फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   ABVP and NSUI face to face regarding exam in punjab university

पंजाब यूनिवर्सिटी में एग्जाम को लेकर एबीवीपी-एनएसयूआई आमने सामने, जानिए क्या चाहते दोनों

Tue, 26 May 2020 01:22 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Tue, 26 May 2020 01:22 PM IST
विज्ञापन
ABVP and NSUI face to face regarding exam in punjab university
सांकेतिक तस्वीर
पंजाब विश्वविद्यालय एग्जाम कराएगा या नहीं। इसका कोई पता नहीं है, लेकिन एबीवीपी व एनएसयूआई इसे लेकर अलग-अलग राय रखते हैं। दोनों अपने मतों को लेकर आमने-सामने आ गए हैं। एबीवीपी एग्जाम कराने के पक्ष में है। वहीं, एनएसयूआई सभी विद्यार्थियों को बिना एग्जाम के प्रमोट करवाने के लिए ताकत झोंक रहा है।
विज्ञापन


यही नहीं, एनएसयूआई ने देशव्यापी छात्रों की मांगों में इसे शामिल भी किया है। लॉकडाउन के कारण पीयू 22 मार्च से बंद चल रही है। उसके बाद से आज तक क्लास वर्क नहीं हुआ है। स्टूडेंट्स को संबंधित शिक्षक ऑनलाइन शिक्षा दे रहे हैं। इसमें कुछ विद्यार्थियों को लाभ मिल रहा है तो कुछ को नहीं। लगभग 30 फीसदी स्टूडेंट्स तक ऑनलाइन कक्षाएं नहीं पहुंच पाई हैं। हजारों विद्यार्थियों को चिंता सता रही है कि एग्जाम वह कैसे देंगे।
विज्ञापन


यदि पूरा सिलेबस एग्जाम में दे दिया गया तो दिक्कतें होंगी और उनका परिणाम प्रभावित हो जाएगा। इसके अलावा अन्य चिंताएं भी हैं। वहीं, दूसरी ओर उन विद्यार्थियों को चिंता सता रही है, जिनको पिछले सेमेस्टर या पिछली परीक्षाओं में किन्हीं कारणों से कम अंक मिले हैं। उनका तर्क है कि यदि बिना एग्जाम के प्रमोट किया गया और पिछला प्रदर्शन देखकर अंक दिए गए तो उनका भविष्य खतरे में आ जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


संकट दोनों प्रकार के विद्यार्थियों के सामने है। इन समस्या का समाधान पीयू को करना चाहिए, लेकिन अब तक पीयू का रुख किसी को पता नहीं लगा। सूत्रों का कहना है कि पीयू में भी 40 फीसदी लोग ऐसे हैं, जो एग्जाम न करवाने के पक्ष में हैं और बाकी एग्जाम के पक्षधर हैं।

छात्रों की समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में वह एबीवीपी, एनएसयूआई आदि छात्र संगठनों को फोन कर रहे हैं। इसे देखते हुए एनएसयूआई ने देशभर के छात्रों की परीक्षा न करने की मांग रखी है। उनका कहना है कि आईआईटी आदि में भी बिना एग्जाम के छात्रों को प्रमोट किया जा रहा है। विश्वविद्यालयों में भी किया जाए, लेकिन एबीवीपी इसके उलट है। वह चाहती है कि कुछ न कुछ एग्जाम के रूप में होना चाहिए।

एग्जाम कार्यक्रम बनाते समय छात्र नेताओं को भी कमेटी में शामिल करे
छात्र संगठनों का कहना है कि पीयू एग्जाम कार्यक्रम बनाने में जुटा है, लेकिन उसके बाद जब वह कार्यक्रम सार्वजनिक होगा तो तमाम अड़चनें आएंगी। ऐसे में छात्र संगठनों के अध्यक्षों को पहले ही इस कार्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए ताकि छात्रों की समस्याओं आदि को सामने रखा जा सके और बाद में विरोध न हो सके।

हम चाहते हैं कि एग्जाम के नाम पर पीयू असाइनमेंट आदि ले और उसी के आधार पर अंक देकर छात्रों को प्रमोट करे। छात्रों को यह महसूस हो सके कि उन्होंने एग्जाम दिया। पीयू एग्जाम को लेकर अपना रुख साफ करे ताकि छात्रों की समस्याएं हल हो सकें।

- हरीश गुर्जर, अध्यक्ष एबीवीपी

पीयू छात्रों की समस्याओं को बढ़ा रहा है। अब तक परीक्षा के बारे में नहीं बताया गया। हम चाहते हैं कि पिछले प्रदर्शन को देखते हुए विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रमोट कर दिया जाए। इस प्रक्रिया से छात्र भी सुरक्षित रहेंगे।
- निखिल नरमेटा, अध्यक्ष एनएसयूआई
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed