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11वीं दाखिला: कुल सीटों से पांच हजार ज्यादा ने कराया रजिस्ट्रेशन, कैसे मिलेगा सबको एडमिशन
Sun, 02 Aug 2020 12:42 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
कविता बिश्नोई, चंडीगढ़
कविता बिश्नोई, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2020 12:42 PM IST
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चंडीगढ़ के 20 सरकारी स्कूलों में 11वीं दाखिले की रजिस्ट्रेशन के लिए सिर्फ दो दिन बचे हैं, लेकिन शनिवार शाम तक सीट से 5000 ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो गए हैं। आखिरी दो दिन में आंकड़ा और बढ़ेगा। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि विभाग इतनी बड़ी संख्या में बच्चों को कहां एडजस्ट करेगा। 21 जुलाई को 11वीं कक्षा की 12500 सीट के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू की थी।
सरकारी स्कूल की एक प्रिंसिपल ने नाम नहीं लिखने शर्त पर बताया कि इसके दो कारण हैं। पहला यहां के सरकारी स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर और क्वालिटी एजुकेशन दोनों में ही अच्छे हैं। सरकारी स्कूलों की फीस ना के बराबर होती हैं। विद्यार्थी चंडीगढ़ में आईआईटी और मेडिकल एंट्रेस की तैयारी के लिए कोचिंग लेने आते हैं।
ऐसे में उनकी प्राइवेट स्कूलों को दी जाने वाली लाखों की फीस में बचत होती है और उस फीस को अपनी कोचिंग में लगाते हैं। दूसरे वो विद्यार्थी होते हैं जिन्हें चंडीगढ़ के कॉलेजों में दाखिला लेना होता है। 11वीं और 12वीं चंडीगढ़ से पढ़े विद्यार्थियों को कॉलेजों में 80 प्रतिशत तक कोटा होता हैं, जिससे विद्यार्थियों के कांपीटिशन आसान हो जाता है। इसलिए हर वर्ष बडीं संख्या में शहर के बाहर से विद्यार्थी चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में दाखिले के लिए अप्लाई करते हैं।
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सरकारी स्कूल की एक प्रिंसिपल ने नाम नहीं लिखने शर्त पर बताया कि इसके दो कारण हैं। पहला यहां के सरकारी स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर और क्वालिटी एजुकेशन दोनों में ही अच्छे हैं। सरकारी स्कूलों की फीस ना के बराबर होती हैं। विद्यार्थी चंडीगढ़ में आईआईटी और मेडिकल एंट्रेस की तैयारी के लिए कोचिंग लेने आते हैं।
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ऐसे में उनकी प्राइवेट स्कूलों को दी जाने वाली लाखों की फीस में बचत होती है और उस फीस को अपनी कोचिंग में लगाते हैं। दूसरे वो विद्यार्थी होते हैं जिन्हें चंडीगढ़ के कॉलेजों में दाखिला लेना होता है। 11वीं और 12वीं चंडीगढ़ से पढ़े विद्यार्थियों को कॉलेजों में 80 प्रतिशत तक कोटा होता हैं, जिससे विद्यार्थियों के कांपीटिशन आसान हो जाता है। इसलिए हर वर्ष बडीं संख्या में शहर के बाहर से विद्यार्थी चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में दाखिले के लिए अप्लाई करते हैं।
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शहर के सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को मिले प्राथमिकता
सेक्टर-22 जीएमएसएसएस के शिक्षक स्वर्ण सिंह कम्बोज ने बताया कि हर साल बाहर से टॉपर्स आकर 11वीं में सरकारी स्कूलों की सीट पर कब्जा कर लेते हैं। ऐसे में शुरुआत से सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी 11वीं में अपने ही स्कूल में दाखिले से वंचित रह जाते हैं। शहर के सरकारी स्कूलों में हर वर्ग के विद्यार्थी आते हैं।
इनमें कई विद्यार्थी ऐसे भी जो स्कूल के बाद पार्ट टाइम नौकरी करते हैं, इसलिए 10वीं में ज्यादा अच्छा स्कोर नहीं कर पाते। ऐसे में 11वीं में उन्हें सरकारी स्कूलों में ही दाखिले से वंचित करना गलत हैं। हमारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मांग है कि पहले सरकारी स्कूल के बच्चे को दाखिले में प्राथमिकता दी जाए। क्योंकि वह प्राइवेट स्कूलों की महंगी शिक्षा नहीं ले पाएगा।
नए बने सरकारी स्कूलों को बनाया क्वारंटीन सेंटर
इस सेशन में शिक्षा विभाग चार नए बने सरकारी स्कूल शुरू करने वाला था। ये नए स्कूल सेक्टर-12, मलोया, रायपुररानी और मक्खनमाजरा में बनाए गए हैं। लेकिन कोविड -19 के चलते शिक्षा विभाग ने ये स्कूल बिल्डिंग चंडीगढ़ प्रशासन को क्वारंटीन सेंटर बनाने के लिए दे दी है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे अगले वर्ष से इन स्कूलों को शुरू करेंगे। वहीं इस वर्ष दाखिले में विभाग दो ही काउंसलिंग करवाने के लिए बोल रहा है।
ऐसे में इतनी बड़ी संख्या रजिस्टर्ड बच्चों को विभाग कहां एडजस्ट करेगा। पिछले वर्ष भी शिक्षा विभाग की तरफ से छह काउंसिलिंग करवाने के बाद भी पहले से सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे 4000 बच्चों को सरकारी स्कूल में ही दाखिला नहीं मिला था। अगस्त में विद्यार्थियों और परिजनों के प्रदर्शन के बाद विभाग ने 4 सरकारी स्कूलों में आर्ट्स स्ट्रीम शुरू की और सातवीं काउंसलिंग करवाकर इन बच्चों को एडमिट किया।
इनमें कई विद्यार्थी ऐसे भी जो स्कूल के बाद पार्ट टाइम नौकरी करते हैं, इसलिए 10वीं में ज्यादा अच्छा स्कोर नहीं कर पाते। ऐसे में 11वीं में उन्हें सरकारी स्कूलों में ही दाखिले से वंचित करना गलत हैं। हमारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मांग है कि पहले सरकारी स्कूल के बच्चे को दाखिले में प्राथमिकता दी जाए। क्योंकि वह प्राइवेट स्कूलों की महंगी शिक्षा नहीं ले पाएगा।
नए बने सरकारी स्कूलों को बनाया क्वारंटीन सेंटर
इस सेशन में शिक्षा विभाग चार नए बने सरकारी स्कूल शुरू करने वाला था। ये नए स्कूल सेक्टर-12, मलोया, रायपुररानी और मक्खनमाजरा में बनाए गए हैं। लेकिन कोविड -19 के चलते शिक्षा विभाग ने ये स्कूल बिल्डिंग चंडीगढ़ प्रशासन को क्वारंटीन सेंटर बनाने के लिए दे दी है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे अगले वर्ष से इन स्कूलों को शुरू करेंगे। वहीं इस वर्ष दाखिले में विभाग दो ही काउंसलिंग करवाने के लिए बोल रहा है।
ऐसे में इतनी बड़ी संख्या रजिस्टर्ड बच्चों को विभाग कहां एडजस्ट करेगा। पिछले वर्ष भी शिक्षा विभाग की तरफ से छह काउंसिलिंग करवाने के बाद भी पहले से सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे 4000 बच्चों को सरकारी स्कूल में ही दाखिला नहीं मिला था। अगस्त में विद्यार्थियों और परिजनों के प्रदर्शन के बाद विभाग ने 4 सरकारी स्कूलों में आर्ट्स स्ट्रीम शुरू की और सातवीं काउंसलिंग करवाकर इन बच्चों को एडमिट किया।