फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Alumni appeal to Punjab University to Think about Students

एलुमनी बोले- हमारा भविष्य तो खराब हो गया है....कम से कम पढ़ रहे छात्रों का खराब न करें

Mon, 01 Jun 2020 02:13 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 01 Jun 2020 02:13 PM IST
विज्ञापन
Alumni appeal to Punjab University to Think about Students
Punjab University
पीयू के कैमिकल इंजीनियरिंग विभाग से एमएससी इंडस्ट्रियल केमेस्ट्री कोर्स का संचालन करने का मामला तूल पकड़ गया है। पढ़ाई कर रहे छात्रों का भविष्य बचाने के लिए अब एलुमनी मैदान में उतर आए हैं। उन्होंने पीयू से कहा है कि उनका भविष्य सरकारी सेवाओं में नहीं बन पाया, लेकिन पढ़ाई कर रहे छात्रों के भविष्य का गला न घोटें।
विज्ञापन


केमेस्ट्री विभाग से इस कोर्स का संचालन करवाएं और फाइनल ईयर के विद्यार्थियों को भी कुछ सिलेबस पढ़ाकर उन्हें ड्यूल डिग्री दी जाए। यूजीसी ने भी कई मामलों में ड्यूल डिग्री की सिफारिशें की हैं। बता दें कई वर्षों से एमएससी इंडस्ट्रियल केमेस्ट्री का संचालन कैमिकल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से किया जा रहा है।
विज्ञापन


वर्षों से छात्र पढ़ रहे हैं और पास आउट हो रहे हैं। पर इन्हें सरकारी सेवाओं में नौकरी के अवसर नहीं मिल रहे हैं। छात्रों ने यह मुद्दा कई बार उठाया, लेकिन पीयू एक कमेटी बनाने तक ही सीमित रहा। जिम्मेदार लोग कहां हैं, इसका पता नहीं है। लगातार समय बीत रहा है। छात्रों की इस समस्याओं को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो प्रकरण एलुमनी तक पहुंचा।
विज्ञापन
विज्ञापन


एलुमनी बोले- दोयम दर्जे का समझा जा रहा.. नहीं मिल रहा ठीक पैकेज
वर्ष 2017 के पास आउट एलुमनी सुखविंदर के अलावा एलुमनी रोहित सिंह, रोबिन आदि ने कहा है कि उनका सपना था कि वह किसी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर बनें, लेकिन जब डिग्री की बात आई तो उस लेवल की नहीं मिली और ख्वाब टूट गया। स्कूल में नौकरी तो कर सकते हैं, लेकिन विश्वविद्यालय या डिग्री कॉलेज में पढ़ाने के लिए वह उपयुक्त नहीं। केमेस्ट्री विभाग से डिग्री मिली होती तो उसकी वैल्यू अलग होती।

प्राइेवट सेक्टर में उन्हें दोयम दर्जे का समझा जा रहा है। पैकेज भी ठीक नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि अब तक जो छात्र पासआउट हो चुके, वह तो अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं ही, लेकिन जो पढ़ रहे हैं उनकी पीड़ा पीयू न बढ़ाए। हर छात्र को पीयू तभी पासआउट करे जब वह केमेस्ट्री से डिग्री हासिल कर ले। सबसे पहले पीयू इस कोर्स का संचालन केमेस्ट्री के अधीन करे।


विशेषज्ञ बोले- देशभर में केमेस्ट्री विभाग से हो रहा संचालन तो पीयू में उल्टा क्यों
एलुमनी से लेकर विशेषज्ञों ने भी इस बात को जायज माना। पीयू से कहा है कि पूरे देशभर में एमएससी इंडस्ट्रियल कोर्स का संचालन रसायन विज्ञान विभाग की ओर से किया जा रहा है तो पीयू में उल्टा क्यों किया गया। इंजीनियरिंग के विषय उन्हें क्यों पढ़ाए गए। इस मामले की तह तक जाकर पीयू को कार्रवाई करनी चाहिए। इस प्रक्रिया से उन पासआउट छात्रों को इस प्रक्रिया से शुकून मिलेगा, जिनको सरकारी नौकरी में आने का मौका नहीं मिल पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed