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पीयूः एबीवीपी के फेसबुक पेज से लाइव हो रहे थे रजिस्ट्रार, एनएसयूआई व इनसो ने डाला अड़ंगा

Mon, 18 May 2020 03:11 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 18 May 2020 03:11 PM IST
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ABVP's Facebook page was going live to solve the problems of the students
फाइल फोटो
लॉकडाउन के कारण छात्रों के दिमाग में तमाम सवाल चल रहे हैं। परीक्षा से लेकर नए एडमिशन प्रक्रिया को लेकर वह असमंजस की स्थिति में हैं। विद्यार्थियों की इस समस्या के समाधान के लिए एबीवीपी ने रजिस्ट्रार प्रो. करमजीत सिंह को फेसबुक पेज से लाइव होने का आग्रह किया।
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तैयारी चल रहीं थी कि अचानक कुछ छात्र नेताओं ने अड़ंगा डाल दिया। विवाद न उपजे इसके लिए रजिस्ट्रार प्रो. करमजीत सिंह ने साफ कर दिया कि उनके लिए सभी स्टूडेंट एक जैसे हैं। आखिर में रजिस्ट्रार ने पीयू के फेसबुक पेज से छात्रों को लाइव होकर संदेश दिए और उनकी समस्याओं का समाधान किया।
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एबीवीपी ने इसलिए बनाया था प्रोग्राम
पीयू का एबीवीपी संगठन वर्तमान में विद्यार्थियों की कई समस्याओं को लेकर फेसबुक लाइव करवा रहा है। विषय विशेषज्ञों के जरिये छात्रों को ज्ञान बांटा जा रहा है। इसके अलावा एबीवीपी के कुछ जानकार स्टूडेंट्स भी फेसबुक लाइव कर रहे हैं। वर्तमान में लॉकडाउन से विद्यार्थियों को उनके भविष्य की चिंता सता रही है। उनके जहन में तमाम सवाल घूम रहे हैं। पीयू में एग्जाम होंगे या नहीं, नए प्रवेश की प्रक्रियाएं क्या होंगे।
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उसकी जानकारी विद्यार्थियों को कैसे मिलेगी। इन सभी सवालों का भार बढ़ा तो एबीवीपी ने रजिस्ट्रार प्रो. करमजीत सिंह से संपर्क साधा। उनसे अनुरोध किया कि फेसबुक पेज से वह लाइव आएं और छात्रों की समस्याओं का समाधान करें। रजिस्ट्रार प्रो. करमजीत सिंह ने हामी भर दी। एबीवीपी रविवार को शाम छह बजे यह लाइव करवाने जा रही थी। इससे पहले ही कुछ छात्र नेताओं ने अड़ंगा डाल दिया।

इसलिए डाला अड़ंगा.. एबीवीपी का टैग बन रहा था रोड़ा

शनिवार की देर रात पीयूसीएससी के उपाध्यक्ष राहुल ने वीसी को मेल की। कहा कि रजिस्ट्रार एबीवीपी के पेज से लाइव नहीं होने चाहिए। साथ ही उन पर कार्रवाई की जाए। इसी तरह रविवार को इनसो के चेयरमैन रजत नैन ने भी वीसी को मेल किया। कुछ एनएसयूआई के छात्र नेताओं ने भी अफसरों को मेल किया।

साथ ही कुछ नेता रजिस्ट्रार से भी मिले। रजिस्ट्रार ने उन्हें समझाया, लेकिन वह समझने की कोशिश नहीं किए। क्योंकि उनके लिए छात्रों की समस्या के समाधान से ज्यादा एबीवीपी का टैग गले की फांस बन रहा था। हालांकि रजिस्ट्रार ने पीयू के फेसबुक पेज से लाइव किया और छात्रों की समस्याओं को समाधान किया।

जानकार बोले- अड़ंगा ही न लगाएं, कुछ काम भी करवाएं
लॉकडाउन में पंजाब विश्वविद्यालय के छात्रों के सामने तमाम समस्याएं खड़ी हैं। उनका न कोर्स पूरा हुआ और न ऑनलाइन कक्षाएं ठीक से लग पाई हैं। रिजल्ट से लेकर नए एडमिशन तक की दिक्कतें हैं। इनके समाधान के लिए सभी छात्र नेताओं को एक मंच पर आना चाहिए। इसमें राजनीति जैसी कोई बात नहीं होनी चाहिए। जानकारों का कहना है कि कुछ छात्र नेता छात्रों के हितों के लिए काम नहीं करते लेकिन वह यह देखते हैं कि किस मामले में पेंच फंसाया जाए।

इस प्रकरण में भी कुछ इसी तरह हुआ है। जानकार कहते हैं कि इस फेसबुक लाइव के जरिये छात्रों का भला हो रहा था। सबसे पहले यही देखना चाहिए था। किस के अनुरोध पर काम हो रहा है इसे सेकेंडरी समझा जाना चाहिए था। छात्रों की समस्या सबसे पहले होनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया। हालांकि पीयू पेज से फेसबुक लाइव हुआ भी और छात्रों को संतुष्टि मिली भी।

क्या कहते हैं छात्र नेता

एबीवीपी के फेसबुक पेज से रजिस्ट्रार के लाइव करने की सूचना हमें मिली तो हमने इसका विरोध किया है और कई छात्रों ने भी वीसी को मेल करके इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।
- राहुल कुमार, उपाध्यक्ष, पीयूसीएससी

मैंने वीसी को मेल भेजकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। बिना अनुमति के ऐसे कैसे कोई अधिकारी फेसबुक पेज से लाइव कर सकता है। पीयू अपने पेज से लाइव करे।
- रजत नैन, चेयरमैन इनसो ऑर्गेनाइजेशन

हमारे अनुरोध पर छात्रों की समस्याओं का समाधान रजिस्ट्रार फेसबुक लाइव से करना चाहते थे, लेकिन छात्र नेताओं ने अड़ंगा लगाया है। वह खुद कुछ नहीं करवाना चाहते लेकिन अड़ंगा हर जगह लगाते हैं।
- हरीश गुर्जर, अध्यक्ष, एबीवीपी

मेरे पास एबीवीपी के कुछ कार्यकर्ता छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए फेसबुक लाइव का प्रस्ताव लेकर आए थे। छात्रों की समस्या दूर करना हमारा कर्तव्य है और छात्र हमारे लिए सभी एक जैसे हैं। कुछ छात्रों ने आपत्ति की तो हमने पीयू के पेज से लाइव किया है।
- प्रो. करमजीत सिंह, रजिस्ट्रार
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