‘70 से 80 स्टूडेंट्स के फाइन से नहीं भरेगा पंजाब यूनिवर्सिटी का खजाना, तो इसे माफ किया जाए’

अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 21 May 2020 01:08 PM IST
विज्ञापन
Punjab University
Punjab University
ख़बर सुनें
पंजाब विश्वविद्यालय की ओर से निकाले गए लेट फीस के नोटिस को लेकर छात्र संगठनों में अभी भी आक्रोश है। पीयू लेट फीस के साथ फाइन ले रहा है, जबकि फीस न जमा करने वाले अधिकांश स्टूडेंट्स गरीब हैं। इन विद्यार्थियों का फाइन माफ करवाने के लिए छात्र संगठन सामने आए हैं। उन्होंने पीयू से मेल भेजकर यह कहा है कि ऐसे विद्यार्थियों की संख्या 70 से 80 ही होगी। इन विद्यार्थियों से फाइन वसूलने से पीयू का खजाना तो नहीं भरेगा, लेकिन गरीब विद्यार्थियों की पीड़ा लॉकडाउन में पीयू और बढ़ा देगा।
विज्ञापन

पीयू ने कुछ दिन पहले एग्जामिनेशन शुल्क जमा करने का नोटिस निकाला था जो लेट फीस के साथ था। ऐसे विद्यार्थियों की संख्या बमुश्किल 80 तक मानी जा रही है। इसमें भी अधिकांश विद्यार्थी ऐसे हैं जिन्होंने मार्च में ही फीस जमा कर दी थी, लेकिन 22 मार्च को लॉकडाउन लगने के कारण यह विद्यार्थी संबंधित विभागों में फार्म जमा नहीं कर पाए थे।
अब इन्हें भी फाइन के साथ फीस जमा करने के लिए कहा गया है। तभी यह विद्यार्थी परीक्षा में बैठ पाएंगे। पीयू का यह नोटिस निकला तो पहले विद्यार्थियों ने पीयू से स्पष्टीकरण मांगा कि यह तय करें कि पीयू परीक्षा करवाएगा या नहीं। छात्रों ने पीयू पर दबाव बनाया, लेकिन इस पर बात नहीं बनी। पीयू का कोई भी अधिकारी यह बात साफ नहीं कर पाए कि एग्जाम लेंगे या नहीं।
फीस न जमा करने वाले और फार्म न जमा करने वाले विद्यार्थियों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। लॉकडाउन के कारण उनके परिवार की आर्थिक स्थिति और कमजोर हो गई। ऐसे में लेट फीस जमा करना उनके लिए भारी पड़ रहा है। इन विद्यार्थियों ने छात्र नेताओं को फोन करके दिक्कतें बताईं। एनएसयूआई अध्यक्ष निखिल नरमेटा ने परीक्षा नियंत्रक को मेल भेजा है और इन विद्यार्थियों की पूरी समस्या से अवगत कराया है।

उन्होंने कहा है कि इन विद्यार्थियों से फीस शुल्क के साथ फाइन न लिया जाए और जो विद्यार्थी विभागों में फार्म न जमा कर पाए हों, उनका फाइन भी माफ किया जाए।
उनके अलावा एबीवीपी अध्यक्ष हरीश गुर्जर ने भी यह प्रकरण उठाया है। इनके अलावा आइसा, इनसो भी चाहता है कि इन विद्यार्थियों को राहत मिले। छात्रों ने साफ कहा है कि पीयू गरीब विद्यार्थियों के हित में निर्णय ले। लॉकडाउन में उन्हें सपोर्ट किया जाए। वहीं पीयू इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। हालांकि छात्रों को उम्मीद है कि इस पर जल्द ही परीक्षा नियंत्रक कार्यालय निर्णय लेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us