मांग : तेज हो रही पंजाब यूनिवर्सिटी को खोलने की मांग, छात्रों का सवाल-बीएचयू, जेएनयू खुल गए तो पीयू बंद क्यों
- तेज हो रही पंजाब यूनिवर्सिटी खोलने की मांग
- छात्रों का सवाल, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय खुल गए तो पीयू बंद क्यों
- चेतावनी, इस सप्ताह पीयू प्रशासन ने कैंपस खोलने पर निर्णय न लिया तो टूट जाएगा सब्र का बांध
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चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी खोलने की मांग तेज हो रही है। छात्रों का कहना है कि बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) 22 फरवरी से खुल गया। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में भी कई विषयों के लिए रास्ते खोल दिए गए। डीयू ने भी कुछ कक्षाओं को कैंपस में बुला लिया, लेकिन पीयू की ओर से कैंपस खोलने पर अभी तक कोई कदम नहीं उठाए गए।
पीयू के आक्रोशित छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर इस सप्ताह पीयू प्रशासन ने कैंपस खोलने पर निर्णय नहीं लिया तो सब्र का बांध टूट जाएगा। अब शिक्षक भी पीयू प्रशासन पर दबाव डालने लगे हैं कि कैंपस को खोल देना चाहिए।
पंजाब विश्वविद्यालय लॉकडाउन के समय से ही बंद है। इसे बंद हुए लगभग एक साल हो गया है। पढ़ाई से लेकर परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित की जा रही हैं। विश्वविद्यालयों ने यूजीसी के नियमों के मुताबिक विद्यार्थियों को कैंपस बुलाकर शिक्षा की गतिविधियां शुरू कर दीं। बीएचयू और जेएनयू के अलावा दिल्ली विश्वविद्यालय में भी उन विद्यार्थियों को बुलाया जा रहा है, जिनका कार्य सीधा भविष्य से जुड़ा है।
अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को बुलाने की प्रक्रिया फरवरी में शुरू कर दी गई थी। यह बड़े विश्वविद्यालय हैं, जिनकी रैंकिंग अच्छी है। इन विश्वविद्यालयों का मानना है कि कब तक कैंपस के ताले लगे रहेंगे। कोरोना के बचाव के साथ व्यवस्था को पटरी पर लाना होगा। इसी तरह पीयू को भी सोचना चाहिए। विद्यार्थियों को दूर रखने से कार्य लंबित होते हैं, न कि आसान। जानकारों का कहना है कि बड़े विश्वविद्यालयों से ही पीयू को सीख लेनी चाहिए। कम से कम अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को तो अब तक बुला लेना चाहिए था।
क्या कहते हैं छात्र नेता
एबीवीपी के मीडिया प्रभारी शुभम का कहना है कि देश के तमाम विश्वविद्यालय खुल गए हैं, लेकिन पीयू प्रशासन सोया हुआ है। कोरोना के नाम पर अधिक दिन तक विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय नहीं डरा पाएगा। एहतियात के साथ शिक्षण कार्य शुरू कर देना चाहिए। ऑनलाइन पढ़ाई प्रभावी नहीं है। विद्यार्थियों को भविष्य को लेकर चिंता है, लेकिन पीयू को नहीं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालय खुल गए हैं। पीयू को इनसे सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एबीवीपी इसको लेकर प्रदर्शन कर रही है जो जारी रहेगा।
एनएसयूआई के अध्यक्ष निखिल नरमेटा, आयुष आदि का कहना है कि विश्वविद्यालय अब खोला जाना चाहिए। पीयू के छात्र संगठनों ने सार्वजनिक रूप से एक मंच पर आकर भी प्रदर्शन किया है। हालांकि पीयू की ओर से योजना बनाई जा रही है, लेकिन अभी किसी प्रकार की कोई घोषणा नहीं की गई है।