पीयू सिंडीकेट की बैठक में हंगामा, धांधली के आरोप में घिरे डीएसडब्ल्यू
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पंजाब यूनिवर्सिटी में रविवार को आयोजित सिंडीकेट की बैठक के अंदर और एडमिन ब्लॉक के बाहर जमकर बवाल हुआ। बैठक में सिंडीकेट के सदस्यों ने पीयू के अधिकारियों को सामान खरीद में धांधली का आरोप लगाकर घेरा। वहीं, बाहर स्टूडेंट्स यूनियन ने सिंडीकेट और सीनेट में आरक्षण के मुद्दे पर पुतला जलाया। बवाल इतना बढ़ गया कि वीसी विरोधी खेमा मीटिंग से वॉकआउट कर गया।
वीसी अरुण कुमार ग्रोवर के विरोधी खेमे ने डीएसडब्ल्यू को हॉस्टल के लिए वॉटर कूलर, एसी इत्यादि सामान की खरीद में धांधली का आरोप लगाते हुए घेरा। इस मामले में दोनों के बीच जमकर बहस हुई। करीब तीन घंटे तक चली बहस की भेंट सिंडीकेट के बहुत से प्रस्ताव चढ़ गए। सिंडीकेट के सदस्यों ने किस कंपनी से कितना सामान खरीदा, इसका जवाब मांगा। बहस को विराम देने के लिए सिंडीकेट ने इस मामले की रिपोर्ट चीफ विजिलेंस ऑफिसर के पास भेजने का फैसला लिया।
डीकेट ने पीयू के एफिलिएटेड पंजाब स्थित मोगा, मुक्तसर और फिरोजपुर स्थित कॉलेजों में प्रिंसिपल की नियुक्ति का प्रस्ताव भी पारित कर दिया। पंजाब यूनिवर्सिटी की गवर्निंग बॉडी की रिप्रजेंटेशन को लागू करने केलिए गठित की गई सब-कमेटियों के सुझावों पर विचार करने पर भी सिंडीकेट में सहमति बनी। पीयू सिंडीकेट ने डा. उर्मी केसार के परिवार को 21 लाख रुपये की मदद दिए जाने के फैसले की सराहना की।
बैठक में 1984 दंगा पीड़ितों को दो फीसदी आरक्षण दिए जाने का मामला विचार केलिए दूसरी कमेटी को भेजने का फैसला लिया गया। सिंडीकेट ने आरक्षण के मुद्दों को दूसरी कमेटी के पास भेजने पर अपनी सहमति जता दी। पीयू सिंडीकेट ने रेगुलेशन कमेटी की बहुत सी सिफारिशों को भी मंजूरी दे दी।
28 मई को दोबारा होगी सिंडीकेट बैठक रविवार को आयोजित हुई सिंडीकेट में अधिकतर प्रस्ताव बहस और गहमागहमी की भेंट चढ़ गए। अब बाकी बचे सभी प्रस्तावों पर 28 मई को आयोजित होने वाली सिंडीकेट की बैठक में चर्चा होगी। इससे पहले 1 मई को आयोजित हुई बैठक में भी सभी प्रस्तावों पर चर्चा नहीं हो पाई थी।
स्टूडेंट्स यूनियन ने किया प्रदर्शन
पंजाब यूनिवर्सिटी के एडमिन ब्लॉक में चल रही सिंडीकेट मीटिंग के बाहर रविवार को स्टूडेंट्स फॉर सोसायटी (एसएफएस) ने कई स्टूडेंट्स यूनियन के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। इस दौरान यूनियन के पदाधिकारियों ने पुतला फूंककर विरोध जताया।
स्टूडेंट्स यूनियन के सदस्यों ने सिंडीकेट और सीनेट में आरक्षण के मुद्दे पर मीटिंग होने से पहले नारेबाजी की। यूनियन के पदाधिकारी कई घंटे तक एडमिन ब्लॉक के बाहर ही जमे रहे। स्टूडेंट्स को रोकने के लिए पीयू सिक्योरिटी के अलावा पुलिस भी मौके पर तैनात रही। कई बार स्टूडेंट्स और सिक्योरिटी के बीच गहमागहमी हुई। एसएफएस के साथ एएसए और एनवाईए ने भी अपना विरोध जताया।