फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   62 thousand seats to be increased in punjab university and 196 colleges

खुशखबरीः पंजाब यूनिवर्सिटी व संबद्ध 196 कॉलेजों में बढ़ेंगी 62 हजार सीटें, लागू होगा स्वर्ण आरक्षण

Thu, 26 Dec 2019 02:42 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Thu, 26 Dec 2019 02:42 PM IST
विज्ञापन
62 thousand seats to be increased in punjab university and 196 colleges
पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस - फोटो : file photo
पिछले साल शुरू हुआ सवर्ण आरक्षण नए साल में पीयू और उससे संबद्ध 196 कॉलेजों में लागू होगा। जैसे ही लागू होगा तो 62 हजार सीटें इन शिक्षण संस्थानों में बढ़ जाएंगी। तमाम विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। हालांकि, पहले शिक्षण संस्थान अपने यहां शिक्षकों का बंदोबस्त करेंगे और अन्य सुविधाएं मुहैया कराने की भी योजना बनाएंगे।
विज्ञापन


केंद्र सरकार ने सवर्णों के लिए 10 फीसदी आरक्षण का प्रावधान पिछले साल किया था। उसी के मुताबिक शिक्षण संस्थानों में भी इन विद्यार्थियों के लिए सीटें बढ़ाई जानी थीं। यूजीसी का भी फरमान पीयू के पास पहुंचा। पीयू ने आगे की तैयारी शुरू की और बैठक की। कहा कि विश्वविद्यालय 10 फीसदी व कालेज 25 फीसदी सीटें बढ़ाएंगे।
विज्ञापन


सीटें बढ़ाने के लिए सभी संस्थान तैयार थे, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर न होने के कारण यह प्रस्ताव परवान नहीं चढ़ सका। प्रस्ताव रखा गया कि शिक्षकों की काफी कमी है। यदि सीटें बढ़ा दी गईं तो शिक्षकों पर अतिरिक्त भार आएगा और शिक्षण कार्य प्रभावित होगा। इसके लिए शिक्षकों की व्यवस्था पहले की जाए और विद्यार्थियों के बैठने के लिए भी अलग से व्यवस्था होनी चाहिए। इस प्रस्ताव पर सभी ने मुहर लगा दी। चालू वर्ष में इसका लाभ नहीं दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब नए साल में यह सवर्ण आरक्षण लागू होगा। इसकी तैयारी पंजाब विश्वविद्यालय कर रहा है। नए शैक्षिक सत्र से सीटें बढ़ाई जाएंगी। सूत्रों का कहना है कि पीयू व कॉलेजों में सीटें 62 हजार बढ़ेंगी तो इन्हें पढ़ाने के लिए 1500 से 2000 शिक्षकों की जरूरत पड़ेगी। इसी तरह कर्मचारियों का भार भी बढ़ेगा।

ऐसे में 950 से अधिक कर्मचारियों की जरूरत महसूस होगी। साथ ही विद्यार्थियों के बैठने के लिए फर्नीचर व भवनों की व्यवस्था की जानी है। स्वीकृत पदों की संख्या को भी बढ़ाना पड़ेगा। इतनी बड़ी संख्या में तो एक साथ व्यवस्था करना संभव नहीं दिख रहा लेकिन धीरे-धीरे व्यवस्था दुरुस्त किए जाने के वायदे किए जा रहे हैं।


सूत्रों का कहना है कि प्रथम चरण में पीयू व कुछ कॉलेजों में सीटें बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी। वहां व्यवस्था बेहतर चलती है तो फिर अन्य कॉलेजों में शुरू कर दी जाएगी। यदि एक साथ वजन बढ़ता है तो शिक्षा गुणवत्ता से लेकर कई चीजें प्रभावित होंगी। इसका असर फिर रैंकिंग पर पड़ेगा। साथ ही रिजल्ट भी प्रभावित हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed