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अमर उजाला इंपैक्ट: इंफोर्समेंट विंग जागा और दीवारों से हटाए गए पोस्टर, छात्र नेताओं को भी चेतावनी
Thu, 11 Jul 2019 09:28 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 11 Jul 2019 09:28 AM IST
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हटाए गए पोस्टर
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ में सेक्टर-15 से 11 के अंडरपास और सेक्टर-10 स्थित डीएवी कॉलेज की दीवारों को स्टूडेंट यूनियनों द्वारा पोस्टर से रंगने की खबर प्रकाशित होने के बाद इंफोर्समेंट विंग की नींद खुल गई। आनन-फानन में दीवारों पर चिपके पोस्टरों को हटा दिया गया। स्पेशल कमिश्नर की ओर से स्टूडेंट्स यूनियनों को आगे से ऐसा नहीं करने की चेतावनी भी दी गई है।
अगर फिर छात्र संघ चुनाव से संबंधित पोस्टर शहर की दीवारों पर स्टूडेंट्स की ओर से लगाए जाएंगे तो नगर निगम कड़ी कार्रवाई करेगा। पंजाब यूनिवर्सिटी और विभिन्न कॉलेजों में हर साल सितंबर में छात्रसं घ चुनाव आयोजित कराए जाते हैं। चुनाव में अभी दो महीने बचे हैं, चुनाव के तिथियों की घोषणा भी अभी की जानी है।
बावजूद इसके स्टूडेंट्स यूनियनों की तरफ से प्रचार शुरू कर दिया गया है। पीयू कैंपस और कॉलेजों के बाहर, कारों के ऊपर लगे पार्टियों के पोस्टर अभी से देखे जा सकते हैं। यूनिवर्सिटी और विभिन्न कॉलेजों में प्रवेश कार्यक्रम के तहत काउंसलिंग सहित अन्य जरूरी प्रक्रियाएं जारी हैं।
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काउंसलिंग प्रक्रिया में नए छात्रों को रिझाने के लिए दम-खम लगाने के बाद छात्रसंघ चुनाव उम्मीदवार प्रवेश फॉर्म भरने के नाम पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्रों की मदद में जुट गए हैं। मदद के बहाने यूनियन वोट का जुगाड़ करने में जुटे हैं।
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अगर फिर छात्र संघ चुनाव से संबंधित पोस्टर शहर की दीवारों पर स्टूडेंट्स की ओर से लगाए जाएंगे तो नगर निगम कड़ी कार्रवाई करेगा। पंजाब यूनिवर्सिटी और विभिन्न कॉलेजों में हर साल सितंबर में छात्रसं घ चुनाव आयोजित कराए जाते हैं। चुनाव में अभी दो महीने बचे हैं, चुनाव के तिथियों की घोषणा भी अभी की जानी है।
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बावजूद इसके स्टूडेंट्स यूनियनों की तरफ से प्रचार शुरू कर दिया गया है। पीयू कैंपस और कॉलेजों के बाहर, कारों के ऊपर लगे पार्टियों के पोस्टर अभी से देखे जा सकते हैं। यूनिवर्सिटी और विभिन्न कॉलेजों में प्रवेश कार्यक्रम के तहत काउंसलिंग सहित अन्य जरूरी प्रक्रियाएं जारी हैं।
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काउंसलिंग प्रक्रिया में नए छात्रों को रिझाने के लिए दम-खम लगाने के बाद छात्रसंघ चुनाव उम्मीदवार प्रवेश फॉर्म भरने के नाम पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्रों की मदद में जुट गए हैं। मदद के बहाने यूनियन वोट का जुगाड़ करने में जुटे हैं।
लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों पर चुनाव कराना बड़ी चुनौती
सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के आधार पर करवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों की पालना कभी नहीं होती। सिफारिशों के अनुसार छात्रसंघ चुनाव में खर्च सीमा महज 5 हजार रुपये है, लेकिन छात्रनेता शहर के विभिन्न सेक्टरों, जैसे सेक्टर-15, 11, 10 व कैंपस के आसपास के क्षेत्रों में हजारों रुपये के होर्डिंग्स व पोस्टर लगा देते हैं, जिसे हर साल यूनिवर्सिटी व कॉलेज अनदेखी करता है।
शहर के विभिन्न कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में स्टूडेंट यूनियन अपने पोस्टर लगाकर शहर को गंदा न करें। इसके लिए पीयू प्रशासन को भी एक पत्र लिखकर स्टूडेंट यूनियन को निर्देश जारी करने के लिए कहा जाएगा। यदि इस तरह की लापरवाही मिलती है तो संबंधित छात्र और यूनियन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- संजय कुमार झा, स्पेशल कमिश्नर, नगर निगम, चंडीगढ़
शहर के विभिन्न कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में स्टूडेंट यूनियन अपने पोस्टर लगाकर शहर को गंदा न करें। इसके लिए पीयू प्रशासन को भी एक पत्र लिखकर स्टूडेंट यूनियन को निर्देश जारी करने के लिए कहा जाएगा। यदि इस तरह की लापरवाही मिलती है तो संबंधित छात्र और यूनियन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- संजय कुमार झा, स्पेशल कमिश्नर, नगर निगम, चंडीगढ़
ये हैं लिंगदोह समिति की सिफारिशें
- उम्र सीमा यूजी में 22 वर्ष, पीजी के लिए 25 वर्ष व शोध छात्र के लिए 28 वर्ष।
- चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी।
- आपराधिक रिकॉर्ड, मुकदमा, सजा या अनुशासनात्मक कार्रवाई पर चुनाव से बैन।
- कैंपस में वॉल पेंटिंग पूरी तरह प्रतिबंधित, एक मात्र हाथ से बना फ्लैक्स लगेगा।
- सरकारी संपत्ति पर प्रचार सामग्री नहीं लगाई जा सकती है।
- चुनाव के तुरंत बाद प्रचार सामग्री संगठन को स्वयं हटानी होगी।
- कैंपस के बाहर कोई भी प्रचार सामग्री नहीं लगेगी।
- कक्षाओं में व्यवधान डाल प्रचार नहीं किया जाएगा।
- परिसर के बाहर रैली-प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा।
- राजनीतिक पार्टियां चंदा देंगी तो चुनाव रद्द होगा।
- खर्च का ब्यौरा प्रशासनिक अधिकारी को देना होगा।
- चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी।
- आपराधिक रिकॉर्ड, मुकदमा, सजा या अनुशासनात्मक कार्रवाई पर चुनाव से बैन।
- कैंपस में वॉल पेंटिंग पूरी तरह प्रतिबंधित, एक मात्र हाथ से बना फ्लैक्स लगेगा।
- सरकारी संपत्ति पर प्रचार सामग्री नहीं लगाई जा सकती है।
- चुनाव के तुरंत बाद प्रचार सामग्री संगठन को स्वयं हटानी होगी।
- कैंपस के बाहर कोई भी प्रचार सामग्री नहीं लगेगी।
- कक्षाओं में व्यवधान डाल प्रचार नहीं किया जाएगा।
- परिसर के बाहर रैली-प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा।
- राजनीतिक पार्टियां चंदा देंगी तो चुनाव रद्द होगा।
- खर्च का ब्यौरा प्रशासनिक अधिकारी को देना होगा।