फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   tension on dalit teachers training in swami shradhanand college

कोटे के शिक्षकों की ट्रेनिंग की बात पर स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज में तनाव

Sun, 24 Apr 2016 10:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 24 Apr 2016 10:32 AM IST
सार

  • कॉलेज प्रबंध समिति की 27 अप्रैल की बैठक में लाया जा रहा प्रस्ताव
  • वही एक अन्य दलित शिक्षक ने हिंदू कॉलेज प्रशासन पर लगाया प्रताड़ना का आरोप

विज्ञापन
tension on dalit teachers training in swami shradhanand college

विस्तार

स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज में कोटे के शिक्षकों की ट्रेनिंग कराने के कथित प्रस्ताव के चलते कॉलेज का माहौल गर्मा गया है। कई शिक्षक इसके विरोध में उतर आए हैं। अभी इस तरह की कोई बात सामने नहीं आई है मगर कहा जा रहा है कि 27 अप्रैल को होने वाली कॉलेज प्रबंध समिति की बैठक में ऐसा प्रस्ताव लाया जा रहा है।

विज्ञापन


श्रद्धानंद कॉलेज में एससी - एसटी - ओबीसी फोरम फॉर टीचिंग एंड नॉन टीचिंग स्टाफ ने बैठक के एजेंडे की जो प्रति मुहैया कराई है उसमें ट्रेनिंग की बात भी है, जिसपर फोरम ने कड़ी आपत्ति जताई है।
विज्ञापन


शिक्षकों का कहना है कि इस तरह से कोटे के शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता पर प्रश्न चिन्ह लगाया जा रहा है। कॉलेज के प्रिंसिपल पंकज भान ने स्वीकार किया कि एजेंडे में कोटे के शिक्षकों को एजूकेशन देने की बात शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर सूरज यादव का कहना है कि समिति कोषाध्यक्ष की ओर से लाया जा रहा है यह प्रस्ताव काफी हैरान करने वाला है। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक नेट पास व पीएचडी होते हैं। उनकी नियुक्ति में सभी प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है। उनकी ट्रेनिंग कराने की बात कहना बड़ा ही अजीब है।

‘दलित हूं इसलिए मजबूर कर रहे हैं’ 

tension on dalit teachers training in swami shradhanand college

इधर हिंदू कॉलेज के एक शिक्षक ने कॉलेज प्रशासन पर आरोप लगाया है कि दलित होने के कारण उन्हें तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर घर खाली करने के लिए मजूबर किया जा रहा है। इतिहास विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रतनलाल का आरोप है कि उन्हें घर से निकालने की साजिश की जा रही है।

वह बीते कई वर्षों से कॉलेज परिसर में आवंटित घर में ही रहते हैं। अब बीते छह माह से उन पर घर खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है। कॉलेज परिसर में स्थित उनके घर के ठीक पास कंपोस्ट प्लांट के नाम पर 20 फीट चौड़ा व 20 फीट लंबा और 12 फीट गहरा गड्ढा बनाया गया है।

इसमें बड़ी संख्या में सूखी पत्तियां डाली जा रही हैं। पास ही में केमिस्ट्री लैब और स्टोर रूम है। यदि कोई केमिकल रिएक्शन होता है तो वहां आग लग सकती है। ऐसे में उन्हें डर है कि उनका परिवार इसकी चपेट में आ सकता है। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से भी की है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed