फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   up board books are being sold on high rate

रुपये 200 में मिल रही रुपये 68 की किताब

Sat, 16 Apr 2016 02:13 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Sat, 16 Apr 2016 02:13 PM IST
विज्ञापन
up board books are being sold on high rate
अधिक कीमत में मिल रही हैं किताबें - फोटो : demo pic

यूपी बोर्ड के अधिकृत प्रकाशकों की किताबें बाजार से गायब करके अभिभावकों की जेब पर डाका डाला जा रहा है। ये उदाहरण केवल तीन विषय की किताबों का है। 

विज्ञापन


यूपी बोर्ड में अधिकृत प्रकाशकों की किताबें में बाजार में नहीं हैं। दूसरी ओर निजी प्रकाशकों की किताबें बाजार में उपलब्ध हैं पर उनकी कीमत तीन गुने से ज्यादा है। अधिकृत प्रकाशकों की किताबें बाजार में न होने की वजह से अभिभावक महंगी किताबें खरीदने को मजबूर हैं। 
विज्ञापन


इसके बावजूद इस ओर सरकारी अमला कोई ध्यान नहीं दे रहा है।यूपी बोर्ड का नया सत्र एक अप्रैल से शुरू हो गया है लेकिन अधिकृत प्रकाशकों की किताबें बाजार में नहीं हैं। इसकी वजह से अभिभावक निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीद रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सभी विषयों का सिलेबस तय कर रखा है। इसके बावजूद कोई प्रकाशक उसे 100 पेज में छापता है तो कोई 200 में। पन्नों की संख्या और कागज की क्वालिटी के नाम पर निजी प्रकाशक किताबों के मनमान रेट वसूलते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed