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गोरखपुर विश्वविद्यालय के गेट पर छात्र-छात्राओं ने किया सावित्रीबाई फुले को नमन
Fri, 03 Jan 2020 07:24 PM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Fri, 03 Jan 2020 07:24 PM IST
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भारत की प्रथम महिला शिक्षिका के जन्म दिवस के अवसर पर छात्र संगठन के छात्र-छात्राओं ने किया नमन।
- फोटो : अमर उजाला
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भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले के जन्म दिवस के अवसर पर ASUR (अम्बेडकरइट स्टूडेंट यूनियन फ़ॉर राइट्स) छात्र संगठन के छात्र-छात्राओं ने गोरखपुर विश्वविद्यालय के गेट पर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम का नेतृत्व एवं संचालन कर रहे ASUR के जिला संयोजक मंजेश कुमार ने कहा कि महिलाओं तथा किसानों के लिए सबसे पहला विद्यालय खोलने वाली सावित्रीबाई फूले ही वास्तविक शिक्षा की देवी हैं। आज देश की महिलाएं और पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक वर्ग के लोग यदि शिक्षा पा रहे है तो उनमें सावित्री बाई फुले का बहुत बड़ा योगदान है, समाज मे दिया गया उनका योगदान अतुलनीय है, महिलाएं, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यको के हित मे किया गया उनका योगदान कभी भुलाया नही जा सकता।
उन्होंने बताया कि विद्यालय और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में बहुजन महापुरुषों को बिल्कुल भी स्थान नही दिया गया है, जो कि बहुत ही शर्मनाक है, आज देश की एक बहुत बड़ी आबादी पाठ्यक्रमो में बहुजन महापुरुषों का इतिहास न पढ़ाये जाने के कारण देश, समाज मे दिए गए बहुजन महापुरुषों के योगदान से बिल्कुल अनभिज्ञ है।
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ASUR छात्र संगठन की महिला कार्यकरणी सदस्य प्रियंका कुमारी ने बताया कि आज हम और हमारे जैसे तमाम लड़कियां चाहे वो किसी धर्म, जाति या समुदाय से सम्बंधित हो उन सबको माता सावित्री बाई फुले पर नाज है क्योंकि उन्होंने ही समाज मे पुरुषवादी मानसिकता से लड़कर, तमाम यातनाएं सह कर हम महिलाओं के लिए शिक्षा का द्वार खोला है।
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कार्यक्रम का नेतृत्व एवं संचालन कर रहे ASUR के जिला संयोजक मंजेश कुमार ने कहा कि महिलाओं तथा किसानों के लिए सबसे पहला विद्यालय खोलने वाली सावित्रीबाई फूले ही वास्तविक शिक्षा की देवी हैं। आज देश की महिलाएं और पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक वर्ग के लोग यदि शिक्षा पा रहे है तो उनमें सावित्री बाई फुले का बहुत बड़ा योगदान है, समाज मे दिया गया उनका योगदान अतुलनीय है, महिलाएं, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यको के हित मे किया गया उनका योगदान कभी भुलाया नही जा सकता।
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उन्होंने बताया कि विद्यालय और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में बहुजन महापुरुषों को बिल्कुल भी स्थान नही दिया गया है, जो कि बहुत ही शर्मनाक है, आज देश की एक बहुत बड़ी आबादी पाठ्यक्रमो में बहुजन महापुरुषों का इतिहास न पढ़ाये जाने के कारण देश, समाज मे दिए गए बहुजन महापुरुषों के योगदान से बिल्कुल अनभिज्ञ है।
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ASUR छात्र संगठन की महिला कार्यकरणी सदस्य प्रियंका कुमारी ने बताया कि आज हम और हमारे जैसे तमाम लड़कियां चाहे वो किसी धर्म, जाति या समुदाय से सम्बंधित हो उन सबको माता सावित्री बाई फुले पर नाज है क्योंकि उन्होंने ही समाज मे पुरुषवादी मानसिकता से लड़कर, तमाम यातनाएं सह कर हम महिलाओं के लिए शिक्षा का द्वार खोला है।
हम महिलाएं सदैव ही उनके अथक परिश्रम की ऋणी रहेंगी
संपूर्ण कार्यक्रम में प्रियंका कुमारी, नेहा मौर्य, नंदिनी, ज्योति, मंजेश कुमार, ईश कुमार, ईश्वर कुमार, अमित सिंघानिया, सुधीराम रावत, पृथ्वी सिंह, योगेंद्र प्रताप, सुरेंद्र बाल्मीकि, लक्ष्मण कुमार, चन्द्रपाल सिद्धार्थ, सचिन कुमार मीडिया प्रभारी, राविन कुमार, अजय कुमार, अवनीश कुमार, ईश कुमार, अनुराग निषाद,सुमित कुमार, अखिल प्रताप, नीलेश कुमार, शांतनु यादव, रोहित राव, अनूप यादव ईश्वर, सतेंद्र प्रताप, संदीप कुमार समेत कई छात्र छात्राएं मौजूद रहे।