्वजनिक हो गया। कैसे यह बात बाहर आई। इसकी जांच अभी पूरी नहीं हुई है। जानकारों का कहना है कि अभी यह भर्तियां भी नहीं होंगी। इन भर्तियों का रास्ता अभी साफ नहीं है।