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अमर उजाला इंपैक्टः पंजाब यूनिवर्सिटी में 80 फीसदी पेड़ हुए कंक्रीट मुक्त, अब पेड़ ले सकेंगे सांस

Thu, 26 Dec 2019 02:48 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Thu, 26 Dec 2019 02:48 PM IST
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punjab university trees are now concrete-free to take breath
कंक्रीट मुक्त पेड़ - फोटो : अमर उजाला
पंजाब विश्वविद्यालय के 80 फीसदी पेड़ों को कंक्रीट से मुक्ति मिल गई। 20 फीसदी काम बाकी है, उस पर भी तेजी से काम हो रहा है। एक से दो माह में वह भी पूरा हो जाएगा। अमर उजाला ने पेड़ों की जड़ों में डाले गए कंक्रीट की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो उसके बाद पर्यावरण प्रेमियों ने आंदोलन खड़ा कर दिया। पीयू के ही कई शिक्षकों ने आवाज उठाई और धरना तक दिया। आखिरकार पीयू को निर्णय लेना पड़ा।
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पीयू में 4000 हजार से अधिक पेड़ हैं। कुछ सड़क किनारे तो कुछ विभागों के बाहर लगे हैं। पीयू ने ब्यूटीफिकेशन के नाम पर इन पेड़ों के चारों ओर ईंटें लगा दी तो कहीं पर पत्थर। कुछ जगह सड़क भी बना दी। इसके कारण पेड़ों को नुकसान हो रहा था। तमाम पेड़ सूख भी गए। इस मामले को प्रमुखता से उठाया गया तो पीयू प्रशासन जागा और इसके लिए कमेटी बनाई गई। कमेटी ने निर्णय लिया कि पेड़ों के चारों ओर लगे कंक्रीट को हटाया जाए, क्योंकि पेड़ों के सूखने के एक कारण में कंक्रीट भी बनते हैं।
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पानी छोटे पेड़ों की जड़ों तक नहीं पहुंच पाता है। इन पेड़ों की जड़ें भी खुलकर सांस नहीं ले पातीं। इसी को ध्यान में रखकर सभी पेड़ों के चारों ओर कंक्रीट हटाने का कार्य तेजी से चल रहा है लेकिन सवाल यह भी उठ रहा है कि ब्यूटीफिकेशन के नाम पर पेड़ों का गला क्यों घोटा गया? इसके लिए विशेषज्ञों की राय क्यों नहीं ली गई? लाखों रुपये कंक्रीट व ईंटें लगाने पर क्यों खर्च किए गए? इसका जवाब किसी के पास नहीं है। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि इस रकम की वसूली जिम्मेदार लोगों से की जाए।
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