आईसीएसई में ट्राईसिटी के टॉपर्स से मिलिए और जानिए उनकी सफलता के मंत्र। ये हैं शिवम गोयल, ट्राईसिटी बेस्ट टॉपर स्टूडेंट। बकौल शिवम, न तो मैंने कभी ट्यूशन किया और न ही किसी की हेल्प ली। बस स्कूल से मिले होमवर्क को करता गया और नतीजा सामने है। यह है आईसीएसई बोर्ड की दसवीं कक्षा की परीक्षा के ट्राईसिटी बेस्ट टॉपर स्टूडेंट शिवम गोयल। शिवम के आईसीएसई बोर्ड की परीक्षा में 98.4 फीसदी अंक हैं। शिवम का सक्सेस मंत्रा है स्कूल में जाने से पहले एक बार चैप्टर पढ़ना, स्कूल में चैप्टर को ध्यान से पढ़ना और घर आकर होमवर्क करना। शिवम पंचकूला के लिटिल फ्लावर कांवेंट स्कूल के स्टूडेंट हैं। शिवम के पिता संजय गोयल कपड़े के व्यापारी हैं और मां कंचन गोयल हाउस वाइफ हैं। शिवम खुद पढ़ने के साथ ही छोटे भाई राघव को भी गाइड करते हैं। शिवम गणित के माहिर हैं और एबेकस में वर्ष 2003 से लेकर 2011 तक टॉपर रहे हैं।
मिलिए आईसीएसई के टॉपर स्टूडेंट्स से, जानिए सफलता के मंत्र
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शिवम गोयल का लक्ष्य अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनना है
आईआईटी करने के बाद बनूंगा साइंटिस्ट: शिवम गोयल ने कहा कि उनका लक्ष्य अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनना है। उन्होंने कहा कि गणित उनका प्रिय विषय है। वह ज्यादा समय डिस्कवरी चैनल और हिस्ट्री चैनल को देखने में व्यतीत करते हैं। उन्होंने कहा कि उनको स्पेस में भी काफी रुचि है।
यह हैं मार्क्स: गणित 100, साइंस 99, कंप्यूटर 120, हिंदी 97, अंग्रेजी 94, जियोग्राफी, सिविक्स और हिस्ट्री-99
मेडिकल की ट्राइसिटी टॉपर युक्ता शर्मा
मन लगाकर पढ़ो, मन में यह तय करें कि इस पाठ को याद करके उठना है तो आगे बढ़ने में कोई दिक्कत नहीं होगी। यह कहना है मेडिकल की ट्राइसिटी टॉपर युक्ता शर्मा का। युक्ता शर्मा सेंट जेवियर स्कूल की छात्रा है। युक्ता कहती है कि हमेशा किताब लेकर बैठे रहना दिखावा है। डेली का काम करें। टीचर जो बताती हैं उसी को पढ़े। जब भी पढ़ें मन लगाकर पढ़ें। युक्ता का कहना है कि वह डॉक्टर बनना चाहती है।
अपना बिजनेस करना है निमिक्षा महाजन का सपना
स्ट्राबेरी फील्ड्स स्कूल की निमिक्षा महाजन ने कामर्स में 94.75 अंकों के साथ टॉप किया है। निमिक्षा ने बताया कि वह बड़े स्तर पर बिजनेस करना चाहती है। आगे वह इंटरनेशनल बिजनेस की ही पढ़ाई करेगी। निमिक्षा ने बताया कि उसकी शुरू से ही बिजनेस में रुचि रही है। इसलिए कामर्स की पढ़ाई की। उसने कई बड़े बिजनेसमैन की जीवनी भी पढ़ी है। महाजन ने बताया कि वह जिस चीज को करने में लग जाती है फिर उसे करके ही मानती है। पढ़ाई में भी जो चैप्टर शुरू कर लेती थी उसे खत्म करके ही उठती हैं। फिर चाहे कई घंटे और लगाने पड़े।
आर्ट्स में टॉप करने वाली सरगुन
98 प्रतिशत अंकों के साथ आर्ट्स में टॉप करने वाली स्ट्राबेरी फील्ड्स की सरगुन ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय संबंध से जुड़ी शिक्षा ग्रहण करना चाहती है। इसी लाइन में वह अपना करियर बनाना चाहती हैं। सरगुन ने बताया कि मुंबई यूनिवर्सिटी से पहले बीए करेंगी। उसके बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी करेंगी। सरगुन ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और स्कूल टीचर्स को दिया। सरगुन ने बताया कि उसने कहीं कोचिंग नहीं ली। खुद पढ़ाई की। फोकस हमेशा गुणवत्ता युक्त शिक्षा लेने पर रहता था। अपने जूनियर्स को टिप्स देते हुए सरगुन ने बताया कि कभी भी स्ट्रेस लेकर नहीं पढ़ना चाहिए। शिक्षक जो भी पढ़ाएं उस पर ध्यान दें। प्रैक्टिकल नॉलेज लेना उद्देश्य रहना चाहिए।